दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट वितरण को लेकर 2 बड़े नेताओं में आपसी मतभेद साफ नजर आए।
एक नेता जी नरोत्तम मिश्रा को टिकट देना चाहते थे। उनकी तरफ से सब क्लियर था। जबकि दूसरे बड़े नेता जी ऐसा नहीं चाहते थे।
दूसरे बड़े नेता जी ने एक संगठन एक बड़े पदाधिकारी को फोन कर कहा कि दतिया से कोई उम्मीदवार ढूंढिए। फिर आशुतोष तिवारी जी को टिकट दे दिया गया।
@Kabir81932933@Advait_Prashant तुम्हारे पूर्वजो के जन्म के पहले से मनाया जाता हैं यह त्योहार और तुमको बनावटी लगता है। ऐसी कमेंट करते शर्म आनी चाहिए था....
भाई! जिसे देखो वही धमकी देता है, बिना पैसा दिए BPL के उचित सदस्य को बिना Rs. 30000/- नहीं देने पर नाम वार्ड सदस्य ने कटवा दिया, अपने जात बिरादरी को पूर्ण संपन्न होने के बावजूद पास करवा दिया. क्या हो रहा है? क्या वार्ड सदस्य सरकार तो नहीं चलवा रही. पूर्वा, हाजीपुर, वैशाली
अगर चोरी नहीं हो तो जल नल योजना ऐसा भी हो सकता है, जिसका उदाहरण यह तस्वीर है, यह फोटो मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड का है।मैं उन जन प्रतिनिधि को दिखाने के लिये पोस्ट कर रहा हु जो भ्रष्ट है आप मे मर्द वाली दम है तो ऐसा बना कर दिखाय नही तो मुखिया या वार्ड बनने लायक नही समझे