निजी अस्पतालों में इलाज के बढ़ते खर्च और मरीजों पर पड़ने वाल�� भारी बोझ को कम करने के लिए संसद की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने एक बेहद अहम सिफारिश की है। समिति का कहना है कि बड़े महानगरों में निजी अस्पतालों के कमरे का चार्ज आसपास के तीन सितारा (3-Star) होटलों के औसत किराये से अधिक नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा, 20% तक बेड रियायती इलाज के लिए रिजर्व करने और स्वास्थ्य बीमा का दायरा ओपीडी (OPD) इलाज तक बढ़ाने की भी बात कही गई है।
क्या आपको लगता है कि इन सिफारिशों के लागू होने से आम आदमी को प्राइवेट अस्पतालों के भारी-भरकम बिलों और मनमानी से सच में राहत मिलेगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं!
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