उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।
@yadavakhilesh
हमने तो पहले ही कहा था कि CCTV का नाम ‘चढ़ावा-चोरी TV’ साबित होगा। जिन लोगों ने ‘सत्रह’ बार लूटा वो सैंकड़ों साल से इतिहास में बदनाम हैं, जिन्होंने केवल 40 दिन में ‘सत्तर’ बार लूटा वो तो इतिहास में इस महापाप के लिए ‘सात’ जन्मों के लिए काले अक्षरों में दर्ज़ हो जाएंगे। ये सोचा जाए जिन्होंने सात हफ़्ते में इतनी चोरी कर ली है, उन्होंने पिछले इतने सालों में कितना चुराया होगा, कितना आप�� में बाँटा होगा, कितना चुपके से छुपाया-दबाया होगा और कितना अपने मुखिया तक पहुँचाया होगा।
अखंड निंदनीय!
भाजपा का लंकाकांड, अयोध्या में ही होगा।
आख़िर ‘दानभक्तों’ का मुखौटा उतर ही गया क्योंकि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा ही दिया। अब भाजपाइयों के अहंकार की चम���माती लंका के साम्राज्य का भी अंत होगा और ‘लंकाधिपति’ का भी।
भाजपा के लिए तो अमृतकाल काल बनकर आया है।
ये सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफ़े नहीं होते हैं। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ से आहत जनता कटाक्ष करते हुए कह रही है कि भाजपाई कह रहे हैं कि हमने कहा था कि ‘इस्तीफ़ा’ नहीं होता, हमने इस्तीफ़ा नहीं ‘त्यागपत्र’ दिया है।
दरअसल अभी तो ‘भाजपाई और उनके संगी-साथियों’ के काले कारनामों, करतूतों और कारगुज़ारियों का ये प्रथम अध्याय खुला है। बँटवारे की इस लड़ाई में अब इनकी ‘पार्टी, संघ, सभा, परिषद, वाहिनी और ट्रस्ट की टोली’ एक-दूसरे की पोल खोलेगी, इससे पहले कि ये लोग चोरी के माल से भरा अपना ‘झोला-बोरा’ लेकर इधर-��धर भागें, बार्डर बंद कर दिये जाएं। अभी तो शुरुआत है, अब तो केयर फ़ंड के साथ-साथ अनरजिस्टर्ड लोगों को अपने कुकृत्यों का हिसाब भी देना होगा।
भगवान के ऑडिट से ‘भाजपाई-गिरोह’ बच नहीं पाएगा।
NEET के छात्र कह रहे हैं कि जब इस्तीफ़े शुरू हो गए हैं तो ‘लीकाधिपति’ का भी करवा दी��िए।
#भाजपा_अयोध्या_महापाप
#NEET
#NEET_Reexam
#NEET_लीकाधिपति
उप्र भाजपा सरकार द्वारा एक तरफ़ झूठी तारीफ़ के प्रायोजित कार्यक्रम लगातार करवाये जा रहे हैं तो दूसरी तरफ़ माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार ने ये कहकर रंग मे भंग कर दिया कि ‘कार्यकाल ख़त्म होने के बावजूद ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का यूपी सरकार का फ़ैसला असंवैधानिक है’। जनता पूछ रही है कि ‘असंवैधानिक’ काम करने की स���़ा क्या होती है?’
अब यही ग्राम प्रधान भाजपाइयों को इसलिए गाँवों में घुसने नहीं देंगे क्योंकि भाजपा सरकार द्वारा उन्हें प्रशासक बनाने के आदेश ने, उनमें कुछ नये काम करने की उम्मीद जगाई थी, जिसका वादा व��� जनता से कर चुके थे, अब जनता तो तकनीकी पक्ष समझती नहीं है कि क्या हुआ, वो तो यही मानेगी कि प्रधान जी ने अपना वादा पूरा नहीं किया और सारा फ़ंड-बजट-पैसा डबल इंजन के साथ मिल-बाँटकर खा गये। प्रधानों में इस बात का भी डर है कि कहीं ‘इन बीच के दिनों’ के ख़र्चे का ख़ामियाज़ा उनको अपनी जेब से न भरना पड़े। हो सकता है कल को ‘पैसा वापसी’ का आदेश भी आ जाए। जब कार्यकाल गलत साबित हो गया है, तो उस समय में खर्च हुआ पै��ा भी तो क़ानूनी रूप से गलत माना जाएगा। भाजपा ने प्रधानों को बहुत बुरा फँसा दिया है। वहीं प्रधानों ने जिन ठेकेदारों को काम दिया था, वो भी ‘इन बीच के दिनों’ के बिलों का भुगतान करवाने के लिए प्रधानों का दरवाज़ा खटखटाएँगे। इसीलिए प्रधान अब भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की गाँव-गाँव में नाकाबंदी कर देंगे।
भाजपा बनने चली थी सयानी
निपट गई उसकी ही कहानी���
भाजपा किसी घाट की नहीं रही।
विशेष: पंचायती राज मंत्री तो घर से ही नहीं निकल पाएंगे, गाँव पहुँचना तो दूर की बात है।
वो क्या करेंगे दूध का दूध और पानी का पानी
लालच ने मार दिया है जिनकी आँख का पानी
गणित की पढ़ाई करने का क्या फ़ायदा जब गिनती में ही हेराफेरी हो गई, सोने-चाँदी में घटतोली हो गई, ज़ेवरातों की चोरी हो गई। उनके चिराग तले अंधेरा नहीं, ���्रष्टाचार का घोर अंधकार भरा पाताल निकाला।
लोग उनकी बात पर एतबार करके पछताए हैं
जिन्होंने ख़ुद के ही गुनाहों के मुक़दमे हटाए हैं
वैसे पता नहीं लोग ये क्यों पूछ रहे हैं : अयोध्या से गोरखपुर कितनी दूर है?
कल विधानसभा क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ी को, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी श्री ���्रवीण कुमार जी से विशेष मुलाकात करवाई।
ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें ��पने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देता है।
हमारे क्षेत्र की प्रतिभाएँ निरंतर आगे बढ़ें और खेल जगत में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करें, यही शुभकामनाएँ हैं।
आज ग्राम तुलसीपुर वह रसूलपुर में विभिन्न शोक सभाओं में पहुंचकर दिवंगत पुण्यात्माओं क�� सादर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारजनों से मिलकर अपनी शोक संवेदनाए�� व्यक्त की।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
सादर नमन।
आज ग्राम पिप्लहेड़ा में श्री अंकुर राणा जी के छोटे भाई के विवाह समारोह में सम्मिलित होकर परिवारजनों से आत्मीय भेंट की एवं इस मांगलिक अवसर की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
ईश्वर से नवदंपति के सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना करता हूँ।
PTI के मुँह पर मास्क किसने लगा दिया। पत्रकारिता लोगों की आवाज़ बंद करती थी आज ���ाजपा राज में उनकी ही आवाज़ बंद की जा रही है।
ये ‘लोकतांत्रिक कलयुग’ है।
ये ‘मीडिया का चारणकाल’ है।
#Media_Muzzling
घोर कलियुग है।- राम नगरी अयोध्या से लेकर धर्म नगरी उज्जैन तक भ्रष्टाचारी, बेईमानों और अधर्मीयो का बोलबाला है।यह सब देश के एक सबसे शक्तिशाली मगर अनरजिस्टर्ड परिवार के सदस्य है।इस परिवार की सदस्यता कानून के हाथ में ही हथकड़ी डाल देती है।
बताते है कि धर्म नगरी उज्जैन का भी विकास राम नगरी अयोध्या की तर्ज पर हो रहा है।इसीलिए ज़मीन घोटाले की कार्य योजना भी पुनः स्थापित कर डाली।यूपी में तो ट्रस्ट से जुड़े और उनके शुभचिंतको ने लाभ लिया, मगर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तो ख़ुद ही सारे रिश्तेदार - नातेदार ले कर लूटने कूद पड़े।जाँच हो, इस्तीफ़ा हो।
आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी?
आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन?
सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अय��ध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है।
भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही ��िवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है।
आज वहाँ चेहरा उतरा हुआ क्यों था?
आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था?
इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं?
जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चाँदी की चाँदी’ करें। चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही ���ड़ेगा।
बड़ा और विस्फोटक खुलासा।
संबंधित बैंक का एक अधिकारी एक ट्रस्टी का किरायेदार था।
सोचिए जरा,
ट्रस्टी और बैंक अधिकारी मिलकर घपला घोटाला कर रहे थे।
भगवान के आभूषण बैंगलोर भेजकर गलाने का आदेश किसने दिया? किस किस के पास गला हुआ सोना और चांदी पहुंचा? किस ट्रस्टी और किस संघी का रिश्तेदार अक्सर बड़े बड़े बैगों में पैसा और जेवर, सोना, चा��दी लेकर ट्रेन से बैंगलोर जाता था?
पूछ रहा है भारत, जवाब तो देना ही होगा भाजपा सरकार को, ये सब धांधली और गोरखधंधा 5 कालिदास मार्ग से संचालित हो रहा था या नागपुर मुख्यालय से या दिल्ली कार्यालय से? जवाब मांग रही है जनता।
"मर्यादा पुरुषोत्तम राम जी के लिए जो लोग चढ़ावा चढ़ा कर जाते थे, आज सुनने में आया है कि बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। सरकार को मजबूरी में एसआईटी गठित करनी पड़ी, सवाल यह है कि एसआईटी की एसआईटी कौन करेगा।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, तिर्वा, कन्नौज