•जहरीली हवा से लोग बीमार हो रहे और मर रहे,
•जहरीला पानी पीने से लोगों की मौत हो रही ,
•जहरीला कफ सीरप पीने से बच्चे मर रहे,
•मिलावट खोरी चरम पर है , देश डायबिटीज, कैंसर और हार्ट अटैक की राजधानी बन रहा ,
•नदियों का पानी नहाने लायक नहीं है पीना तो दूर की बात,
•खुले गड्ढों में गिरकर नौजवान मर रहे,
•अमीरजादे किसी पर भी गाड़ी चढ़ा कर मस्त घूम रहे,
•डायबिटीज , हार्ट डिजीज़ और कैंसर तक की नकली दवाइयां बिक रहीं,
•देश के बड़े नेता और अधिकारी रीलें बना बना कर अपनी इमेज चमका रहे,
•पुल ऐसे ��िर रहे जैसे किसी पेड़ से पके आम,
•फर्जी सर्टिफिकेट पर लोग IAS,IPS और IRS बने जा रहे,
•फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कलेक्टर अवॉर्ड ले रहे,
•सड़कों में गड्ढे ऐसे की किडनी का स्टोन ठीक हो जाए,
•टैक्स यूरोप जैसा देने के बाद सुविधाएं युगांडा वाली
फिर भी सरकारी किताबों में देश का मौसम गुलाबी ?
Some people think they can defeat this man with just a few tweets…
Always remember, he wasn’t made by X, "we" were..
He will be the same without X, "we" will disappear like "we" never existed..
Govt bailout package for BSNL since 2019: ₹3.22 lakh crore 💸
How BSNL engineers are being used in 2026: Arrange UNDERWEAR for Director during visit to Prayagraj 🤡
My take on the most viral reminder of chamchagiri pro max in our sarkari organisations.
अबे मोदी तुझसे पहले भी था और तेरे बाद भी रहेगा. and something that is going to happen with you underpaid is gloomy, dark, abusive and negative.
#underpaidjourno#doosraavish
The only thing that is going in Modi’s favour right now is- Rahul Gandhi speaking at events.
All else is gloomy, dark, abusive and negative. Interviews not getting any discussion, rally speeches getting mocked, RSS not helping with its hypocrite statements… Pretty rough few weeks.
इसने तो अपनी माँ के मरने पर youtube session भी कर डाला थोड़ी सी कमाई के लिए, इनसे क्या ही उम्मीद लगाओगे, इसकी team की payment बढ़ गयी, family की ज़िम्मेद्दारी बढ़ गयी, पर ये underpaid ही रह गया. इसके साथ के @Profdilipmandal को GOI ने रिस्पांसिबिल्टी दे दी पर ये रह गया.
देखिये इन जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को —
विचारों की लड़ाई में जब तर्क खत्म हो जाते हैं, तब लोग जाति और निजी आरोपों का सहारा लेते हैं। यही उनकी वैचारिक दिवालियापन की पहचान है। देश की राजनीति ट्वीट और ट्रोलिंग से नहीं, जनता के विश्वास से ���दलती है।
विचारों से लड़ नहीं सकते, इसलिए कीचड़ उछालते हैं। और फिर भ्रम पाल लेते हैं कि दो-चार जहरीले ट्वीट से सरकारें बदल जाएँगी।
ज़हर फैलाकर कुछ साबित नहीं कर पाओगे!
महाराष्ट्र की भाजपा सरकार भगवान शिव का ऐसा क���र्टून छापकर बता रही है कि अपनी काबिलियत पर भरोसा रखो, पाखंड पर नहीं! नीचे यह भी लिखा गया है कि पाखंड नहीं, शिक्षा अपनाए। यह पोस्टर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जारी किया गया है जिसमें भगवान शिव का कार्टून पाखंड के रूप में दर्शाया गया है।
हिंदू सच में खतरे में है - भाजपा स���!
8वीं सदी तक यदि भारत विश्व का सिरमौर था तो आप अपने नए मौसेरे भाई मोहन भागवत को, और बाकी वैचारिक आइटीसेलिया पुत्रों को यह ज्ञान क्यों नहीं देते कि 2000-5000 वर्षों का एट्रोसिटी नैरेटिव फर्जी है जिस��� प्रचारित करने में आपका बहुत बड़ा योगदान रहा है।
क्योंकि सिरमौर देश में व्यापक जातिगत भेदभाव तो हो नहीं सकता। न ही तत्कालीन साहित्य इस पर कुछ उदाहरण दे पाता है।
मेरी @RSSorg और वामपंथी पिट्ठू बने घूम रहे मोहन भागवत से विनती है कि 1970 के दशक के फ़र्ज़ी एट्रोसिटी लिटरेचर के इतर, 2000 वर्ष पुराने एक भी साहित्यिक या ऐतिहासिक पुस्तक से इस अस्पृ��्यता की व्यापकता का उदाहरण दें।
इसमें भागवत ने एक दया दिखाई है कि 5000 वर्ष की जगह 2000 वर्ष बोला है, परंतु जिस भाँग का वो सेवन कर रहे हैं, अगली स्पीच में वो इसे डोनाल्ड ट्रम्प की तर्ज पर 3000 और अगले में 5000 तक पहुँचा सकते हैं।
मैं 500 वर्ष का मान लूँगा, 200 वर्ष का मान लूँगा, मैं वर्तमान में यह हो रहा है, वह भी मान लूँगा, परंतु 2000 वर्ष की बात वामपंथी धूर्तता है जिसे मोहन भागवत, मोहन भीमराव भागवत बनने के चक्कर म��ं षड्यंत्र के तहत फैला रहे हैं।
मोदी जी का स्क्रिप्ट राइटर बहुत ही तगड़ा है,
राइमिंग इतनी गजब मैच करता है कि क्या ही कहें-
Ai - आई - अमेरिकन इंडियन
डेकेड- टेकेड
IT+IT= IT
Indian Talent + Information Technology = India Tomorrow..
कुछ भी.....
अबे इसको बाप बोल लेते हो आइटीसेलियों! पर मैंने चार विषयों पर विरोध क्या किया, तुम तो पैसे ले कर मेरी माँ की चिता तक को खींच लाए ट्रेंड चलाने के लिए। मैं तो फिर भी तुम्हारे लिए सोलह साल से लिख-बोल रहा हूँ।
मैंने तो नीतिगत आलोचना की है, जातिवादी ही बोला है, इसने तो नीच, ���ीचे गिरा हुआ, गंदी नाली में नहाने वाला तक बोल रखा है…
अबे इसको बाप बोल लेते हो आइटीसेलियों! पर मैंने चार विषयों पर विरोध क्या किया, तुम तो पैसे ले कर मेरी माँ की चिता तक को खींच लाए ट्रेंड चलाने के लिए। मैं तो फिर भी तुम्हारे लिए सोलह साल से लिख-बोल रहा हूँ।
मैंने तो नीतिगत आलोचना की है, जातिवादी ही बोला है, इसने तो नीच, ���ीचे गिरा हुआ, गंदी नाली में नहाने वाला तक बोल रखा है…
अगर जाति के आधार पर नहीं होता तो,
कुलदीप सिंह सेंगर को फांसी हो गई होती,
अगर जाति के आधार पर नहीं होता तो,
राजा भैया भी जेल में होते,
अगर जाति के आधार पर नहीं होता तो,
फत���हपुर के ठाकुर अभय प्रताप सिंह जेल में होते,
जिन्होंने दो धर्मों का लाभ उठाया है।
थाने में FIR नहीं लिखी जाती है अगर आरोपी आपकी जाति का है।
योगी जी ��्राउंड रियलिटी बहुत अलग है
आइटी सेल का जातिवादी नैरेटिव योगी को ह���ाने के लिए सोच-समझकर बुना गया है। वो 2027 को लक्ष्य कर, हर सवर्ण जाति के लोगों को गाली दे रहे हैं। यह अजेंडा स्पष्ट हो गया है।