सपा में महिलाओं का सम्मान सिर्फ पोस्टर और नारों तक सीमित है, यह बार-बार साबित हो रहा है..?
मथुरा में सपा नेता द्वारा बैंक कर्मचारी को बार-बार कॉल-मैसेज करके “कम्प्लीट वुमन” कहना और आईएएस का झांसा देना सामान्य बात नहीं है।
आगरा में अपनी ही पार्टी की महिला नेता पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप और पीडीए सम्मेलन में दलित महिला नेत्री का अपमान — ये सब संयोग नहीं लगते..?
पार्टी इन घटनाओं पर सस्पेंशन या बयानबाजी से काम चला लेती है, लेकिन सोच और संस्कृति में बदलाव दिखाई नहीं देता।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात जब सिर्फ चुनावी भाषणों तक रह जाए तो विश्वास कैसे बने?
सपा को इन मामलों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए..!!
#LalTopiKaaleKarName
श्री सोमनाथ महादेव मंदिर,
प्रथम ज्योतिर्लिंग - गुजरात (सौराष्ट्र)
दिनांक: 20 सितंबर 2026, भाद्रपद शुक्ल नवमी - रविवार
#SomnathSwabhimaanParv
आरती के हर स्वर में भक्ति, हर दीप में आस्था और हर हृदय में महादेव। 🕉️🙏🏻
@Somnath_Temple
PDA का नारा सबको साथ लेकर चलने का था,
बस पर लिखा संदेश कुछ और ही बता रहा है।
पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक कहकर सिर्फ एक समुदाय क्यों?
सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक कहाँ गए?
गैर-या-दव पिछड़े, दलित और ब्रा-ह्मणों की जगह क्यों नहीं दिखी?
समानता का दावा तब तक अधूरा रहेगा जब तक सबको समान स्थान मिले।
प्रदेश को विकास चाहिए, किसी एक गुट की राजनीति नहीं।
जनता नारे नहीं, व्यवहार और न्याय देखकर फैसला करेगी..!!
#LalTopiKaaleKarName
उत्तर प्रदेश की धरती पर अपराधियों और आतंकवादियों के लिए कोई जगह नहीं बची है, और यह बात एक बार फिर पूरी तरह साबित हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए काशी में 30 लाख रुपए के कुख्यात इनामी नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। यह इस बात का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वालों को कानून का सामना करना ही पड़ेगा और कानून तोड़ने वाले बच नहीं सकते।
सूरत के मजदूरों की आवाज़ आखिर कौन सुनेगा?
कल सेठ लोग अपनी मीटिंग कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि मजदूर यूनियन को इस बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया? जब चर्चा मजदूरों के साप्ताहिक अवकाश और उनके अधिकारों को लेकर हो रही है, तो फिर मजदूरों के प्रतिनिधियों को शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है?
क्या मजदूरों के भविष्य से जुड़े फैसले केवल सेठ लोग आपस में बैठकर करेंगे? क्या उन मेहनतकश मजदूरों की कोई अहमियत नहीं, जिनकी मेहनत से सूरत का कपड़ा और कढ़ाई उद्योग चलता है?
क्या सूरत के सेठों की मंशा मजदूरों को साप्ताहिक अवकाश दिलाने की है, या मजदूरों को मिलने वाले लाभ सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेंगे?
हम किसी की बैठक का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन मजदूरों के हक़ से जुड़े मुद्दों पर मजदूर यूनियन की भागीदारी क्यों नहीं होनी चाहिए?
हमारी मांग है कि मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों को भी बैठक में बुलाया जाए, उनकी समस्याएं सुनी जाएं और साप्ताहिक अवकाश सहित सभी मांगों पर स्पष्ट एवं लिखित निर्णय लिया जाए।
मजदूरों को सिर्फ आश्वासन नहीं, अपने अधिकारों का वास्तविक लाभ चाहिए।
@collectorsurat@LabourMinistry@CMOGuj@Bhupendrapbjp
संबंधित श्रम विभाग और जिला प्रशासन से अनुरोध है कि इस मामले में संज्ञान लेकर मजदूरों की आवाज़ को बैठक में उचित स्थान दिलाया जाए।
आखिर मजदूरों के हक़ की बात होगी, तो मजदूरों को ही बाहर क्यों रखा जाएगा?
#SuratTextileWorkers
उत्तर प्रदेश में कानून का राज किस स्तर पर काम कर रहा है, इसका ताजा उदाहरण काशी में हुआ यह सफल एनकाउंटर है, जहां 30 लाख के इनामी नक्सली को ढेर किया गया है। झारखंड के प्रतिबंधित संगठन का यह कुख्यात कमांडर बृजेश गंझू पिछले 8 वर्षों से एनआईए के टेरर फंडिंग केस में वांटेड था और कानून की पहुंच से दूर भाग रहा था। लेकिन योगी सरकार के मजबूत सुरक्षा तंत्र और एटीएस की असाधारण बहादुरी के आगे आखिरकार ऐसे खतरनाक अपराधियों का बचना नामुमकिन साबित हुआ है।
Ravi Dada, listening to people with patience is a quality that deserves respect. Your simplicity and genuine nature have always stood out. Wishing you a very happy and blessed birthday. #HappyBirthdayRaviDada#HBD_RavindraChavan
Ravi Dada, your humility and connection with people have always been special. May your birthday bring new happiness, good health and beautiful moments. Wishing you a very happy birthday, Dada. #HappyBirthdayRaviDada#HBD_RavindraChavan
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा का जो माहौल आज देखने को मिल रहा है, उसकी मिसाल आम जनता खुद दे रही है। बागपत के एक किसान ने खुलकर यह बात कही कि पुरानी सरकारों के दौर में असुरक्षा का यह आलम था कि लोग सड़कों पर सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, जबकि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के शासन में हर वर्ग खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहा है। जनता की जुबान से निकला यह सच इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में भयमुक्त और सुदृढ़ शासन स्थापित हो चुका है।
Part 79
-कमल का सिर पर गिरना
मैं तन्द्रालोक में बड़ी मस्ती में था। बड़ी स्फूर्ति भी थी। इतने में ऊपर से मेरे सिर पर पुष्पवृष्टि होने लगी। पुष्प गिरते ही मेरा ध्यान ऊपर की ओर गया। उस सिद्धमहात्मा ने सिद्धलोक के सरोवर से एक दो फुट व्यास का बड़ा स्वर्ण-कमल मेरे सिर पर बड़े ज़ोर से फेंक दिया। मैं उस कमल को नीचे आते देख रहा था। वह ॐ कार उद्गीथ के गुनगुन नाद के साथ नीचे उतर रहा था। वह सट्-सा शब्द करके ज़ोर से मेरे कपाल पर गिर पड़ा। शब्द सुनते ही मेरी आँखें खुल गयीं। मगर मैं रहा तन्द्रालोक में ही। ऐसा लग रहा था मानों किसी ने बड़े ज़ोर से सिर पर थप्पड़ मारा हो। तन्द्रालोक में होने पर भी आँखें खोल कर देखा तो वह स्वर्ण-कमल मेरे सिर से पृथ्वी पर आ गिरा था। क्या ही सुन्दर था! क्या ही अद्भुत उसकी रचना थी! क्या ही उसकी दिव्य सुगन्ध थी! मैं बड़े आश्चर्य और कुतूहल से उसको देखता रहा। अभी तक वह मेरे सामने पड़ा था। उसे देखते हुए अपने भाग्य को भी सराह रहा था और कुण्डलिनी की महिमा की वाह-वाह कर रहा था। फिर एकदम गुरुदेव की कृपा की याद आयी। झट से आँखें बन्द करके मन ही मन गुरुदेव को नमस्कार किया। जब फिर आँखें खोलीं तब वहाँ कुछ नहीं था। अरे! यह क्या बात है? क्या घटना घटी है? कैसा आश्चर्यकारक अनुभव है ? - ये सब प्रश्न मन में उठ रहे थे। सिर में उस वक्त की लगी हुई मार की कुछ अनुभूति अभी भी है। मैंने आसन खोला। ध्यान की मात्रा पूरी हो गयी थी। बाहर गया। इधर-उधर फिरा। एक बार आकाश को देखा। जिस दिशा में मेरे गुरुदेव गणेशपुरी में थे उस दिशा को नमस्कार किया। शान्त हो कर बगीचे मैं बैठ गया। पुनः आँखें मीच कर मैंने ध्यान के दृश्य को याद किया तो कुछ अनुभव याद आये, वही पहले के दृश्य दीखे ।
इसके पश्चात् ध्यान में बैठते ही प्रथम कुछ क्रिया होने लगती। पुनः वह रक्तेश्वरी ज्योति जाग जाती। इस रक्तेश्वरी ज्योति का यदि हम कहीं उल्लेख न करें तो भी पाठक इसे भूलें नहीं। सूर्योदय होने पर जैसे दिन होता है वैसे ही रक्तेश्वरी के उदय होने पर ध्यान आरम्भ होता है। रक्तज्योति का तेज बढ़ गया। अब वह पहले जैसी नहीं रही। बड़ी दिव्यता से चमकती थी। ऐसा अनुमान होता था कि सहस्रार में जो नील नक्षत्र फट के फैल गया था उसी का प्रकाश इस ज्योति में मिल गया हो। या वह शायद सिद्धलोक के पुण्यदर्शन के कारण था। क्यों नहीं! यदि मैं काशी जाता तो कुछ पुण्य पाता, द्वारिका जाता तो कुछ पुण्य लाता, रामेश्वर जाता तो कुछ फल पाता, गणेशपुरी जाता तो कुछ आनन्द लेता। तो क्या सिद्धलोक की यात्रा का कुछ फल नहीं है? मैंने यह भी अनुमान किया- 'अभी मैं सिद्धलोक की यात्रा करके आया हूँ। आने के पश्चात् स्वर्ण पुष्प सिर पर गिरा। शायद उसके स्पर्श से ऐसा हुआ हो।'
रक्तेश्वरी की दिव्य ज्योति में उस फटे हुए नक्षत्र की अनन्त चिनगारियाँ चमकती थीं। उसी के प्रकाश से मुझे शरीर के अन्दर की सभी नाड़ियाँ, मलकोष और पित्तकोष आदि सब कुछ दिखते थे। फिर रक्तेश्वरी के अन्दर चमकती शक्ति के वेग से प्रवाहित एक सुन्दर तेज को देखा; वह था मेरे सद्गुरु की कृपाशक्ति का तेजपुंज। ऐसा देखते-देखते रक्तेश्वरी चली जाती और श्वेतेश्वरी आ जाती। उस अंगुष्ठमात्र श्वेत को भी उसी नवीन तेज में देखता। उसका भी तेज बढ़ गया था। श्वेत के अनन्तर कृष्ण को देखता।
उसका भी कृष्ण तेज बढ़ गया था। फिर नीलेश्वरी आ जाती। उसमें नये प्रकार की अनेक दिव्य किरणें खुल गयी थीं। नील ही थीं, परन्तु पूर्व की अपेक्षा उनका भी तेज बढ़ गया था। नित्यप्रति यह तेज बढ़ता रहा। नीलेश्वरी बहुत तेजस्वी बनी। उसमें ध्यान स्थिर हो गया। स्थिर होते ही एक उच्चावस्था का प्रेम हृदय में बहने लगा। वह प्रेम उतना ही व्यापक था जितना कि सभी नाड़ियों में पसरती हुई नील किरण। इसी भाँति उस प्रेम को सब नाड़ियों के
अन्दर तरंगरूप से उछलता हुआ, कूदता हुआ देखता। इन्द्रियों में भी उसका ही स्फुरण होता। जैसे-जैसे वह चितिकिरण सर्वांग में फैलती, उसके साथ- साथ आनन्दकिरण भी फैलती जाती। ऐसी प्रेम-मस्ती में ध्यान करते-करते तन्द्रालोक में चला जाता।
From neglected corners to certified centres of excellence: Palghar’s medical turn-around proves that determined political will changes lives. Exemplary governance by DCM @mieknathshinde and the Mahayuti team.
Dignified treatment and clean facilities should never depend on pin codes. The Mahayuti government and DCM @mieknathshinde have made Palghar proud by raising 9 local health units to a national standard.
Enhanced funding, better diagnostic equipment, and certified staff are transforming how villages access care. A heartfelt thank you to DCM @mieknathshinde and the Mahayuti coalition for putting rural patients first.
कोंकण से लौटते समय न तो गाड़ियों की किल्लत होगी, न ही यात्रियों को महंगे किराए का बोझ सहना पड़ेगा। दूरदर्शी फैसले के लिए उपमुख्यमंत्री @mieknathshinde जी का कोटि-कोटि धन्यवाद।
Davanagere, Karnataka –
Shabina Banu’s husband Jameel Ahmed Shameer suspected that she was having an affair.
On April 9, 2025, 38-year-old burqa clad Shabina Banu was beaten with sticks and pipes by 6 men outside Jama Masjid after her husband complained to mosque authorities over a domestic dispute (alleged affair).
She was summoned there with relatives; the assault was caught on camera, went viral, and led to the men's arrests on charges including assault and attempted murder.
Police arrested six men identified as Mohammad Niyaz, Mohammad Gauspeer, Chand Basha, Inayat Ullah, Dastagir, and Rasool.
Were they imposing outdated Sharia Law in a secular country?
घर वापसी की राह में कोई रुकावट नहीं आएगी। 185 अतिरिक्त बसों को तैयार कराकर उपमुख्यमंत्री @mieknathshinde जी ने साबित किया कि वे हर परिस्थिति में आम नागरिक के साथ खड़े हैं।