The sacrifice of Hazrat Imam Hussain (AS) continues to inspire many people to remain steadfast in the pursuit of truth and justice. It is also a reminder of the enduring power of courage and conviction.
चलती ट्रेन से मौलाना तौसीफ रज़ा को धक्का देने वाला पंकज सिंह राजपूत घटना के डेढ़ महीने बाद गिरफ़्तार हुआ. पहले पुलिस ने इस वारदात को एक्सीडेंट बताया, लेकिन बाद में इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने हत्या का खुलासा किया. देखिए क्या था पूरा मामला
गाजा में अल-शिफा हॉस्पिटल के सामने से CGTN (चाइनीज स्टेट टेलीविजन) के रिपोर्टर ने रिपोर्टिंग करते हुए कहा:
"मैंने अपनी आंखों से 5 साल से कम उम्र के कम से कम 10 फिलिस्तीनी बच्चों को बिना सिर के देखा।"
मुंबई के Hamad Siddiqui को दिल्ली पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल में शामिल होने के आरोप में अरेस्ट किया है। पिता कह रहे- मेरा बेटा 12th स्टूडेंट है। वो इतना innocent है, उसे ये समझ नहीं आता है, चेंबुर जाना है तो सेंट्रल लाइन से ट्रेन लूं या हार्बर लाइन से...
What’s happening to little children in Gaza is heartbreaking.
It should put humanity to shame. Children are being made to bear the burden of violence and hate that insane adults have unleashed upon them.
Meanwhile, the world has turned a blind eye.
ईरान की इस लड़की ने गाने के माध्यम से इज़राइल, और अमेरिका को जो संदेश दिया है वो ज़रूर सुने, इस गाने का मैंने हिंदी में अनुवाद किया है, पढ़े।
हे अमेरिका, अपने बम अपने पास रखो।
हमारी ज़मीन से दूर रहो।
यह हमारी मातृभूमि है,
और हमारी आज़ादी हमारे अपने हाथों में है।
हमें तुम्हारे लोकतांत्रिक बम नहीं चाहिए।
अपना ज़हर, अपनी गंदगी लेकर यहाँ से चले जाओ।
हे इज़राइल,
तुम आज़ादी नहीं हो,
तुम कैद हो।
तुम्हारे पास न सम्मान है, न गरिमा,
तुम इंसानियत के दुश्मन हो,
लोगों के कातिल हो।
हम तुम पर भरोसा नहीं करते, हम तुम्हें नहीं चाहते।
अपने झूठे कठपुतलियों को ले जाओ,
अपने गिरे हुए शासकों और अपनी सारी गंदगी के साथ,
और यहाँ से निकल जाओ।
हमारी आज़ादी सिर्फ हमारे अपने हाथों में है,
अमेरिकी बमों में नहीं।
कोई भी साम्राज्य हमें आज़ाद नहीं कर सकता,
कोई भी आक्रमणकारी हमें शांति नहीं देता।
जिसे तुम मुक्ति कहते हो,
वह आग और तबाही के रूप में आता है।
हे अमेरिका, अपने बम अपने पास रखो।
हमारी ज़मीन से दूर रहो।
यह हमारी मातृभूमि है,
और हमारी आज़ादी हमारे अपने हाथों में है।
हमें तुम्हारे लोकतांत्रिक बम नहीं चाहिए।
अपना ज़हर, अपनी गंदगी लेकर यहाँ से चले जाओ।
हमारी आज़ादी हमारे अपने हाथों में है,
अमेरिकी बमों में नहीं।
Strait of Hormuz से जहाज़ 6 दिनों में भारत पहुँच जाते थे और किराया $18-20 प्रति टन होता था।
वहीं, US से जहाज़ 36 दिनों बाद भारत पहुँचा है, जिसके लिए $80 प्रति टन किराया देना पड़ा।
बदायूं में निजी जगह पर नमाज पढ़ने का मामला.. इलाहाबाद हाईकाेर्ट का अधिकारियाें काे आदेश..निजी जगहाें पर नमाज से नहीं राेक सकते |
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अगर मैं संभल का एसपी और जिला अधिकारी होता तो हाई कोर्ट की इस टिप्पणी और फटकार के बाद अब तक अपने पद से इस्तीफ़ा देकर चुल्लू भर पानी में डूबकर मर जाता।
लेकिन बेशर्म अधिकारी अभी तक अपने पद पर बने हुए हैं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल के एसपी केके बिश्नोई और जिला अधिकारी द्वारा मस्जिद में 20 से अधिक लोगों के नमाज़ पढ़ने पर लगाई गई पाबंदी पर कहा है कि " मस्जिद में नमाज़ पढ़ने वालों की संख्या सीमित नहीं की जा सकती, और अगर कानून व्यवस्था का हवाला दिया गया है तो SP और DM को इस्तीफा दे देना चाहिए या अपना ट्रांसफर कही और करा लेना चाहिए।"
इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी. बरेली डीएम-एसएसपी तलब.
निजी मकान में नमाज के मामले में पुलिस कार्रवाई पर हाईकोर्ट गंभीर.
हसीन खान को कोर्ट ने दी सुरक्षा, कहा- नुकसान हुआ तो प्रथमदृष्टया राज्य जिम्मेदार माना जाएगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में एक निजी मकान में नमाज अदा किए जाने के मामले में पुलिस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन की अदालत ने इस मामले में बरेली के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तलब किया है। कोर्ट ने मामले में नामजद हसीन खान को पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यदि हसीन खान के व्यक्ति या संपत्ति के खिलाफ किसी प्रकार की हिंसक घटना होती है, तो प्रथमदृष्टया इसे राज्य की ओर से हुआ माना जाएगा
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कुणाल कामरा इन दिनों कमाल का काम कर रहे हैं...कुणाल देश के फ्रीडम फाइटर को रोचक तरीके से Gen Z से रुबरू करवा रहे हैं...महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के बाद अब अब्दुल गफ्फार खान से मिलिए...
अर्नब: ईरानी जहाज़ के साथ जो हुआ, उसे हम कैसे नज़रअंदाज़ कर सकते हैं, इससे हमारे साथियों को क्या मैसेज जाएगा?
MG बख्शी : हम इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते, ऐसे लोग हैं जो ट्रंप के चीयरलीडर हैं और ईरान के खिलाफ़ उनके बेवकूफ़ाना कामों का सपोर्ट कर रहे हैं
Location: Badaun,UP
"Get out of the village, you're jihadis, you're Katuas," Akshay Singh said, starting to beat them. The victim, Abdul Salam, said, "We had gone to collect donations for the madrasa."
Please note this attack was carried out based on religious identity.