@AmazonIN I returned the same Ray-Ban Meta Wayfarer item I received. Pickup was verified, but now support says wrong item returned. I also got a refund confirmation email on 14th May, but still no refund.@AmazonHelp@jagograhakjago#Amazonindia#ConsumerRights
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"इतिहास तुम्हें निर्देशक नहीं, साम्प्रदायिकता का दलाल कहेगा।"
प्रिय विवेक अग्निहोत्री, @vivekagnihotri
कलम जब गुस्से से थरथराती है, तो शब्द तलवार से भी ज़्यादा धारदार हो जाते हैं। मैं आज उसी थरथराहट के साथ आपको ये ख़त लिख रहा हूँ।
लोगों ने सिनेमा को मंदिर का रूप दिया था, जहाँ भावनाओं की आरती उतारी जाती थी, जहाँ कहानियाँ इंसानियत की चौखट पर दीपक जलाती थीं। लेकिन आपने उस मंदिर को बाज़ार की मंडी बना दिया है, और वहाँ साम्प्रदायिकता की सड़ी-गली सब्ज़ियाँ बेच रहे हैं।
"बंगाल फाइल्स" नाम से ही भय, नफ़रत और साज़िश की गंध आती है। सिनेमा को आईना होना चाहिए, मगर आपने उसे अफ़वाहों की तिजोरी बना डाला। आप सोचते हैं कि इतिहास को लहू-लुहान करके, समाज को बाँटकर, आपकी जेब भर जाएगी। लेकिन सच यह है कि इंसान के ज़ख्म से निकली हर बूंद आपको एक दिन धिक्कारेगी।
क्या आपको मालूम है, विवेक जी? जो निर्देशक अपने कैमरे को हथियार बना देता है, वो कला का हत्यारा कहलाता है। आपने कैमरे की आँख में आँसू की जगह ज़हर टपकाया है। आपकी फिल्में वो धुआँ हैं, जिसमें सच्चाई घुट कर मर जाती है और नफ़रत तालियाँ बजाती है।
आपको शायद लगता होगा कि देश को दो हिस्सों में बाँटकर, एक हिस्से को दूसरे से डराकर, आप अपने लिए सत्ता और दौलत की सीढ़ियाँ बना रहे हैं। मगर सुनिए, सीढ़ियाँ चढ़कर आप आसमान तक तो पहुँच सकते हैं, लेकिन वहाँ इंसानियत का सूरज नहीं मिलेगा, सिर्फ़ अंधेरा होगा।
आपने ‘सिनेमा’ नाम की माँ को बदनाम किया है। आप वो बेटा हैं जिसने उसकी गोद को जहरीली आग में झोंक दिया। याद रखिए, विवेक जी झूठ का कारोबार चाहे कितनी भी भीड़ जुटा ले, अंततः अकेला ही मरता है।
इतिहास आपको कभी कलाकार नहीं मानेगा। आपको सिर्फ़ एक ऐसा सौदागर कहेगा जिसने साम्प्रदायिकता की दुकान खोली थी और सिनेमा के नाम पर झूठ बेचा था।
आपसे बस यही कहना है – जिस दिन आपकी फिल्में नफ़रत के शोर से नहीं, बल्कि इंसानियत की खामोशी से टकराएँगी, उस दिन आप समझेंगे कि असली कला क्या होती है। लेकिन अफ़सोस, तब तक शायद बहुत देर हो चुकी होगी।
ख़त लिखने वाला लड़का।
चाय इश्क़ और राजनीति।
विधायक और सांसद को मर्ज़ करके जिले को ज़िलाधिकारी के अधीन कर देना चाहिए और मुख्यमंत्री का पद राज्यपाल से मर्ज़ कर राष्ट्रपति के अधीन प्रदेश कर देना चाहिए..!
न होगा चुनाव, तो न होगा जनता के पैसे की बर्बादी👊🏻💯
@yadavakhilesh@SanjayAzadSln
BSF के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ आज जम्मू के RS पुरा में पाकिस्तान के साथ Cross Border Firing में शहीद हो गये, वो अपनी पोस्ट को बहादुरी के साथ लीड कर रहे थे।
मोहम्मद इम्तियाज़ ने साबित कर दिया कि भारत की सरहदों की हिफ़ाज़त के लिये जान भी क़ुर्बान है।
हम इम्तियाज़ साहब को दिल की गहराई से ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करते हैं।