नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले 10 साल में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या में क़रीब 94,000 की कमी आई है.
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट राज्यों की कंसॉलिडेशन यानी स्कूलों को एक जगह समेटने की नीतियों को दिखाती है. स्कूल पेयरिंग और मर्जर अब विवादित मुद्दे बन चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में सरकार की पेयरिंग नीति को लेकर काफ़ी विवाद हुआ, वहीं मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों में स्कूलों को मर्ज करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उज्जैन में बच्चों ने आंदोलन किया.
ज़मीनी स्तर पर लोगों को स्कूलों के मर्जर से क्या दिक़्क़तें आ रही हैं? और क्या इसका लड़कियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ सकता है? जानिए, इस ग्राउंड रिपोर्ट में.
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा (@shubhangi_misra)
शूट, एडिट: शाद मिद्हत (@MidhatHasani)
@RaizerSays Desh ki janta ko pagal banane mein inn actors ka bahut bada hath hai, ye logo ko scientific cheejo ke bare mein kabhi kuchh nhi batayege ye sirf wahi kaam karenge jinse inka dhandha chale aur agar koi kuchh bolega toh bolenge ki "I am an Artist bro"