Writer, Blogger & Socio - Political Activist with Principle of Secularism, Equality, Humanity & Justice. A Tribal, daughter of farmer. Ambedkrite || #सेवाजोहार
बीजेपी और मोदी जी को गांधी इतने भाते क्यों हैं ?
1) गांधी वर्ण आश्रम धर्म में विश्वास करते थे.
2) गांधी रामराज्य और ग्रामराज्य व्यवस्था चाहते थे.
3) गांधी गौ सेवा और गौ रक्षा के हिमायती थे.
4) गांधी भले छुआछूत के खिलाफ थे, लेकिन जाति व्यवस्था में कोई बदलाव नही चाहते थे.
5) गांधी चाहते थे हर जाति अपने जातीय पेशे से जुड़ी रहे.
जातीय और हिन्दू संस्कृति मुद्दे पर गांधी और आरएसएस में कोई मतभेद नजर ही नही आता है.
बिहार में जाति जनगणना की रिपोर्ट आना भारतीय इतिहास में मील का पत्थर है। माननीय @NitishKumar और @yadavtejashwi ने ये कर दिखाया।
इसमें पर्दे के पीछे जनहित अभियान के भाई राज नारायण ने जो भूमिका निभाई है वह भी स्वर्णाक्षरों में दर्ज होना चाहिए।
ये एक लंबे संघर्ष का परिणाम है और जो अब नहीं हैं, उनको अलग से याद करना ज़रूरी है। बीपी मंडल ने मंडल कमीशन रिपोर्ट में इसकी सिफ़ारिश की थी। यहीं से बात आगे बढ़ी।
ये कारवाँ यहाँ तक पहुँचा है क्योंकि शरद यादव, मान्यवर कांशीराम, मुलायम सिंह यादव और गोपीनाथ मुंडे जैसे योद्धाओं ने इसके लिए संघर्ष किया।
इन सबको नमन कीजिए। 🙏🏽
आखरी जातीय जनगणना 1931 में हुई थी. 1941 में द्वितीय विश्वयुद्ध में व्यस्त रहने के कारण ब्रिटिश हुकूमत ने देश में जनगणना नही किया.
आज़ाद भारत में 1951 में जनगणना हुई लेकिन केवल SC-ST जातियों को गिना गया. पंडित नेहरू और उनके मंत्रिमंडल ने तय किया अन्य जातियों को नही गिना जाएगा.
तब से येही परंपरा चलते आ रही थी. 1971 1981 जनगणना के दौरान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं. 1991 की जनगणना में प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव थे. 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी जी ��्रधानमंत्री थे. 2011 में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर मनमोहन सिंह थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी जातीय जनगणना के पक्ष में नही हैं.
शासक वर्ग द्विज समुदाय से थे उनकी जातियों की जनसंख्या बेहद कम है इसके बावजूद देश के संसाधनों पर उनकी का कब्ज़ा है और शूद्र वर्ग यानी OBC की जनसंख्या अधिक है लेकिन उन्हें किनारे रखा गया.
OBC SC ST को मिलाकर 85% तो जनसंख्या है, इसी कारण शासक वर्ग ने जातीय जनगणना नही कराई.
ब���हार सरकार जिसका नेतृत्व नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव कर रहे हैं राज्य में जातीय जनगणना कराकर इतिहास रच दिया.
भेद खुल गया है सवर्णों की आबादी केवल 10% के आसपास है.
जबकि बिहार में एससी आरक्षण सिर्फ 16% है। संविधान के तहत उनको आबादी के अनुपात में मिलना है।
निवेदन है कि एससी आरक्षण बढ़ाने पर आप लोग तत्काल सर्वदलीय सहमति बनाएं।
इसका न कोई पार्टी विरोध करेगी. न कोर्ट की इस पर हाथ डालने की हिम्मत होगी।
मेरी बिहार के सभी दलों से एक निवेदन है।
बिहार की जाति जनगणना सर्वदलीय समर्थन से संपन्न हुई। जेडीयू-बीजेपी सरकार ने जनगणना शुरू कराई जो जेडीयू-आरजेडी सरकार में संपन्न हुई।
अब एक नई समस्या ���ै कि बिहार में एससी यानी दलित आबादी 19.65% है।
@Profdilipmandal
BREAKING NEWS.
बिना किसी आंकड़ों और प्रमाण के बिहार में सवर्णों की आबादी न्यूज़ ��ैनलों और अखबारों में इस प्रकार थी.
ब्राह्मण - 6%
भूमिहार - 7.2%
राजपूत - 6.1%
कायस्थ - 1.2%
ख्याली पुलाव कुल जनसंख्या 20.5%
◆◆◆
बिहार सरकार द्वारा कराए गए जातीय जनगणना के आंकड़े इस प्रकार हैं.
ब्राह्मण - 3.65%
राजपूत - 3.45%
भूमिहार - 2.87%
कायस्थ - 0.60%
आधिकारिक तौर पर कुल जनसंख्या 10.57 हैं.
जातीय जनगणना से पहले ख्याली पुलाव आबादी 20% थी सरकारी आंकड़ा 10.57% का है यानी 9.5% का घोटाला ?
धन्यबाद नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव. आप दोनों ने वो कर दिखाया जो 1931 के बाद कोई नही कर सका था.
बिहार में 63% पिछड़े सिर्फ 27% आरक्षण में ठूँस दिए गए हैं। ये ज़ुल्म है। अत्याचार है।
पिछड़ा और अति पिछड़ा दोनों आरक्षण 10-10% बढ़ा देना चाहिए।
ईडब्ल्यूएस को ख़त्म कर देना चाहिए। वो बेकार है।
प्रिय @ChouhanShivraj जी
सीधी पेशाब कांड में 4 कार्रवाई ज़रूरी है।
1. पीड़ित को सरकारी सुरक्षा और शहर में उसके लिए एक सरकारी आवास। उसका मनोवैज्ञानिक उपचार क्योंकि सदमा गहरा है।
2. पीड़ित को सरकारी नौकरी और ₹50 लाख मुआवज़ा
3. अपराधी को लंबे समय तक जेल में रखने का बंदोबस्त। प्रशासनिक लापरवाही हुई है तो अधिकारी की बर्ख़ास्तगी।
4 आपको चाहिए कि आप जाकर पीड़ित को गले लगाएँ। आश्वस्त करें कि शासन उसके साथ हैं।
BJP worker Pravesh Shukla Crossing the limits of inhumanity in Madhya Pradesh, Pravesh Shukla was urine on the face of a tribal youth. video viral on social media..
@MPDial100 @ChouhanShivraj@DalitTime
इस अमानवीय घटना से मैं और पूरा ब्राह्मण समाज व्यथित है और पुरजोर निषेध करता है. ऐसे अपराधी को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए जिससे भविष्य में किसी में भी ऐसी दरिंदगी करने की हिम्मत ना हो।
सुनो जस्टिस ललित और जस्टिस गोयल, तुम लोगों ने कहा था अपने फ़ैसले में कि एससी-एसटी उत्पीड़न के केस फ़र्ज़ी होते हैं।
आओ, मध्य प्रदेश और देखो। ये आदिवासी बच्चा मानसिक असंतुलन का शिकार है। लाचार है बेचारा और बीजेपी नेता उसके सिर पर पेशाब कर रहा है।
क्या कोई आदमी सवर्ण हिंदू के सिर पर पेशाब करता है?
ये सब मैटर ही जात�� से जुड़ा हुआ है। समझो भारत की हकीकत।
आख़िरकार संसद को तुम दोनों के फ़ैसले को पलटना पड़ा। बाद में तो तुम लोगों ने भी सुधार कर लिया।
सीधी में गरीब लाचार आदिवासी युवक पर भाजपा विधायक प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला मानवता की सारी हदे पर आदिवासी युवक पर पेशाब कर रहा है।
@ChouhanShivraj मप्र ऐसी दुराचारीयो को हौसला आपके कहाँ से मिला है?
आज़ाद समाज पार्टी इस घटना की कड़ी निंदा करते है आरो��ी पर NSA के तहत कार्यवाही हो।
@AIYSDS_Chief [1]. लगता है अम्बानी जी अपने इंप्लाय��ों को काम न करने की तनख्वाह दे रहे हैं। इसी से लगता है रिलाइंस जिओ का मुनाफ़ा कुछ अधिक हो रहा है। कस्टमरों से किया वादा ना पूरा करने पर कस्टमर और कर भी क्या सकते हैं। रिलाइंस जिओ से पोट्रेट करा कर किसी दूसरे नेटवर्क का इस्तेमाल करेंगे।
@AIYSDS_Chief Mr. Mukesh Ambani, you must take immediate action on this. Customers trust you and your company. Don't let it break you. Rather strengthen it. Your company's image is getting tarnished due to inefficient, useless employers. You have to save him. Resolve customer problems and (1).