भाजपा के इन 2 रुपए में ट्वीट करने वालों को मुंह पर गजब का तमाचा लगा है। इसलिए कहते है मैथिल से संभल के भिड़ना चाहिए। @neha_laldas मैथिल कायस्थ है इतना आसानी से नहीं हारने वाली।
#maithilkayastha
ये बस ऋतुराज सिन्हा की सोच नहीं बल्कि पूरे समाज की सोच है कायस्थ हमेशा अपने आप से ज्यादा दूसरों के बारे में सोचता है लेकिन इससे कायस्थ समाज को क्या मिल रहा है? हर जगह से कायस्थों को खत्म करने के साजिश चल रही है। मैथिल कायस्थ की हालत मिथिला में क्या है? सभी जगह से उपेक्षित।
हर गांव में एक बकैत चाचा होते हैं। ज्ञान राजनीति से लेकर विज्ञान, अर्थशास्त्र से लेकर अंतरिक्ष तक हर विषय पर बांटते हैं, जबकि वास्तविक ज्ञान कंचनजंगा के बीच के बाल के बराबर भी नहीं होता। फिर भी लोग उनकी बातें बड़े चाव से सुनते हैं।
खान सर का हाल भी कुछ ऐसा ही लगता है। Physics हो, राजनीति हो या कोई और विषय, कई बार आधी-अधूरी जानकारी को पूरे आत्मविश्वास के साथ परोस देते हैं। ऊपर से उनके भक्त उसे अंतिम सत्य मान लेते हैं।
एक वीडियो में उन्होंने Physics का गलत कॉन्सेप्ट पढ़ाया। पंकज सर ने प्रयोग करके उसे गलत साबित कर दिया। इसके बाद जवाब देने या गलती सुधारने के बजाय वीडियो पर कॉपीराइट स्ट्राइक लगाकर हटवा दिया गया। ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां आलोचना या तथ्यात्मक खंडन का जवाब तर्क से नहीं बल्कि टेकडाउन से दिया गया।
सच्चाई यह है कि खान सर में पढ़ाने से ज़्यादा बकैती, जुमलेबाज़ी और लोगों को खुश करने की कला हैं। ज्ञान कम, हाइप ज़्यादा। बाकी उनके अंधभक्त इसे भी महानता का प्रमाण बता देंगे। बकैती में वे निस्संदेह एक्सपर्ट हैं।
पवन सिंह विधानसभा चुनाव के समय कहा था कि वो विधायक बनने के लिए नहीं आए हैं। अब MLC में गुजारा करना पड़ रहा है। बंगाल में टिकट मिलने पर पवन सिंह ने मना कर दिया था और काराकाट से लड़कर हार गए थे।
बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 हेतु भाजपा द्वारा श्री डॉ. संजय मयूख जी (@drsanjaymayukh) को उम्मीदवार घोषित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आपके अनुभव, विचार और नेतृत्व से बिहार तथा समाज को नई दिशा मिले, यही कामना है। 💐
#BiharMLC#KalamVahini#Kayastha
भाजपा से लगभग तय हो गया है कि बांकीपुर से कायस्थ उम्मीदवार होंगे। अभिषेक बंटी उम्मीदवार होंगे जैसा कि सूत्रों से पता चल रहा है। अभिषेक जी कायस्थ समाज से आते हैं और नितिन नवीन के काफी करीबी माने जाते हैं।
अभिषेक बंटी जी कायस्थ समाज से आते हैं और नितिन नवीन जी के करीबी माने जाते हैं। बताया जा रहा है कि नितिन नवीन जी ने स्वयं उन्हें चुनाव की तैयारी शुरू करने के लिए कहा है। संभवतः आगामी उप चुनाव में बांकीपुर से उम्मीदवार होंगे।
@KalamVahini
@theden03@maithilKayastha Aree bhai tumlog ka dikkat ye hai na
Jiska 32-33 seat hai usse behas nai karogey
Jiska ek representation bacha hai na uske gaand me ghus jao
100 baat ki ek baat bhai 52 seat se 1 seat pe aa gaye hai bakchodi karte karte or ab ye galti ab or nai ho sakta
Itna ijjat bane rehne do
मैथिली एकटा संवैधानिक भाषा छै तैं जनगणना फार्म मैथिलीयोमे हेबाक चाही। अहाँ (सरकार) जनगणना फार्म मैथिलीमे नइँ बनेलिए ताकि लोक कंफ्यूज रहय आ अपन मातृभाषा मैथिली नइँ भरय। मुदा से नइँ हएत। हम मिथिला वासी दोसर भाषा मे फार्म भरब आ मातृभाषा कॉलम मे मैथिलीए लिखा। #Maithili_In_Census
मैथिली एकटा संवैधानिक भाषा छै तैं जनगणना फार्म मैथिलीयोमे हेबाक चाही। अहाँ (सरकार) जनगणना फार्म मैथिलीमे नइँ बनेलिए ताकि लोक कंफ्यूज रहय आ अपन मातृभाषा मैथिली नइँ भरय। मुदा से नइँ हएत। हम मिथिला वासी दोसर भाषा मे फार्म भरब आ मातृभाषा कॉलम मे मैथिलीए लिखा।#जनगणना_के_भाषा_मैथिली #Maithili_In_Census
मैथिली केवल भाषा नहि, हमर इतिहास, संस्कृति, साहित्य आ पहचान अछि। आब समय आबि गेल अछि जे हम सभ एकजुट भऽ कऽ अपन भाषा केर सम्मान आ अधिकार लेल आवाज उठाबी।
#Maithili_In_Census#जनगणना_के_भाषा_मैथिली
पहले विधानसभा ,फिर मंत्रिमंडल और अब भाजपा बिहार संगठन से भी कायस्थ समाज बाहर
अब यदि बांकीपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र से भी समाज की भागीदारी को नजरअंदाज किया गया, तो यह प्रतिक्रिया लोकतांत्रिक होगी और जनता अपने मत के माध्यम से अपना संदेश स्पष्ट रूप से देगी