बीजेपी सरीखी बड़ी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष प्रधानमंत्री @narendramodi के संसदीय क्षेत्र में किसी कार्यकर्ता के घर जाए तो ये अच्छा प्रयास कहा जाएगा पर जब ऐसा कार्यकर्ता किसी निरीह वचिंत वर्ग के युवा की निर्मम हत्या का आरोपी हो, थाने में घुसकर दबंगई का आरोपी हो, लंबे वक्त तक जेल में रहा हो तब गंभीर सवाल उठना लाजिमी है।
-कल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वाराणसी के पार्टी पदाधिकारियों संग चौबेपुर में राघवेंद्र जायसवाल के घर पधारे।
-अब जरा राघवेंद्र जायसवाल के बारे में जान लीजिए, तीन वर्ष पूर्व बहादुरपुर गांव के गोपाल खरवार के पुत्र अमित खरवार को लाठी-डंडे से बेरहमी से पीटा गया, इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपित ग्राम प्रधान राघवेन्द्र जायसवाल उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
-२सितंबर, २०२२ को ड्यूटी के दौरान दरोग़ा ओमप्रकाश यादव के संग दबंगों ने बदसलूकी की, वर्दी उतारने की धमकी दी।दरोगा की तहरीर पर चौबेपुर के ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल, सपा नेता सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
-इतना बड़ा नेता जब किसी के घर पर पहुंचता है तो इलाके में उसका रसूख बढ़ेगा, पर इस मामले में तो बेटे के हत्यारोपी का बढ़ता रसूख खरवार परिवार के लिए खौफ का सबब बन गया है।
- @mppchaudhary जी को उन स्थानीय नेताओं से जवाब तलब करवाना चाहिए जो हत्या सरीखे गंभीर मामले के आरेपी के घर लेकर गए।
-कल रात पार्टी प्रदेश अध्यक्ष की अगवानी करते राघवेंद्र जायसवाल से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, आरोपों से संबंधित खबरें 👇👇
सुन बे त्यागी
पूरे भारत में मुगल आक्रांताओं के सनातन धर्म और उसके प्रतीकों पर हमले करने के निशान हैं। एक सुबूत अपने नाम में ही देख ले। ये संस्कृतियों पर हमला था। बात अलग है कि तुम जैसे कट्टरपंथी मुगल आक्रांताओं और आतंकियों की नापाक हरकतों को इस्लाम से जोड़ देते हैं। @DuttYogi
सुन बे @DuttYogi
अयोध्या मंदिर तोड़कर बाबर ने मस्जिद नहीं बनाई थी, ऐसा सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस आदेश में भी कहा था जिसके बाद मंदिर बनाया गया, तू गोल्ड मेडलिस्ट है तो थोड़ा ज्ञान ज़रूर रख और इस देश के संविधान को ज़रूर पढ़, सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को तो ज़रूर पढ़ना जिसमें लिखा है "कोई सबूत नहीं कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई लेकिन फिर भी मंदिर बनाया जाए!"
पूर्व CJI चंद्रचूड़ का वो बयान भी अपने भेजे में उतार जिसमें उन्होंने कहा "भगवान राम मेरे सपने में आए और मैंने आस्था की बुनियाद पर मंदिर बनाने का फैसला सुनाया!"
#BabriMasjid
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग का बयान👇
• अरुणाचल प्रदेश भारत का illegal setup है, चीन उसे भारत का हिस्सा नहीं मानता
• अरुणाचल प्रदेश चीन के Zangnan का हिस्सा है
चीन की हिम्मत कैसे है यह बकवास करने की?
यह बेहद आपत्तिजनक है, हमारी भूभागीय अखंडता पर सीधा हमला है
इस पर भारत सरकार किसी भी सूरत में चुप नहीं रह सकती, मुँह तोड़ जवाब देना चाहिये
These clowns are democracy's biggest champions, right up until they lose election after election. Then, shockingly, it's the voters who are wrong, not their garbage ideas.
आज की तारीख में " मनु की औलाद" इस सदी की सबसे गन्दी गाली है . किसी घनघोर संघी को भी मनु औलाद कहके देखियेगा. कैसे भड़क जाएगा. मरने मारने पर उतारू हो आएगा.ये सब ऐसे ही नहीं हो गया. कभी मनुस्मृति इस देश का सबसे पवित्र ग्रन्थ था. वो किताब मनु स्मृति ही है जिसने देश में भारत में वर्ण व्यवस्था को पुष्पित-पल्लवित किया. हम सब इस बात से भिग्य हैं की तमाम धर्म ग्रन्थ बहुजन-स्त्री विरोधी हैं. ऋग्वेद के दसवें मंडल के पुरुसूक्त में ही सबसे पहले वर्णव्यवस्था की नीव रखे जाने का वर्णन मिलता है. जिसमे वर्णित है की ब्राह्मणों की उत्पत्ति ब्रह्मा के मुख से , राजपूतों की बाजू , विषयों की जंघा और शूद्रों की पैर से हुयी है. कालांतर में महामना ज्योतिबा फुले ने इन ग्रंथों की तार्किक तरीके से बघिया उधेर कर रख दी.
उत्तरप्रदेश के हर जिले में एक माफिया है, अधिकतर ब्राह्मण और ठाकुर माफिया।
इन सभी में एक बात कॉमन है, ये अपने क्षेत्र की जनता में भय फैलाकर उनका शोषण करते हैं और लखनऊ और दिल्ली आकर चूहे की भांति अधिकारियों और नेताओं की जूती अपने सिर पर रख लेते हैं।
वो दबंग क्या दबंग है जिसकी दबंगई सिर्फ कमजोर और गरीब के आगे चलती है?
अगर आप अपने जिले के बाहुबलियों को दिल्ली के किसी नेता से बात करते भी सुन लेंगे तो आवाज़ पहचानने से इनकार कर देंगे।
ये कायर बाहुबली सिर्फ आपकी आवाज़ दबा रहे हैं, सच्चाई ये है कि इनका काम बड़े बड़े लोगों के यहाँ दरबार लगाना और जी हुजूरी करना है।
इंस्टाग्राम पर रील देखकर हर लफ़ुए को जेम्स बांड समझना बंद करिए।
यह व्यक्ति पिछली पीढ़ी का भाजपाई है। अटल आडवाणी और डॉक्टर जोशी के समय का भाजपा और RSS का कार्यकर्ता है ।
ये 1996 से 2007 तक भाजपा से विधायक रहे। वाराणसी लोकसभा से खुद का टिकट माग रहे थे लेकिन डॉक्टर जोशी का दिल इलाहाबादियों ने तोड़ दिया था तो उनके लिए वाराणसी की सीट दे दी गई जिससे नाराज होकर ये सपा में चले गए ।
लेकिन संघ तो कहता है कि वन्स स्वयंसेवक, ऑलवेज स्वयंसेवक ।
फिर ये तो ट्रेंड स्वयंसेवक हैं। अंदर बाहर सब जगह की सारी बातें जानते हैं। अनेक "भाई साहब" लोगो के साथ हर जगह भ्रमण किए हुए हैं।
हा, साहब से ये काफी रूष्ट है। पार्टी भी बदल कर कांग्रेसी बन चुके हैं। लेकिन फिर भी अगर "भाई साहब" लोग प्रयास करें, एक बार मिलकर बात कर लें तो उल जुलूल बयानबाजी तो बंद हो सकती है।
लेकिन "भाई साहब" लोग इस पर उदासीन क्यों हैं।
@smitaprakash@RazaAhmadDL Kyon Raja Miyan karwa li beizzati kayde se... Waise tum to izzatafzai samjhoge kyonki itne bade handle se tumhaari bakwas ka jawab jo mil gaya