AC service since On March 11, at 2:00 PM, I registered a service complaint RNP260311042366 for normal service Till now, NEITHER the service center has attended NOR responded, NOR has the Faridabad Zone Manager picked up my repeated calls @LGIndia , @LGUS@LGE_Global
मुझे लगा था वो भूल गई होगी
इतने साल हो गए बातें न कीं न ही मिले।
पर नहीं, वो नहीं भूल सकती मुझे कभी
ज़िंदगी भर अपने पुत्र को नाम मेरे से जो बुलाती है।दिल की धड़कनों में छुपी यादों ने
प्यार को अमर बना दिया है ।
समय बीत जाए, दुनिया बदल जाए
पर मेरा नाम उसके लिए ज़िंदगी भर गूंजेगा।
वाह खूब
नए साल के नए इरादे
नया साल, नई उम्मीदों का उजियारा लाया,
पुरानी थकान को पीछे छोड़ गया
अब दिल में बस एक इरादा है
हर दिन को पहले से बेहतर बनाना,
हर सपने को हकीकत में बदलना।राहें चाहे कितनी भी मुश्किल हों,
हौसला न टूटे, विश्वास न घटे
इस साल
खुद का सबसे बेहतर रूप बनाना है।
इतने हसीन चेहरे मिले, तुम नहीं मिले
कुछ तो तुम्हारे जैसे मिले, तुम नहीं मिले
दुनिया तो चाहती ही यही थी कि मत मिलो
सबसे मिले थे, मुझसे मिले? तुम नहीं मिले
#अली_ज़रयून
कम से कम जाते हुए मुझसे निगाहें न बदल,
कल तुझे मुझसे कोई काम भी पड़ सकता है
दर्द तो तय ही है मेरे साथ ही जाएगा मगर,
तुम चले आओ तो आराम भी पड़ सकता है
तुम तो तफ़रीह में कह देते हो पागल मुझको,
रफ्ता-रफ्ता ये मेरा नाम भी पड़ सकता है
- आदिल राशिद.
आज फिर दिल ने इक तमन्ना की
आज फिर दिल को हम ने समझाया
तुम चले जाओगे तो सोचेंगे
हम ने क्या खोया हम ने क्या पाया
हम जिसे गुनगुना नहीं सकते
वक़्त ने ऐसा गीत क्यूँ गाया
आज फिर दिल को हम ने समझाया
कोई तुम्हें अपनी दुनिया समझने लगे
तो फिर तुम दुनिया जैसे मत हो जाना
जहाँ लोग मोहब्बत को फ़ायदे से तौलते हैं
तुम उस भीड़ के साये में मत खो जाना।
तुम्हारी मासूमियत ही तुम्हारी पहचान है
उसे झूठी अदाओं में मत खो देना
जिस दिल ने तुम्हें अपना जहान माना है
उसके भरोसे को दर्द मत बना जाना
उसकी कत्थई आँखों में हैं जंतर-मंतर सब
चाक़ू-वाक़ू, छुरियाँ-वुरियाँ, ख़ंजर-वंजर सब
जिस दिन से तुम रूठीं मुझ से रूठे-रूठे हैं
चादर-वादर, तकिया-वकिया, बिस्तर-विस्तर सब
मुझसे बिछड़ कर वह भी कहाँ अब पहले जैसी है
फीके पड़ गए कपड़े-वपड़े, ज़ेवर-वेवर सब
- राहत इन्दौरी
लगाया दिल बहुत पर दिल लगा नहीं
तेरे जैसा कोई हमको मिला नहीं
ज़माने भर की बातें उनसे कह दीं
जो कहना चाहिए था वो कहा नहीं
वो मुझको लग रहा था प्यार मेरा
वो जैसा लग रहा था वैसा था नहीं
ना रोया था बिछड़ने पर मैं उनके
मगर हाँ ज़िदगी में फिर हँसा नहीं..