Congress workers in Gujarat were arrested for distributing Melody chocolate & playing the "Modi hai to Mumkin hai" song near a petrol pump
Now people can't even protest & mock the Govt?
If this is not a dictatorship, I don't know what it is.
महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला।
पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं - ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।
मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे - और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया।
और, ये बढ़त होती ही जाएगी।
महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है - चुनाव में वादे, और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार।
NEET पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेला है। मोदी सरकार में पेपर लीक माफिया फल-फूल रहा है और जिम्मेदार बैठकर तमाशा देख रहे हैं।
हैदराबाद में @nsui अध्यक्ष @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में NSUI के साथियों ने पैदल मार्च निकाला और युवा विरोधी मोदी सरकार को कड़ा संदेश दिया।
हम छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जब लाखों युवा सड़क पर हों, 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर हो और PM चुप हो - तो सरकार जवाब देने नहीं, बचने में लगी है।
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए foolproof सिस्टम नहीं बनता - हम रुकेंगे नहीं।
Action should have been taken against the Education Minister for the paper leak. For the student who lost his life due to the government’s failure.
But in New India, action is being taken against the Cockroach Janta Party for demanding accountability.
सरेंडर संघी डरपोक है।
यह बात बार-बार साबित हुई है कि इनको सवाल, विचार, व्यंग और विरोध से काफ़ी दिक्कत है।
ख़ुद बुढ़ापे में जवान दिखने के लिए विदेशी महिला के साथ रील बनाते हैं और युवाओं की आवाज़ दबाने के लिए उनका सोशल मीडिया अकाउंट बैन करवाते हैं।
अबकी बार डरपोक सरकार।
जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए reels बना रहे थे - पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे।
क्योंकि NEET Paper Leak ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी।
और मोदी जी ने न ज़िम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।
अब जब छात्र, NSUI और INC के कार्यकर्ता न्याय की आवाज़ उठा रहे हैं - BJP की प्रदेश सरकारें उन पर लाठियाँ बरसा रही हैं।
जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देती है, वो जवाबदेही से नहीं - डर से चलती है।
पर हम डरने वाले नहीं हैं।
हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मज़बूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता।
यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।