सच्चाई और अपने हक-अधिकार के लिए आवाज़ उठाना ही हमारा संकल्प है।
अपने अधिकार, सम्मान और न्याय के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
हक की लड़ाई में न लाठी से डरेंगे, न गोली से झुकेंगे। अपने अधिकारों के लिए आखिरी दम तक मजबूती से आवाज़ उठाते रहेंगे।
सासाराम में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, सरकारी अराजकता, प्रशासनिक उदासीनता और शव के सम्मानजनक परिवहन को लेकर अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं।
16 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी के शव को एंबुलेंस या सरकारी वाहन के बजाय ट्रैक्टर के पीछे लगे कृषि यंत्र पर बोरे में बांधकर करीब 20 किलोमीटर दूर सासाराम सदर अस्पताल ले जाने की तस्वीर सरकारी संवेदनहीनता, मानवीय गरिमा और दिल को झकझोरने वाली है।
मामला बड्डी थाना क्षेत्र के डूमरखोह जंगल का बताया जा रहा है। यहां एक पुराने कुएं से 16 वर्षीय लक्ष्मी का शव बरामद किया गया।
#Bihar #Sasaram #Rohtas #BiharNews #news
चुनाव तो चोरी से जीत लिया लेकिन जनता का दिल कैसे जीतेंगे?
जनता ने तो इन्हें नकारा था।
ऐसे केंद्रीय मंत्री और सांसद बनने का क्या फायदा जब आपकी सरकार में कोई सुने ही नहीं?
विचार करना आख़िर प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री एवं कोई अधिकारी इनकी सुनता क्यों नहीं है?
क्योंकि वो सब भी जानते है इन्हें जनता ने नहीं, चुनाव आयोग की मदद से उन्होंने ही Select किया है।
कल शाम नागपुर या आस पास हों तो मिलेंगे.
“जाति जनगणना” पर बात करेंगे. भाजपा RSS की साज़िशों को बेपर्दा करेंगे. आम लोगों को तथ्य तर्क के साथ आंदोलित करेंगे.
ज़रिया बनेगी मेरी किताब #जाति_जनगणना का मराठी संस्करण.
नगर निगम के चोर भाजपाई
नगर निगम के भ्रष्टाचारी भाजपाई
लूट कर सारे नगर निगम खा गए भाजपाई
इन भाजपाइयों को सबक सिखाना है, समाजवादी ने अब सड़कों पर उतरकर ये ठाना है
तथाकथित भूदेव से समझिए जब जब ब्राह्मण/ब्राह्मणवादी SC/ST/OBC प्रतिनिधित्व तानी आरक्षण में उंगली करने का प्रयास करता है तब फाइनल रिजल्ट क्या सामने आता है।
ये पत्रकार है। आरक्षण हटाओ अभियान चला रहा है। जाति से भूमिहार ब्राह्मण है। सोचिए सैनिक स्कूल से पढ़ने के बाद ये हालत है। जातिवाद कितना खतरनाक होता है इस वीडियो से जानिए।
मनुस्मृति बनाम संविधान: देश की असली वैचारिक लड़ाई!
सवाल किसी एक किताब का नहीं, उस मानसिकता का है जो आज भी जाति और पितृसत्ता को ढो रही है। एक तरफ़ जन्म से ऊँच-नीच तय करने वाली सोच है, दूसरी तरफ़ समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय का संविधान।
हमारा पक्ष साफ़ है - मनुस्मृति नहीं, भारत का संविधान सर्वोपरि है। लड़ाई इसी विचार और इसी बराबरी के लिए है।
BJP-RSS देश को जवाब दे—क्या यही वह मनुस्मृति है, जिसके विचारों को आप भारतीय समाज पर थोपना चाहते हैं?
मनुस्मृति 8.281 में कथित ‘निम्न जन्म’ के व्यक्ति के ‘उच्च’ माने गए व्यक्ति के बराबर बैठने तक पर शरीर दागने, निर्वासित करने अथवा नितंब काटने जैसे क्रूर दंड का विधान मिलता है।
यही वह वर्णवादी सोच है जिसमें इंसान की गरिमा उसके कर्म से नहीं, जन्म से तय होती है।
इसलिए सवाल सीधा है—भारत संविधान की बराबरी, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के रास्ते पर चलेगा या जन्म के आधार पर ऊंच-नीच तय करने वाली मनुस्मृति की व्यवस्था पर?
BJP-RSS को साफ़-साफ़ बताना चाहिए कि वह किस तरफ़ खड़ा है—संविधान के या मनुस्मृति के?
तस्वीर AI ने बनाई, श्लोक मनुस्मृति में लिखा है।
जब परिवार विधायक पर आरोप लगा रही है तो @bihar_police विधायक को बचाने में क्यों एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है?
क्यों पुलिस बिना जाँच यह पहले से मानकर ही चल रही है कि यह EO विमल कुमार की हत्या में केवल ड्राइवर लिप्त है?
@yadavtejashwi#RJD#crime
डेहरी के वसूलीबाज विधायक पर कार्रवाई नहीं करके और @bihar_police के हाथ पांव बांधकर सम्राट चौधरी सरकार अपने अधिकारियों को क्या संदेश देना चाहते हैं? कि उनके नेता जितना वसूली मांग रहे हैं चुपचाप देते जाओ?
नहीं तो हत्या भी हो जाएगी और दोषियों को कभी पकड़ा भी नहीं जाएगा?
बीच में किसी और को बलि का बकरा बनाकर पूरे षडयंत्र को छुपा लिया जाएगा?
क्या यही संदेश देना चाहते हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी इतने व्यस्त हैं कि उनके पास गृहमंत्री रहते हुए हत्या कर दिए गए मृतक के परिजनों से मिलने का भी समय नहीं है?
ना किसी नागरिक को सुरक्षा देने का समय है और ना ही उसके लिए न्याय सुनिश्चित करने का समय है?
@yadavtejashwi #RJD #Bihar
2014 में कहा था—"मैं देश नहीं बिकने दूँगा।"
2026 में देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक संस्थाएँ बेची जा रही हैं।
जब अडानी पर अमेरिका में फ्रॉड के आरोपों की जाँच चल रही थी, तब LIC के लगभग ₹33,000 करोड़ के निवेश पर सवाल उठे। अब Rajesh Exports पर सेबी द्वारा ₹15 लाख करोड़ के कथित फ्रॉड के आरोपों की चर्चा के बीच यह भी सामने आया कि LIC की उसमें लगभग 10% हिस्सेदारी है। इधर LIC के प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं और उधर सरकार उससे ₹31,000 करोड़ जुटाने के लिए 6.5% हिस्सेदारी बेच रही है।
1956 में मात्र ₹5 करोड़ की पूँजी से शुरू हुई LIC आज लगभग ₹2.7 लाख करोड़ की संस्था है। जिस संस्था ने करोड़ों भारतीयों का भरोसा जीता, आज उसी की हिस्सेदारी बेचकर सरकारी खजाना भरा जा रहा है।
जिन्होंने जवाहरलाल नेहरू को दिन-रात कोसा, आज वही उनकी बनाई सबसे मज़बूत सार्वजनिक संस्थाओं को बेच रहे हैं।
"देश नहीं बिकने दूँगा" सिर्फ़ नारा था या जनता से किया गया वादा?
जवाब तो देना पड़ेगा।
इस देश में चपरासी की नियुक्ति भी परीक्षा से होती है लेकिन उच्च न्यायपालिका के जज की नियुक्ति बिना परीक्षा के होती है। क्या ये न्यायसंगत है?
कॉलेजियम सिस्टम खत्म होना चाहिए।
- श्री @sanjuydv जी, सदस्य राज्यसभा
लोकतंत्र को जोड़-तोड़ का तंत्र बना दिया है भाजपा–RSS ने।
विपक्षी दलों को तोड़ने, निर्वाचित सरकारों को गिराने और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के बीच अब यह चर्चा तेज़ है कि क्या अगला लक्ष्य संसद पर पूरी तरह अपना नियंत्रण बनाना है?
लो अब सिद्धिविनायक में चढ़ावा चोरी की पोल खुली । हर साल 18 करोड़ रुपये की डकैती।
ईश्वर कहा है ?
आमजन ईश्वर को चढ़ावा चढ़ाता है और पांडा लूट ले रहा लूट के इतिहास देखते हुए साफ़ है-
भारत के मंदिरों को कभी किसी विदेशी ने लूटा होगा ये अपने आप में सदिग्ध है।