BSF athletes delivered an outstanding performance at the 1st World Yogasana Sports Championship 2026, held in Ahmedabad from 4–8 June, where participants from 76 countries showcased excellence in Yogasana.
The BSF contingent of 12 players secured an impressive 14 medals:🥇12 Gold and 🥉2 Bronze, making a significant contribution to India's dominant overall championship victory (102 Gold, 9 Silver, 3 Bronze).
On the final day, BSF athletes added 3 Gold and 1 Bronze medal to the tally, with Arjun Parihar, Shiyal Krishna Bhai and Pradeepta Kumar Mahapatra striking Gold, while Sathi Mondal secured a Bronze.
Our Yogasana champions brought glory to the Nation and the Force.
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जब शिलॉन्ग में डॉ अब्दुल कलाम साहब की मौत हुई, तो पूरी दुनिया रोई। लेकिन असली तमाशा तो अगले दिन दिल्ली में हुआ।
लोग उनके कमरे का ताला खोलने पहुँ गये, सब देखना चाह रहे थे कि इतना बड़ा वैज्ञानिक, जो 40 साल तक सरकार के बड़े पदों पर रहा और 5 साल तक 'रायसीना हिल्स' (राष्ट्रपति भवन) का राजा रहा वो आख़िर कितनी संपत्ति छोड़कर गया है।
लेकिन जब कमरा खुला, तो सन्नाटा पसर गया।
वहां कोई तिजोरी नहीं थी। कोई लग्जरी कार की चाबी नहीं थी। कोई विदेशी बैंक का पासबुक नहीं था।
उस कमरे के कोने में पड़े एक छोटे से संदूक में बस ये मिला:
6 घिसी हुई शर्ट और 4 ट्राउजर (जिन्हें वो खुद धोते थे)।
3 पुराने सूट (एक तो राष्ट्रपति बनने के समय सिला था, वही 5 साल चला)।
1 कलाई घड़ी (जो वक्त की पाबंद थी, पर दिखावे से कोसों दूर)।
1 पुराना लैपटॉप और 1 वीणा।
और सबसे कीमती चीज़? 2,500 किताबें। बस! यही थी उस शख्स की कुल जमापूंजी जिसने भारत को परमाणु शक्ति बनाया।
हैरानी की बात जानते हैं क्या है?
अब्दुल कलाम ने अपनी पूरी जिंदगी की सैलरी और अपनी पेंशन तक 'PURA' नाम की संस्था को चुपचाप दान कर दी थी। जिस इंसान के एक दस्तखत पर देश का अरबों का बजट तय होता था, उसने अपने लिए एक इंच जमीन तक नहीं खरीदी।
आज हम 2000 के जूते और 5000 के चश्मे पहनकर खुद को रईस समझते हैं। लेकिन उस महापुरुष' ने बिना किसी ब्रांड के पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना लिया।
कलाम साहब ने मरते-मरते भी हम सबको एक आईना दिखाया है— कि "इंसान अपनी हैसियत से नहीं, अपनी वसीयत (विचारों) से बड़ा होता है।"
अगर आज आपके पास रहने को छत और पहनने को कपड़े हैं, तो आप उस दिन के राष्ट्रपति से भी ज्यादा 'अमीर' हैं। पर क्या आपके पास उनके जैसा 'दिल' है?
इस महापुरुष की सादगी के सम्मान में एक 'नमन' तो बनता है।
इसे इतना शेयर करो कि हर उस इंसान तक पहुँचे जो आज पैसे और घमंड के नशे में चूर है। 🇮🇳
@AlwarPolice@Sp_Alwar
Respected sir
I have dialed DySP and SHO of Barodamev Ps to resolve the issue of my BSF personnel Constable Narendra who is the resident of village Resty under Barodamev police station,but none of the have attended the same .
Please help him in this matter