हिंसा हार के डर से जन्म लेती है।
भाजपा हताश है इसीलिए देश के बच्चों के बाद अब सांसद तक पर प्राणघातक हमले करवा रही है। उनकी प्रेस कांफ्रेंस में एक हमलावर के चाकू लेकर पहुँचने की घटना बेहद गंभीर मामला है और माननीय सांसद की सुरक्षा में लगे सरकारी महकमे की भारी चूक भी। जाँच हो।
जनप्रिय सांसद श्री पप्पू यादव जी की लोकप्रियता, भाजपा पचा नहीं पा रही है क्योंकि भाजपा अपने कुकृत्यों की वजह से हर तरह से बदनाम हो चुकी है।
माननीय लोकसभा अध्यक्ष जी संज्ञान लें!
श्री पप्पू यादव जी सदैव यूँ ही सक्रिय रहें।
@pappuyadavjapl
मोदी जी आपकी माँ को सिर झुकाकर नमन।
लेकिन ये बताइए आपकी माँ, माँ हैं।
मेरी माँ, माँ नहीं हैं।
आपने कहा विपक्ष वाले मुज़रा करें तो क्या विपक्षी दलों में काम करने वाली महिलाए किसी की माँ बहन बेटी नही?
आपके लोगों ने तो सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस को माँ बहन की गालियाँ दीं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन खत्म हो चुका है. लेकिन यहां अब किलेबंदी की जा रही है. दिल्ली पुलिस के साथ RAF के जवान भारी संख्या में तैनात हैं. आखिर इसकी वजह क्या है?
पेपर लीक के खिलाफ Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 लोकसभा में पास।
इसके तहत दोषियों के लिए सजा को और कड़ा किया गया है। इसमें अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद
10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना
और दोषी की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है
साथ ही, मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी।
इस कानून के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी और आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करना होगा।
🔥 BREAKING
प्रियंका गांधी का BJP पर करारा हमला!
“कल धर्मेंद्र प्रधान को शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफ़ा देना पड़ा और अगले ही दिन BJP सांसदों ने संसद में उनका स्वागत किसी सुपरस्टार की तरह किया। यह साफ़ दिखाता है कि BJP के लिए पेपर लीक माफिया हीरो हैं।”
जिस शिक्षा व्यवस्था ने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगाया, उसी के ज़िम्मेदार लोगों का सम्मान किया जा रहा है। युवाओं के सपनों का सौदा करने वालों को बचाने की राजनीति अब देश देख रहा है।
प्रधान जी तो चले गए, अब एथनोल वाले अंकल क़ी बारी है. इसके लिए युवाओं को आवाज उठानी है.
आप प्रमुख अरविन्द केजरीवाल इसके लिए एक मंच तैयार कर रहें हैँ. 1 अगस्त को दिल्ली में
गाड़ियां ख़राब हो रही, तेल सस्ता नहीं हो रहा
तो युवाओं को अगला प्रोटेस्ट इसके लिए करना ही चाहिए.
#E20TownhallWithKejriwal
हमने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में 27वें नंबर से नंबर 1 पर ला खड़ा किया। भाजपा हमारे इसी शानदार काम पर कलंक लगाने की कोशिश कर रही है।
हमारी दिल्ली में 10 साल सरकार रही, पंजाब में हमारी सरकार है, लेकिन एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। दूसरी तरफ, भाजपा की जहाँ भी सरकारें हैं, वहाँ लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। भाजपा को अपनी यही नाकामी चुभ रही है।
'देर आए दुरुस्त आए...', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले मुरली मनोहर जोशी
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा, 'देर आए दुरुस्त आए.'
पढ़ें पूरी ख़बर: https://t.co/TfioIqVoRs
#ATCard #dharmendrapradhanresign #DharmendraPradhan #MurliManoharJoshi
मोदी का नया हीरा तो खीरा चोर है।
मोदी जी आपके दिमाग़ पर भ्रष्टाचार का कैसा भूत सवार हो गया है?
“मंदिर से लेकर शिक्षा के मंदिर तक हर जगह चोर बिठा रहे हो”
खीरा सब्सिडी कांड वाले IAS नरेश पाल गंगवार देश के नए शिक्षा सचिव बनाए गए !!
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दिनों IAS नरेश पाल गंगवार की पत्नी, पुत्र और माता को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की योजना के तहत लगभग ₹1.16 करोड़ की सब्सिडी मिली। इससे गंगवार पर सवाल उठे, क्योंकि वह उस वक्त पशुपालन/डेयरी मंत्रालय में सचिव थे।
अगर पेपर लीक पर संसद में चर्चा होनी ही है, तो प्लीज़ विपक्ष ChatGPT से लॉजिक उठाकर बात न करे।
10 साल से इस मुद्दे को ज़मीन पर, करीब से देख रहे हम जैसे लोगों से पेपर लीक को समझे। तथ्य ले, अनुभव ले, कमज़ोरियाँ समझे और फिर पूरे लॉजिक व तैयारी के साथ संसद में बात करे।
तभी उस चर्चा का कोई मतलब होगा। तभी कोई ठोस निष्कर्ष निकलेगा।
पूरे देश का युवा उस चर्चा को देखेगा। कृपया इस बात का ध्यान रखा जाए कि एक बार फिर उसके दिल न टूटें। उसे यह भरोसा मिलना चाहिए कि इस बार सिर्फ़ बहस नहीं, समाधान की दिशा में बात हो रही है।
@RahulGandhi@yadavakhilesh@ArvindKejriwal@MamataOfficial@PawarSpeaks
NEET आंदोलन पर ठाकरे बंधु एक सुर में, छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा... 26 जुलाई को मुंबई मार्च का ऐलान
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने NEET और छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. दोनों नेताओं ने छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और 26 जुलाई को मुंबई में शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक शक्ति प्रदर्शन निकालने का ऐलान किया.
पूरी खबर : https://t.co/F7ihF3nklX
#NEET #StudentProtest #RajThackeray #UddhavThackeray #MumbaiMarch | @ritvick_ab
आपने हमारे लोकतंत्र के इतिहास में कभी देखा है कि सरकार के सांसद खुद संसद के बाहर प्रदर्शन करें? ये संसद नहीं चला पा रहे हैं, बेहद कमजोर और कायर हैं।
इस लोकतंत्र में युवाओं के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है? जायज मांगों के लिए उनपर अत्याचार कर रहे हैं, लाठी और आंसू गैस चलवा रहे हैं। प्रधानमंत्री जो हर भारतीय की उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, जो भारत के मंगल ग्रह पर जाने का भी श्रेय लेते हैं, वे पेपर लीक की जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे? 152 पेपर लीक हुए और किसी को सजा नहीं हुई। मोदी जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
अभी जंतर-मंतर होकर आया हूँ।
ये सभी बच्चे अपने हक़ और अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। कल ही इन्होंने सरकार की क्रूरता को झेला है, लेकिन उसके बावजूद इनके हौसले बुलंद हैं। तानाशाही के सामने ये बच्चे आज भी डटे हुए हैं।
हम इन बच्चों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। उनकी इस लड़ाई में हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं।
24 करोड़ वोट जवाबदेही से छूट का लाइसेंस नहीं है।
इस्तीफ़े की माँग भी लोकतांत्रिक अधिकार है|
ये मत बताइए कि पहले भी पेपर लीक होते थे।
बताइए कि आज क्यों हो रहे हैं?
जनता ने आपको तुलना करने के लिए नहीं, सुधार करने के लिए चुना था।
कह रहे हैं कि आज एक मंत्री का इस्तीफ़ा हुआ तो कल हर कोई माँगने लगेगा।अरे साहब, इस्तीफ़ा भीड़ नहीं माँगती, जवाबदेही माँगती है।
अगर काम सही होगा तो कोई माँग टिकेगी ही नहीं।कानून बनाना अच्छी बात है, लेकिन जब तक पेपर लीक रुकेंगे नहीं, तो ?
अगर हर आंदोलन में कुछ चेहरे दिख जाते हैं,क्योंकि कुछ लोगों का ज़मीर अभी तक रिटायर नहीं हुआ है। इससे आंदोलन छोटा नहीं हो जाता।
सवाल चेहरों का नहीं, मुद्दे का है।