🚨 ANOTHER FAKE ALLEGATION BY RAHUL GANDHI AND CONGRESS‼️
“Former president Ram Nath Kovind went to the Pushkar Temple but was not allowed to enter because he was Dalit”.
Reality: FALSE ❌
Facts: This is just patently false news. Congress spread this false news and incite Caste tensions even then. Because of this fake news, even a priest of the temple was attacked!
बाप कलेक्टर, आठ ट्रैक्टर, सौ बीघा जमीन और सालाना आय 10 करोड़… फिर भी OBC आरक्षण और क्रीमी लेयर से बाहर!
क्योंकि जाति सही हो तो बाकी सब ‘गरीबी’ में गिना ही नहीं जाता।
"शुद्धिकरण धार्मिक नारे लगाने पर हुआ, जाति पर नहीं। मैं खुद दलित हूँ।"
हल्द्वानी मामले में इस दलित युवक ने इकोसिस्टम के 'जातिवाद' वाले प्रोपेगेंडा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। हिंदू एकजुट है!
क्या अब लिबरल गैंग इस दलित भाई पर भी SC/ST एक्ट लगाएगा? 🚩
आप लोगों को पता ही होगा कि अभी सौरभ दास ने अपना घर का पता सार्वजनिक करने और अपना घर दिखाने के लिए कुछ लोगों पर मानहानि का केस किया था जिसमें उनके वकील कपिल सिब्बल थे
कपिल सिब्बल ने सेटिंग लगाकर तुरंत सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी डाल दी अर्जी मंजूर भी हो गई फिर जज ने देखा कि सौरभ दास के पिता का नाम नहीं लिखा है तो जज ने कहा कि आप पिता का नाम लिखिए
तब कपिल सिब्बल ने कहा कि क्योंकि सौरभ दास जर्नलिस्ट है इसीलिए उनके पिता का नाम नहीं बताया जा सकता
फिर जज ने कहा यह कौन सी नॉनसेंस बात हुई ?? उसके बाद सौरव दास ने अपनी अर्जी वापस ले ली
दरअसल सौरभ दास का पिता नेपाली है सौरव दास भारत का नागरिक ही नहीं है यह नेपाल का नागरिक है इसीलिए यह अपने माता-पिता और अपना मूल जन्म स्थान सब कुछ छुपा रहा है
आप इसका फेस देखेंगे तब भी आपको पता चल जाएगा
बिष्णु तिवारी जी के बिना किसी जुर्म के भी जेल में बिताए 20 साल का हिसाब कौन देगा
ये किस तरह का काला कानून है
भाई की मृत्यु
पिता की मृत्यु पर जेल में बंद रहे
20 साल जेल काटने के बाद पता चला कि
मुकदमा फर्जी था
-40 वाले डॉक्टर अभी नियुक्त भी नहीं हुए, लेकिन उससे पहले 0 नंबर वाले अपना जलवा बिखेर रहे हैं।
Community Health Officer (CHO) कलेक्टर के सामने BP भी चेक नहीं कर पाई, तोइन्होंने MBBS में क्या गुल खिलाए होंगे, यह आप आसानी से समझ सकते हैं।
इनसे इलाज के लिए अधिकांश बहुजन ही आते होंगे। ये आरक्षणवादी सामाजिक न्याय के नाम पर अपने ही लोगों को मार रहे हैं।
Rahul Gandhi’s press conference today:
4 allegations.
3 lies.
1 misleading claim.
Rahul Gandhi, you can’t escape accountability for your lies anymore. Every claim will be fact checked and the truth will prevail.
Another expose is coming SOON 😉
SC/ST एक्ट के दुरुपयोग और फर्जी मुकदमों के मामलों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रीत सिरोही ने पीड़ितों की सहायता के लिए एक पहल शुरू की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ इस कानून के तहत झूठी या फर्जी एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है, तो उन्हें चुप बैठने के बजाय कानूनी व सामाजिक लड़ाई लड़नी चाहिए।
प्रीत सिरोही ने पीड़ितों से अपने संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फर्जी मुकदमों से प्रभावित लोगों की आवाज को प्रमुखता से उठाया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने पीड़ितों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 8882002222 भी जारी किया है।
#PreetSirohi
#SCSTAct
#LegalHelp
मध्य प्रदेश में रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल में एक महिला का वीडियो वायरल हुआ.....जिसमे डिलीवरी से पहले यह कह रही थी कि मुझे बचा लो, ये लोग मार डालेंगे। डिलीवरी के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
अब इस मामले पर इस अस्पताल के अधीक्षक राहुल मिश्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें परिजनों को डांट रहे हैं और कह रहे हैं कि तुमने अपनी बहन को 22 साल में ही गर्भवती करवा दिया।
#MadhyaPradesh #Rewa #SanjayGandhiHospital
Rahul Gandhi claimed in his speech that tea shops use two different types of cups, disposable cups for Dalits and glass cups for others.
Mr. Rahul Gandhi, could you please clarify: Which tea shop asks a customer’s caste before serving them tea? 🤔
फिरोजाबाद में 21 राजपूत युवाओं पर SC/ST एक्ट लगा दिया गया है!
उनके परिवारों का कहना है कि पहले उनको गलियां दीं गईं, झगड़े के लिए उकसाया गया और जब उन्होंने जवाब दिया तो उनपर SC/ST एक्ट लगा दिया!
ये तरीका अब बहुत आम हो चुका है-हर जगह से यही शिकायत मिल रही है कि लोगों को उकसाकर फिर उनपर एक्ट लगाया जा रहा है!
इसलिए preliminary inquiry का प्रावधान इस एक्ट में डालना बेहद ज़रूरी है!
और कमाल ये कि इतना दुरुपयोग होने के बाद भी सरकार मुआवजा 40% बढ़ा रही है!
हेलो @firozabadpolice
उम्मीद है आप इस मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे और बेगुनाहों को सज़ा नहीं होने देंगे!
20 साल जेल में… और आखिर में निर्दोष!
विष्णु तिवारी की कहानी अब घर-घर पहुंच रही है।
सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, न्याय व्यवस्था पर भरोसे का है।
#सवर्ण_आयोग_बनाओ
🚨 देहरादून पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी का ये वीडियो देखकर खून खौल जाता है।
लड़का बार-बार कह रहा है — “मेरा एकादशी का व्रत है, मम्मी ने रखवाया है।”
फिर भी रैगिंग के नाम पर उसे पीटा जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं।
माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, इस तरह अपमानित और पीटे जाने के लिए नहीं।
रैगिंग कोई मस्ती नहीं, गुंडागर्दी है। ऐसे छात्रों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी और पुलिस दोनों को जवाबदेह होना चाहिए।
🚨 सवर्ण समाज के लिए भाजपा के ऐतिहासिक कदम?
एक तरफ़ “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की बात—दूसरी तरफ़ सामान्य वर्ग के बीच आरक्षण नीतियों को लेकर बढ़ती नाराज़गी।
अब सवाल सीधा है:
क्या सामान्य वर्ग की चिंताओं और समान अवसर की मांग पर भी गंभीर चर्चा होगी?
एक बाइक से किसी की टक्कर हो गई। इसके बाद विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों में मारपीट हुई।
झगड़ा हुआ था तो सामान्य मारपीट और BNS की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज हो सकता था। लेकिन अगर पूरे विवाद में जातिवाद का कोई संबंध ही नहीं था, तो सिर्फ एक पक्ष के SC/ST समुदाय से होने के आधार पर SC/ST Act भी लगा दिया गया ..
सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुका है कि हर झगड़े, हर गाली या हर अपमान को SC/ST Act का अपराध नहीं माना जा सकता। इसके लिए यह दिखना जरूरी है कि अपमान या धमकी जाति के कारण की गई थी, लेकिन सुनता कौन है..
जाटव लड़के ने वाल्मीकि लड़की से शादी की और फिर तुम वाल्मीकि और मैं जाटव हु कह कर
मा"रा-पी"टा घर से निकाल दिया-
जातिवाद करें ये लोग और दंड मिले सवर्णों को
अखिर क्यों और कब तक अत्याचार करोगे सवर्णों पर
सवर्ण आयोग बनाओ-- #सवर्ण_आयोग_बनाओ
UGC पर भडके सुप्रीम कोर्ट के मुख्यन्यायधीश, सूर्यकांत शर्मा
कहा की👇🏻👇🏻
अगर हम दखल नहीं देंगे तो UGC के खतरनाक नतीजे होंगे
सवर्ण समाज को टारगेट किया जाएगा,
सर्व समाज आपस में बंट जाएगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे
सवर्णों आरक्षण ने तुम्हारी नौकरी छीनी और, SCST एक्ट ने तुम्हारे स्वाभिमान को चुनौती दी, और अब UGC नीति तुम्हारे बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़ा कर रही है
सोचने वाली बात यह है कि हर बार जब ऐसे बड़े फैसले आते हैं
तो पहले उन्हें टालने या स्थगित करने की प्रक्रिया होती है।
आज भी मामला आगे की तारीख पर है, लेकिन क्या हमने इतिहास से कुछ सीखा है
जब आरक्षण लागू हुआ, तब भी यही प्रक्रिया अपनाई गई
जब SC/ST एक्ट आया, तब भी पहले तारीखें बढ़ती रहीं, और अंत में फैसले लागू कर दिए गए, आज फिर वही स्थिति बनती दिख रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि कौन सी सरकार है या कौन सा दल है,
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हम अपने अधिकारों, अवसरों और भविष्य के प्रति जागरूक हैं या नहीं?
समाज तभी मजबूत होता है जब वह संगठित, जागरूक और सच को समझने वाला हो।
अगर हम खुद सवाल नहीं पूछेंगे, तो कोई और हमारे लिए नहीं खड़ा होगा।
यह समय है सोचने का, समझने का और अपने बच्चों के भविष्य के लिए आवाज उठाने का
शांतिपूर्ण, जागरूक और संवैधानिक तरीके से, अपनी सोच को मजबूत बनाइए, समाज को जोड़िए, तोड़िए नहीं सच को जानिए और दूसरों तक पहुंचाइए
UGC,SC/ST वापस लो,आरक्षण खत्म करो,सवर्ण एकता जिंदाबाद
( अब सवर्णों को भी चाहिए अंबेटकरवाद से आजादी)
#RHAREFROMANDOLAN