काशी में नया इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम
चंद्रमा के आकार का स्टेडियम, त्रिशूल की तरह लाइट्स और डमरू की तरह कंमेट्री बॉक्स
ज़ाहिर है, कुछ लोगों को ये अखरेगा, पर अब जो है, सो है
शिव शंभू 🔱
नेपाल मुसीबत में था… भारत मैदान में उतर गया
बाढ़ से तबाह नेपाल के लिए भारतीय वायुसेना राहत सामग्री लेकर पहुंची
हमारा भारत मानवता की एक मिसाल हे और रहेगी
*40 लाख एकड़ जमीन*
*565 रियासतें*
*43 किले*
*18700 छोटे दुर्ग*
*ये सब कुछ राजपूतों ने देश के लिए समर्पित कर दिया।*
*और कांग्रेस की मेहरबानी से इसका मालिक बन गया मुस्लिम वक्फ बोर्ड।*
*कितनी भयानक साजिश थी ये!*
*● पाकिस्तान बना — कांग्रेस के शासन में!*
*● बांग्लादेश बना — कांग्रेस के शासन में!*
*● धारा 370 लागू हुई — कांग्रेस के शासन में!*
*● अल्पसंख्यक बिल आया — कांग्रेस के शासन में!*
*● मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बना — कांग्रेस के शासन में!*
*● अल्पसंख्यक मंत्रालय बना — कांग्रेस के शासन में!*
*● अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय बना — कांग्रेस के शासन में!*
*"कांग्रेस" ने यह सब कुछ सिर्फ मुसलमानों के लिए किया — वो भी तब, जब देश का विभाजन धार्मिक आधार पर हुआ था।*
*तो क्या कांग्रेस पहले से ही "गजवा-ए-हिंद" की तैयारी कर रही थी.....?*
*इस्लामिक देश के लिए योजनाएं बनाई गईं, और हिन्दुओं को केवल "आरक्षण" दिया गया ताकि हिन्दू समाज आपस में ही लड़ता रहे और "गजवा-ए-हिंद" की साजिश को कभी समझ न सके।*
*पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने अपनी किताब "मेरा जीवनचरित्र" के पृष्ठ संख्या 456 पर लिखा है:-*
*"मुझे समझ नहीं आता कि नेहरू को हिन्दुत्व से इतनी नफरत क्यों थी....?"*
*सरदार पटेल ने नेहरू को चेताया था कि अगर आप "एंटी-हिन्दू कोड बिल" लाएंगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, और हिन्दू समाज को सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए सड़कों पर ले आऊंगा।*
*पटेल की इस धमकी से नेहरू डर गए और सरदार पटेल के निधन के बाद ही वह बिल संसद में पास हुआ।*
*इस विधेयक पर बहस के दौरान आचार्य जे.बी. कृपलानी ने नेहरू से कहा था: —*
*"नेहरू, तुम साम्यवादी और मुस्लिम समर्थक हो। तुम सिर्फ हिन्दुओं को धोखा देने के लिए जनेऊ पहनते हो। अगर सच में हिन्दू होते तो हिन्दू कोड बिल की बजाय सभी धर्मों के लिए एक कॉमन सिविल कोड लाते।"*
*कई बार लगता है ऐसी पोस्ट ही न करें — लेकिन फिर लगता है शायद कोई हिन्दू पढ़े और देश के हित में जागे।*
*बीबीसी के प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टुली ने कहा था:-*
*"मोदी जी देश के उस जहरीले पेड़ को जड़ से उखाड़ रहे हैं, जो वर्षों से देश को धीमे ज़हर से खा रहा था। इसके लिए उन्हें लगातार संघर्ष करना होगा।"*
*मोदी जी ने देश में छिपे सभी ज़हरीले साँपों के बिलों में सही दवा डाली है।*
*इसलिए ये साँप फुफकार मार रहे हैं — वामपंथी, जेहादी, नक्सली, मिशनरी, सब प्रकार के सांप जिन्हें कांग्रेस ने अपने साथ पनाह दे रखी थी ताकि भारत को बर्बाद किया जा सके।*
*मोदी जी सत्ता में आए और देश को जागरूक और सजग किया।*
*उन्होंने इन ज़हरीले सांपों को उजागर किया —*
*अगर ऐसा न हुआ होता, तो आने वाले समय में ये सांप भारत भूमि और हिन्दू संस्कृति को पूरी तरह निगल गए होते।*
*हमारी आने वाली पीढ़ियों के पास कुछ नहीं बचता — सिवाय रोने और अफसोस के।*
*मोदी जी को बहुत संघर्ष करना होगा और वो लड़ेंगे, लेकिन इस देश के लोगों को, खासकर हिन्दुओं को, मोदी जी के साथ अडिग होकर खड़ा रहना होगा।*
*क्योंकि यह युद्ध मोदी जी ने अपने लिए नहीं छेड़ा, बल्कि देशवासियों, उनकी संतानों, और भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए छेड़ा है।*
*कृपया यह संदेश जनहित में आगे भेजें और अन्य देशवासियों व हिन्दुओं को जागरूक करें।*
*अगर आप हिन्दू हैं, तो कम से कम पांच लोगों को जागरूक करें।*
*अगर आपको भारतीय होने पर गर्व है, तो इस पोस्ट को भारत हितैषी बनकर जरूर साझा करें।*
*भारत माता की जय!*
*जय हिंद!*
*जय हिंदुत्व!*
*वंदे मातरम्!*
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सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रसन्ना बराले ने कहा कि अगर सरकार कुंभ मेला का जो बजट है उसका 0.1% शिक्षा बजट बढ़ाती तो कई स्कूल बन सकते थे
मैं जस्टिस से सहमत हूं
लेकिन जस्टिस प्रसन्ना वराले को सिर्फ कुंभ मेला ही क्यों नजर आया ???
इन्होंने यह क्यों नहीं कहा कि अगर सरकारी हज यात्रा सब्सिडी का बजट का 0.1% स्कूलों पर खर्च करती तो स्कूल अच्छे बन सकते थे
या यह जो पूरे भारत में सैकड़ो हज हाउस बने हैं उनकी जगह स्कूल या कॉलेज बनते तो कितनी शानदार शिक्षा व्यवस्था होती
या जस्टिस प्रसन्ना बराले को यह भी कहना चाहिए कि यह वक्फ बोर्ड जो लाखो एकड़ जमीन दबाकर बैठा है उन जमीनों पर स्कूल कॉलेज बनेंगे तो देश की शिक्षा व्यवस्था शानदार होगी
सोचिए जब सुप्रीम कोर्ट में बैठे हुए जज को भी सिर्फ एक धर्म नजर आ रहा है तब वह फैसला क्या करते होंगे