महोदय, हमारी आवाज उठाने के लिए धन्यवाद।
Upsssc आयोग में Waiting List का प्रावधान बहुत जरूरी है। यही वक्त की मांग है। सरकारी हमारी बातों को अनसुना कर रही है। कृपया आप सहयोग करे। Upsssc में Waiting List जारी हो।
@UPTakOfficial@Avaneesh_kumar_@brajeshpathakup
प्रिय UPSSSC अभ्यर्थियों,
नौकरी के लिए Wait करते-करते थक गये आप सब बेरोज़गारों की ये माँग जायज़ है कि UPSSSC की सभी भर्तियों में Waiting List की व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे अगर कोई चयनित अभ्यर्थी अपनी सीट छोड़ दे तो उसके बाद किसी अन्य को वो सीट मिल सके। इस फ़ैसले से लाखों अभ्यर्थियों को फ़ायदा मिल सकेगा और भाजपा पर लगा ‘महा-बेरोज़गारी’ फैलाने का दाग़ भी थोड़ा कम होगा लेकिन भाजपा सरकार ये काम कभी नहीं करेगी क्योंकि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप सब युवक-युवतियों की असीम ऊर्जा राष्ट्र-निर्माण के काम में न लगकर, अपने लिए काम-रोज़गार-नौकरी पाने की गुहार-पुकार में व्यर्थ हो रही है।
हम UPSSSC के आप सभी अभ्यर्थियों की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाकर आपकी हर माँग के समर्थन में हर हाल, हर हालात में साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे।
हम नई सरकार बनाने पर इस माँग की पूर्ति करने के लिए वचनबद्ध हैं। आप सबने इतने साल संघर्ष करके देख लिया है कि असंवेदनशील-हृदयहीन भाजपाइयों से ‘पीड़ा’ के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं होगा। अब आप भी पीड़ितों की श्रेणी में गिने जा रहे हैं, इसीलिए आप भी पीडीए ही हुए क्योंकि हम हमेशा कहते हैं और आज फिर कह रहे हैं :
जो पीड़ित, वो पीडीए!
आपका
अखिलेश
भाजपा जाएगी, नौकरी आएगी!
अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#UPSSSC
#UPSSSC_Waiting_List
UPSSSC कि एक भर्ती पूरी होने में 3-5 साल लग जाते हैं और जब परिणाम आता है तो हजारों सीटें खाली रह जाती हैं!
UPSSSC की VPO, AGTA, जूनियर अस्सिटेंट (5512), लेखपाल और सहायक लेखाकार जैसी तमाम भर्तियों में सीट ओवरलैपिंग की वजह से सैकड़ों-हजारों पद खाली छूट जाते हैं।
दूसरी तरफ मात्र 0.25 नंबर या उम्र (DOB) के फेर से बाहर हुए प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं।
जब अन्य राज्यों में वेटिंग लिस्ट का नियम है, तो उत्तर प्रदेश में यह मनमानी क्यों।
प्रदेश की सत्ताधारी सरकार वेटिंग लिस्ट के प्रावधान को लेकर जब कुछ नहीं कर पाई तो युवा अभ्यर्थी जो कई बार लखनऊ में UPSSSC भवन के सामने और मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री जी के पास जाकर वेटिंग लिस्ट के प्रावधान के लिए गुहार लगा चुके हैं और उन्हें वहां कोई आस नजर नहीं आई तो युवा अभ्यर्थी माननीय अखिलेश यादव जी के आवास पर आकर अपने बात को रखा, जिसके बाद माननीय अखिलेश यादव जी ने कहा कि हम UPSSSC के आप सभी अभ्यर्थियों की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाकर आपकी हर माँग के समर्थन में हर हाल, हर हालात में साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे।
हम नई सरकार बनाने पर इस माँग की पूर्ति करने के लिए वचनबद्ध हैं।
सरकार और आयोग कोरे आश्वासनों के बजाय UPSSSC की सभी भर्तियों में तत्काल प्रभाव से वेटिंग लिस्ट का स्पष्ट प्रावधान लागू करे, ताकि खाली पड़े पदों पर कतार में खड़े योग्य युवाओं को मौका मिल सके।
पर सरकार के नियत में वेटिंग लिस्ट के प्रावधान की कोई मंशा नहीं है नजर आ रही है।
@myogiadityanath@CMOfficeUP@UPGovt@upsssc
#UPSSSC_Waiting_List #UPSSSCWaitingList
@yadavakhilesh माननीय पूर्व मुख्यमंत्री जी @yadavakhilesh हम लोग आपके पास waiting list के लिए गए थे
लेकिन आपने भी हमारी waiting list की बात नहीं रखी
आपसे निवेदन हम छात्र के waiting list के मुद्दों को उठाइए 🙏
समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 15.09.2026
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से आज प्रतियोगी छात्र एवं अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंटकर उन्हें यूपी एसएसएससी की सभी पेट आधारित भर्तियों में प्रतीक्षा सूची का प्रावधान लागू कराने का ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित पेट आधारित विभिन्न भर्तियों में चयन के पश्चात अनेक अभ्यर्थी अन्य परीक्षाओं अथवा बेहतर पदों पर चयनित होने के कारण सम्बन्धित पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं करते है। इसके परिणाम स्वरूप द्वारा विज्ञापित अनेक महत्वपूर्ण पद रिक्त रह जाते हैं। जबकि दूसरी ओर उन्हीं पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी चयन की प्रतीक्षा करते रह जाते है। यदि आयोग में प्रतीक्षा सूची का स्पष्ट प्रावधान होता अथवा सम्मान जनक जन्मतिथि से बाहर अभ्यर्थियों का अवसर मिल सकता था और सरकारी पदों को रिक्त रहने से बचा जा सकता था।
ज्ञापन में मांग की गई कि पारदर्शी प्रतीक्षा सूची अनिवार्य रूप से जारी की जाए। इस सूची को 1-2 वर्ष के लिए बैध रखा जाए, दस्तावेज सत्यापन एवं आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए ताकि किसी भी स्तर पर सीटें खाली न रहे।
ज्ञापन पर सर्वश्री शुभम यादव, पूजा पाल, अनुज कुमार, उमा श्रीवास्तव, सौरभ यादव, पवन यादव, अनूप कुमार, मयंक, अंजनी पाण्डेय, राम गोपाल, धनेश साहनी, सिद्धांत यादव, राजेश चौरसिया, रंजना मौर्य, सत्येंद्र, एसपी सिंह, सर्वेश, विजय कमलेश कुमार, राजेन्द्र पटेल, राहुल सिंह, आदेश कुमार, प्रशांत, किसन शुक्ला, बीर सिंह यादव, अभिषेक, दयाशंकर आदि तमाम अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर हैं।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता