बेहद शर्मनाक स्थिति! ट्रेन नं. 15027 (मौर्य एक्सप्रेस) के A1 और Ac-2 कोच में पानी की एक बूंद तक नहीं है। AC कोच का टिकट लेकर भी यात्री बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं। कृपया तुरंत पानी की व्यवस्था करें!
@RailwaySeva@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
@RailwaySeva@PMOIndia kindly take into consideration.... सुबह 6:30 से ट्वीट कर रहा हूं और सभी स्टाफ को फोन करके भी कह चुका हूं मगर पानी की व्यवस्था जस की तस बनी हुई है अभी भी AC2 में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है... रेल विभाग सिर्फ और सिर्फ बहाने ढूंढ रहा है आप ट्वीट में खुद देख सकते हैं
@RailwaySeva सुबह के समय सभी लोग शौचालय का उपयोग करते हैं यह जानते हुए भी आप लोग अमानवीकृत किया है आपने. जब मैं पहले ही मेंशन कर दिया कि 2nd AC के A1 कोच में पानी नहीं है तो आप स्टाफ से भी तो पूछ सकते थे अपने
@RailwaySeva आपके रनिंग स्टाफ है जो ट्रेन में चल रहे हैं उनसे भी आप सारी जानकारी ले सकते थे मगर आपको गाड़ी में पानी की व्यवस्था न करने के लिए एक बहाना चाहिए कि आपने पीएनआर नंबर अभी तक उपलब्ध नहीं कराया.क्या ही हो जाएगा जब उपलब्ध कराने से जब 2 घंटा से बिन पानी ट्रेन में सफर कर रहे हैं
@RailwaySeva@drm_sonpur बेहद शर्म की बात है कि ट्वीट किए हुए लगभग 2 घंटे हो चुके हैं और ट्रेन कई बार रुकी है अलग-अलग स्टेशनों पर फिर भी पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी
1. यू.पी. के अयोध्या में श्री राम मन्दिर के बाद अब उत्तराखण्ड स्टेट में भी बद्रीनाथ धाम चढ़ावा में चोरी व ग़बन आदि होने का मामला काफी सुर्ख़ियों में हैं। इन दोनों विख्यात धार्मिक स्थलों में इनके ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबन्धकों की भी सही से जाँच होनी चाहिये वरना फिर आगे चलकर इनकी आड़ में इनके स्थान पर दूसरे बने मुख्य प्रबन्धक भी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। क्योंकि ऐसी आम चर्चा है कि निचले स्तर पर जो भी गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए या तो मुख्य प्रबन्धकों की मिलीभगत है या फिर उनकी लापरवाही की वजह से यह सब कुछ हुआ है। अतः इस प्रकरण की अब सही से जाँच होनी बहुत ज़रूरी है तथा इस मामले में सरकार व एस.आई.टी. को भी विशेष ध्यान देना है।
2. साथ ही सपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी आदि के जिन वरिष्ठ नेताओं द्वारा यहाँ (श्री राम मन्दिर) चढ़ावे में काफी मोटी रकम की चोरी व ग़बन आदि होने की बात कही जा रही है तो उनसे भी इसके पुख़्ता सबूत लेने चाहिये, ताकि कोई भी चोरी व ग़बनकर्ता बच ना सके, वरना इसकी आड़ में इसे कोरी राजनीति ही माना जायेगा अर्थात् श्रद्धा नहीं, जो जनहित के मुद्दों को दरकिनार करके, अब इस मुद्दे की आड़ में ये पार्टियाँ चुनाव में जाना चाहती हैं, ऐसी भी आम चर्चा है।
@RailwaySeva Thank you @RailwaySeva. I understand the rules, but since my elderly parents physically cannot climb the upper berth, I earnestly request you to instruct the onboard TTE or concerned official to assist them and allot lower berths if any fall vacant
"Hi @RailwaySeva@RailMinIndia . My parents (Father 69, Mother 66) are travelling on Maurya Express. Both have been allotted Upper Berths, which they are unable to climb due to age-related health issues. Please help in getting them Lower Berths. PNR:2358656220 Requesting urgent
पूर्व मुख्यमंत्री बहिन @Mayawati जी ने सीधा भेजा 100000 रुपया बहुजन समाज पार्टी के सैनिक पहुंचे पीड़ित के पास।
हर शोषित पीड़ित की तन मन धन से मदद करना यही है बीएसपी का असल मकसद।
बहिन जी जिंदाबाद।
आज छत्रपति राजर्षि शाहू जी महाराज की जयंती है, एक ऐसे महापुरुष को याद करने का दिन, जिन्होंने अपने समय से बहुत आगे की सोच रखी।
1902 में, जब देश का बड़ा हिस्सा जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता से जूझ रहा था, तब शाहू जी महाराज ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू कर यह साबित किया कि सत्ता का असली उद्देश्य समाज के आख़िरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी न्याय दिलाना होता है, न कि केवल कुछ लोगों के हितों की रक्षा करना।
मैं मानता हूँ कि हर पीढ़ी को बराबरी की लड़ाई अपने तरीक़े से लड़नी होती है। शाहू जी महाराज ने अपनी पीढ़ी की लड़ाई पूरी ईमानदारी से लड़ी। आज जब संविधान, आरक्षण और समान अवसर जैसे सवालों पर बहसें फिर से तेज़ हैं तो उनका जीवन हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र की ताक़त उसके सबसे ऊँचे पदों से नहीं, उसके सबसे आख़िरी नागरिक के साथ हुए व्यवहार से मापी जाती है।
आज सिर्फ़ श्रद्धांजलि देना काफ़ी नहीं है। उनके अधूरे काम को आगे बढ़ाना हर वंचित और पिछड़े व्यक्ति तक शिक्षा, सम्मान और बराबर अवसर पहुँचाना ही शाहू जी महाराज के लिए हमारी असली श्रद्धांजलि होगी।
छत्रपति राजर्षि शाहू जी महाराज को मेरा कोटि कोटि नमन।
जिला संतकबीरनगर थाना दुधारा निवासी भरवलिया बूधन स्व. दिनेश कुमार जी की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली है कृपया उचित कार्यवाही करें @santkabirnagpol@digbasti@diggorakhpur@dgpup
दैनिक भास्कर ने उत्तर प्रदेश के सभी चौराहों पर अपनी जातिगत मानसिकता के आधार पर 2017 के चुनाव के समय सपा और बसपा के लिए नकारात्मक पोस्टर लगाए थे।
उनके पोस्टर की भाषा देखिए-
1. ना दलितों की रानी, ना यादवों की कहानी
2. ना माया का जाल, ना अखिलेश का क्लेश
यह जातिवाद से बजबजाती हुई लाइनें लिखी होर्डिंग पूरे लखनऊ में लगा दी गई थी, और नीचे बाकायदा दैनिक भास्कर भी लिखा हुआ था।
हम सभी ने दैनिक भास्कर के इस जातिवादी मानसिकता को उजागर करने के लिए हज़रतगंज के डॉ. अम्बेडकर प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया था इसमें सपा-बसपा के लोगों के साथ ही न्यायपसंद लोग भी शामिल हुए थे।
दैनिक भास्कर को मुँह की खानी पड़ी थी और सारे पोस्टर उसी शाम को कूड़ेदान में फेंक दिए गए थे।
दैनिक भास्कर अख़बार अपनी कमाई बढ़ाने के लिए ऐसे सस्ते प्रयोग करता रहता है।