ऐसे चुनाव परिणाम कम देखने को मिलते हैं,जिसमे जीतने वाली पार्टी जीतकर भी डरी हो,और हारने वाली पार्टी हारकर भी गदगद हो।राजस्थान निकाय चुनाव में यही हुआ है।बीजेपी के कान के पास से गोली गुज़र गई, मतलब बीजेपी बाल बाल बची है। बीजेपी के जीत में भी बीजेपी की हार छुपी है।
राजस्थान के 10 नगर निगमों में से बीजेपी के 4 नगर निगमों
जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में पूर्ण बहुमत मिलने से बड़ी खबर 5 निगमों अजमेर, जोधपुर, भरतपुर, अलवर और पाली में बीजेपी का बहुमत से दूर रहना है।यहाँ निर्दलीय किंग मेकर बनकर उभरे हैं, मतलब निर्दलीय मेयर बनाएंगे।कांग्रेस सिर्फ बीकानेर में जीती है।
चुनाव का सबसे दिलचस्प आंकड़ा कुल वोटों का है।भाजपा को 3735 567(36.11%), कांग्रेस को 3635952 (35.14%), और नोटा को 109523 (1.05%) वोट मिले। मतलब बीजेपी को कांग्रेस से सिर्फ़ 99615 (0.97) ज़्यादा वोट मिले हैं। निर्दलीय 27 फ़ीसद से ज़्यादा वोट ले गए।
जयपुर जिला तो बीजेपी का गढ़ रहा है।पूरे जयपुर जिले में कांग्रेस को 6 लाख 76 हजार 815 वोट मिले, जबकि भाजपा के खाते में 6 लाख 75 हजार 929 वोट पड़े। यानी कांग्रेस को 886 वोट ज्यादा मिले।वहीं जयपुर में भाजपा को 5 लाख 52 हजार 713 और कांग्रेस को 5 लाख 65 हजार 848 वोट मिले।यानी कांग्रेस को भाजपा से 13,135 वोट ज्यादा मिले। इसके बावजूद 78 वार्ड जीत कर भाजपा जयपुर में बोर्ड बना रही है।इसका कारण वार्ड परिसीमन को माना जा रहा है, जो भाजपा ने दोनों नगर निगमों को एक कर 250 वार्डों को 150 में बदला है।
जयपुर नगर निगम में भाजपा ने लगातार सातवीं बार नगर निगम में अपना बोर्ड बना लिया।1994 में पहली बार चुनाव हुए थे।यानी पिछले 32 साल से भाजपा का ही बोर्ड है।बीच में 2009 में मेयर के सीधे चुनाव हुए थे।तब कांग्रेस से ज्योति खंडेलवाल मेयर बनी थी। लेकिन बोर्ड भाजपा का बना था।
बीजेपी के लिए यह राजस्थान निकाय चुनाव खतरे की घंटी है। ट्रिपल इंजन की सरकार होने और कांग्रेस में भयानक गुटबाजी होने के बाद भी बीजेपी का यह प्रदर्शन बता रहा है कि बीजेपी के लिए आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण होगा।
बीजेपी अपना मुंह मीठा भले कर रही हो,सच यही है कि जनता ने बीजेपी के दांत खट्टे कर दिए हैं।
नरेंद्र मोदी राजस्थान ULB चुनाव के नतीजों को चाहे सीना ठोककर अपनी जीत बताएं, लेकिन इन नतीजों ने भाजपा की पोल खोल दी है।
🔻 राजस्थान के शहरी केंद्रों में भी, जिन्हें भाजपा अपना गढ़ समझती है, मतदाताओं ने भाजपा की पर्ची सरकार को नकार दिया है।
भाजपा को सिर्फ़ 40.8% सदस्य सीटें मिली हैं। वहीं कांग्रेस 35.3% और निर्दलीय 22.2% मिलकर 57.6% सीटों पर हैं - यानी भाजपा के ख़िलाफ़ राजस्थान ने कहीं बड़ा जनादेश दिया है।
मत प्रतिशत में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच फ़र्क़ सिर्फ़ 0.94% है - भाजपा 35.19%, कांग्रेस 34.25%।
भाजपा के अपने गढ़ों में तस्वीर और भी साफ़ है:
❌ भरतपुर - मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के गृह ज़िले में भाजपा नगर निगम में बहुमत हासिल नहीं कर सकी।
❌ पाली - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह ज़िले में कांग्रेस नगर निगम बोर्ड बनाने जा रही है।
❌ बीकानेर - केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के गृह ज़िले में कांग्रेस भारी बहुमत से नगर निगम बोर्ड बना रही है।
❌ अजमेर - विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के गृह ज़िले में कांग्रेस नगर निगम बोर्ड बनाने जा रही है।
❌ झालावाड़ - पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह ज़िले में भी कांग्रेस नगर परिषद बोर्ड बनाने जा रही है।
यानी भाजपा ने अपने मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष - तीनों के गृह क्षेत्र खो दिए।
और यह सब तब हुआ जब भाजपा ने अपनी पूरी सियासी और प्रशासनिक ताक़त झोंक दी - संसाधन, मंत्री, मुख्यमंत्री की अनगिनत रैलियाँ और देशभर से पर्यवेक्षक तक।
अगर मोदी इसे सीना ठोककर जीत बताएंगे, तो हार कैसी दिखेगी, भगवान ही जाने।
इस रफ़्तार से तो जल्द ही भाजपा को राजस्थान में अपने ही गढ़ ढूँढने के लिए Google Maps की ज़रूरत पड़ सकती है।
नरेंद्र मोदी जनता से वसूली का नया प्लान लाए हैं। अब ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर सरकार वसूली करेगी।
प्लान है कि ₹2,000 से ऊपर के हर UPI पेमेंट पर 0.5% चार्ज वसूला जाए, मतलब -
• अगर आपने ₹5,000 की खरीदारी की तो ₹25 का चार्ज लगेगा
• अगर ₹10,000 की खरीदारी की तो ₹50 वसूला जाएगा
पहले UPI पेमेंट पूरी तरह फ्री था, लेकिन नरेंद्र मोदी से ये देखा नहीं गया और यहां भी वसूली का खेल शुरू कर दिया।
मोदी का फंडा साफ है - जितना हो सके जनता को लूट लो और अपने मित्र की तिजोरी भरो।
ये सरकार जनता की सरकार नहीं है, ये चंद उद्योगपतियों की सरकार है और नरेंद्र मोदी उनके एजेंट।
14वीं JPSC एवं JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने तथा CBI जाँच की माँग को लेकर छात्रों द्वारा कल 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम का JLKM पूर्ण समर्थन करता है।
सभी से अपील है कि वे बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में शामिल हो छात्रों की आवाज़ को मजबूती प्रदान करें
Tributes to former Prime Minister, Bharat Ratna Atal Bihari Vajpayee Ji on his death anniversary.
His commitment to good governance, national interest & democracy continues to inspire us.
The #NCPI family pays its respectful homage to his visionary leadership.
@kakoligdastidar
14 दिनों से भूख हड़ताल पर रहने के बावजूद, सिर्फ झंडा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताने पर पुलिस का पूरा हुजूम जिस तरह आक्रामक तरीके से टूट पड़ा, वह आजादी के इस दिन कई गंभीर सवाल खड़े करता है। इस दौरान मेरे साथियों के साथ भी बुरी तरह मारपीट की गई और उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा गया।
क्या भगवान बिरसा मुंडा और भगत सिंह की कुर्बानी से मिला आजाद भारत यही है?
क्या सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस भारत का सपना देखा था, आज उसका यही स्वरूप है?
#DevendraNathMahato
#JharkhandStudentProtest
#JharkhandProtest
जवाब सदन के माध्यम से सरकार से मांगा जाएगा।
आजाद भारत में आजादी के 80वें वर्ष के स्वतंत्रता दिवस पर आखिर क्यों 14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक प्रदर्शनकारी को झंडा फहराने से रोका गया? क्यों तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका गया? और क्यों उसे अपनी इच्छा के अनुसार इलाज कराने की आजादी नहीं दी जा रही है?
इन तमाम सवालों का जवाब सदन के माध्यम से सरकार से मांगा जाएगा।
माननीय विधायक @Tigerjairam जी को बहुत-बहुत धन्यवाद।
#devendranathmahto
#Jairammahato
#JharkhandProtest
#jharkhandstudentprotest
आज स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में इलाजरत होने के बावजूद मुझे धक्का-मुक्की कर रोका गया और मेरे साथियों के साथ भी मारपीट की गई। मुझे झंडोत्तोलन, तिरंगा यात्रा में शामिल होने और अपनी इच्छा के अनुसार इलाज कराने तक की आज़ादी नहीं दी गई।
आज सवाल है—क्या यही वह आज़ादी है, जिसके लिए भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस, महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संघर्ष किया था?
क्या अपने अधिकारों की आवाज़ उठाने और शांतिपूर्ण तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आज़ादी भी नहीं बची? आज का दिन मेरे लिए बेहद पीड़ादायक है।
#DevendraNathMahato
#JharkhandProtest
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14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मेरे साथ आज पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई। मेरे साथ मौजूद साथियों के साथ भी पुलिस द्वारा मारपीट की गई।
कई दिनों से भूखा होने के बावजूद मैं अपने अधिकार और जनता की आवाज़ के लिए खड़ा हूँ। हमें इस तरह रोककर हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
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झारखंड में छात्र आखिर मांग क्या रहे हैं?
बस इतना कि exam सही तरीके से हो, paper leak और भर्ती में जो गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं, उनकी proper जांच हो। लेकिन Ranchi में protest कर रहे छात्रों पर पुलिस ने water cannon चलाया, tear gas छोड़ी और लाठीचार्ज किया। और जो videos सामने आए हैं, उनमें रात और अंधेरे में भी पुलिस action करती हुई दिखाई दे रही है। अब सवाल ये है जो छात्र अपने future और नौकरी के लिए सड़क पर उतरे हैं, क्या उनको जवाब लाठी से मिलेगा? अगर exam system पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए, जांच करानी चाहिए। लेकिन छात्रों की आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे। झारखंड का युवा सिर्फ नौकरी नहीं मांग रहा... वो अपने हक का जवाब मांग रहा है।
#Jharkhand #Jharkhandprotest #StudentProtestJharkhand
अंधेरा होते ही फिर से लाठीचार्ज। हेमंत सोरेन सरकार डरपोक है।
पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी के पोस्ट के बाद झारखंड सरकार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। ट्वीट के बाद फिर लाठीचार्ज, यह बताता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से कितनी डरी हुई है।
और इससे यह भी साफ़ है कि राहुल गांधी के अपने सहयोगी ही उनकी अपील को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
राहुल गांधी ने पोस्ट किया, और उनके सहयोगियों ने फिर लाठियाँ चला दीं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ की गई यह बर्बरता अत्यंत शर्मनाक है।
झारखंड के छात्र कोई राजनीतिक मांग नहीं कर रहे हैं। वे केवल राज्य की परीक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं एवं घोटाले के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लेकिन राहुल गांधी समर्थित हेमंत सोरेन सरकार छात्रों की जायज़ मांगों पर विचार करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवा रही है और आँसू गैस के गोले दाग रही है।
अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज़ उठा रहे छात्रों के साथ यह दमन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।