Right now, MPs and leaders of the INDIA alliance are peacefully heading to Gandhi Smriti on Tees January Marg.
We go to remember the students we lost - the children driven to take their own lives after the NEET paper leak.
And we go to stand with the students who lie injured today - beaten for peacefully demanding justice and accountability.
India’s students are not alone. The entire Opposition stands with them and their demands.
अभी, INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं।
हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया - वे बच्चे जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं - जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया।
भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।
पेपर लीक क्यों हुआ, इसका जवाब शिक्षा मंत्री को देना चाहिए।
बच्चों पर लाठी क्यों चलाई गई, इसका जवाब गृहमंत्री को देना चाहिए।
इन दोनों की जवाबदेही क्यों नहीं तय हुई, इसका जवाब प्रधानमंत्री को देना चाहिए।
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
Met the Hon’ble Lok Sabha Speaker today along with MPs of the Opposition.
Our demand is simple: Parliament must have a detailed discussion on the brutality unleashed on students yesterday and on the government’s complete lack of accountability for the examination crisis.
Students were beaten for asking legitimate questions about their own future.
If Parliament cannot discuss the future of India’s youth, what is it for?
The Opposition will not let this be buried. We will ensure that the students’ voice will be heard on the streets, and in Parliament.
कल बिना नेम प्लेट के सदी वर्दी में पुलिस के जवानों ने निर्दोष बच्चों पर लाठी बरसाई!!
यह सबसे बड़ा सवाल होना चाहिए! इसके जिम्मेदारी तय होनी चाहिए! किसके कहने पर ये ऐसा कर रहे थे यह जाँच होनी चाहिए! क्या इन्होने जानबूझ कर महुअल बिगाड़ा,यह सवाल होना चाहिए!
और इसके लिए कई वीडियो पब्लिक डोमेन में हैं!
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No amount of force can deter India’s students, and those of us who love and believe in them, from raising these issues.
#ChhatronKiGoonj
संतरी पार्टी के नामवाहक अध्यक्ष के स्वागत में हनुमान जी को हाथ में कमलछाप झंडी पकड़ाकर नचाया गया।
रियल लाइफ में तो ये सब चलता रहता है, लेकिन अगर ये नेटफ्लिक्स की किसी फिल्म का सीन होता तो अब तब पिंकी-मोनू गैंग कंपनी का दफ्तर तोड़ डालते।
बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस माधव जामदार एक केस में सुनवाई के दौरान-
सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है। वे विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, वे आंदोलन नहीं कर सकते- यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हो गए हैं। अगर लोग विरोध करें, तो आप केस दर्ज कर देंगे... यह क्या है? विरोध करना नागरिकों का अधिकार है।याचिकाकर्ता ने सिर्फ 'बीजेपी सरकार मुर्दाबाद', 'अमित शाह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए हैं... नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? ऐसे नारों के लिए जिलाबदर के आदेश क्यों? परसों एक 10 साल के बच्चे की दुर्घटना में मौत हो गई और राज्य विधानसभा में चर्चा क्या हो रही थी - पीठासीन अधिकारी कैसे चुना जाता है और वह एक पार्टी से दूसरी पार्टी में कैसे चला गया... यह क्या है? पूरे महाराष्ट्र में हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है," "पाला बदलने पर विचार करें, वहां वॉशिंग मशीन है।"
जब चुनाव से पहले अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की थी तब तो दुनिया भर में ढिंढोरा पीट रहे थे कि देखो देखो हम सनातन का युग के आये।
अब चढ़ावा गटक गए तो कभी गुप चुप जाँच कर रहे हैं, बंद कमरों में मीटिंग कर रहे हैं, गोपनीय रिपोर्ट बना रहे हैं।
अबे तुम्हारे बाप का माल है क्या, इसका भी ढोल पीटो ना, बताओ करोड़ों श्रद्धालुओं को कि कौन कितना खा गया, अभी किसको लगाओगे, वो कैसे खायेगा।
युवाओं, जागो!!! जब तक अपनी आवाज़ बुलंद नहीं करोगे, तब तक तुम्हारे भविष्य के साथ यही आतंक चलता रहेगा। एक बार फिर से तुम्हारे साथ धोखा हुआ है। महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया और परीक्षा टल गई।
NEET, CBSE, SSC, CUET और अब TET... यह सिलसिला बंद तभी होगा जब आंदोलन खड़ा करके अपनी ताक़त दिखाओगे। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री जी की तुम्हारे प्रति कोई जवाबदेही नहीं बनेगी। न वे परीक्षाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगायेंगे, न तुम्हारे भविष्य की ज़िम्मेदारी लेंगे।
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है। सफ़र लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूँगा।
जय हिंद। जय संविधान। 🇮🇳
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बूढ़े से उसके कट्टर समर्थक भी पक चुके हैं। अब वो छोटे किन्नू की तरफ आस भरी नजर से देख रहे हैं।
लेकिन बेचारों को अंदाजा नहीं है कि बूढ़ा कम से कम सुनने की एक्टिंग तो करता है, किन्नू तो सीधा कहेगा कि नौटंकी मत करो, घर जाओ, नहीं तो टांग में गोली मार दूंगा।