महाराष्ट्र हो या उत्तर प्रदेश, हरियाणा हो या बिहार, हर तरफ INDIA की आंधी चल रही है।
मैं फिर कहता हूं - 4 जून के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहने वाले।
उस भारत की तकलीफ महसूस कीजिए जो नरेंद्र मोदी पिंकू कुमार जैसे करोड़ों युवाओं के लिए बना रहे हैं।
10 वर्षों में अमीर और ग़रीब के बीच जो गहरी खाई पैदा हुई है, कांग्रेस की गारंटियां उसे भर कर एक ऐसा देश बनाएगी जिसके विकास में सबकी हिस्सेदारी होगी।
लोकेशन : मेवाड़, उदयपुर, राजस्थान
दिनांक: 9 अप्रैल
दक्षिणपंथी प्रचारक सा���्वी सरस्वती ने मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरा भाषण दिया। उन्होंने मुस्लिम विरोधी षड्यंत्र के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया और हिंदुओं से तलवारें खरीदने का आह��वान किया।
मेरे प्यारे कार्यकर्ता साथियों
नमस्कार🙏🏼
आप हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। मैंने सोचा चुनाव का समय है, मैं आपसे थोड़ी सी सीधी बात कर लूं।
ये आम चुनाव नहीं है। ये सं��िधान और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है, जिसमें आप जैसे 'बब्बर शेर' कार्यकर्ताओं के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस पार्टी की सोच और विचारधारा आपके अंदर है, आपकी रगों में हैं।
कांग्रेस का मेनिफेस्टो एक बेहतरीन मेनिफेस्टो है।
इसमें हमारी कुछ महत्वपूर्ण गारंटी हैं-
✅ गरीब परिवार की एक महिला को सालाना 1 लाख रुपए
✅ अप्रेंटिसशिप का अधिकार- सभी ग्रैजुएट्स और डिप्लो��ा होल्डर्स को 1 साल की अप्रेंटिसशिप और 1 लाख रुपए
✅ किसानों को MSP की कानूनी गारंटी
✅ मनरेगा श्रमिकों का मेहनताना कम से कम 400 रुपए
✅ कॉन्ट्रैक्ट मजदूरी को खत्म करेंगे
✅ 30 लाख सरकारी नौकरियां देंगे
✅ अग्निवीर को खत्म करेंगे
✅ GST व्यवस्था को ठीक करेंगे
हमने जनता की बात सुनकर यह मेनिफेस्टो तैयार किया है। आप इसके बारे में देश की जनता को बताइए।
जनता को बताइए कि BJP हिंदुस्तान की सोच पर हमला कर रही है, हिंदुस्तान की विचारधारा को खत्म कर रही है, संविधान को मिटाने की कोशिश कर रही है।
आप सभी को बहुत-बहुत प्यार।
नमस्कार 🙏🏼
जय हिंद 🇮🇳
आज पहले चरण का मतदान है!
याद रहे, आपका एक-एक वोट भारत के लोकतंत्र और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करने जा रहा है।
इसलिए बाहर निकलिए और पिछले 10 साल में देश की आत्मा को दिए गए ज़ख्मों पर अपने ‘वोट का मरहम’ लगाकर लोकतंत्र को मज़बूत कीजिए।
नफ़रत को हरा कर खोल दीजिए हर कोने में ‘मोहब्ब�� की दुकान’।
#Vote4INDIA
मुस्लिम महिलाओं के जाँच ऐसे की जा रही है जैसे वोट डालने नही , विदेश जाते ��क़्त एयरपोर्ट पर चेकिंग की जाती है
अरे डिटेल आधार वोटर कार्ड से फोटो मिलाइये और उन्हें उनका मत देने दीजिए , कहीं जान��ूझकर तो वोट प्रतिशत कम करने के लिए ऐसा नहीं किया जा रहा ?
ल���केशन : हैदराबाद, तेलंगाना
दिनांक 17 अप्रैल
मस्जिद के सामने काशी और मथुरा के साथ 40,000 मस्जिदों पर कारसेवा का आवाहन ।
हिंदू चरमपंथी नेता टी राजा सिंह रामनवमी जुलूस के दौरान भड़काऊ भाषण देता है
इसी प्रकार से जब प्रशासन वोटिंग को प्रभावित करने के लिए काम करता है तो नतीजा हमेशा सत्ता के पक्ष में नजर आते हैं। मामला रामपुर का है जहां पर एक दरोगा आधार कार्ड और वोटर कार्ड दोनों पहचान पत्र की मांग करता हुआ दिख रहा है।
ट्रेन में मुसलमानों को ढूँढ ढूँढ कर जय श्री राम के नारा लगाकर हत्या करने वाला RPF जवान चेतन सिंह मानसिक रूप से पूरी तरह ठीक था और उसे पता था वो क्या कर रहा है। एक हज़ार की चार्जशीट में पुलिस ने यह कहा है।
भाजपा/आरएसएस के लोग इसे मानसिक र���गी कह रहे थे पर ये मानसिक रोगी है क्योंकि इसे हिंदुत्व जैसे नफ़रत वाला वायरस लग गया है।
भारत मुसलमानो के लिए स्वर्ग है!!!
महाराष्ट्र, विरार: 'उसने (कांस्टेबल) उनके (मुस्लिम) नाम पूछने के बाद ही दोनो को गोली मारी'!!!
"यह ट्रेन घटना के तरह है जहां RPF कांस्टेबल ने ट्रेन में 3 मुस्लिम यात्रियों की हत्या कर दी थी," रविवार को गोली लगने से दम तोड़ने वाले अजीम के बड़े भाई वसीम ने कहा!
अजीम ने मरने से पहले पडघा पुलिस को अपने बयान में कहा गया कि उनके रुकने के तुरंत बाद, एक नकाबपोश व्यक्ति उनके करीब आया और उनका नाम पूछा! उनका नाम सुनने के बाद उसने अपनी पतलून में छिपाई पिस्तौल निकाली और उन पर गोलियां चला दीं!!!
परिजनों ने बताया कि अजीम असलम सैयद और फिरोज रफीक शेख पर कॉन्स्टेबल सूरज देवराम ढोकरे ने तभी गोली चला दी जब उन्ह��ं पता चला कि दोनों व्यक्ति मुस्लिम थे!
आरोपियों ने अजीम असलम सैयद की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि दूसरे मुस्लिम पीड़ित फिरोज रफीक शेख को हमले के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था!
हत्यारे पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारकर हत्या किए गए मुस्लिम व्यक्ति के परिवार का कहना है कि यह एक घृणा अपराध का मामला है, जो पीड़ित की मुस्लिम पहचान जानने के बाद किया गया, और कोई पैसा या कीमती सामान नहीं लिया गया!
पडघा, विरार गोलीबारी के मुस्लिम पी���़ितों के माता-पिता और रिश्तेदार पुलिस की इस थ्योरी को स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि हत्यारे पुलिसकर्मी ने मोटरसाइकिल सवार लोगों को लूटने की कोशिश की थी!
इसके बजाय, उन्होंने ठाणे ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर #HateCrime के वास्तविक मामले को दबाने का आरोप लगाया है!
@DiwakarSharmaa की रिपोर्ट @mid_day के लिए