दुनिया या का बेस्ट लेक्चर!
क्लास में प्रोफेसर ने एक लड़की को बिना कारण बाहर निकाल दिया। लड़की ने पूछा, 'मैंने क्या किया?' लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वह चुपचाप बाहर चली गई। पूरी क्लास देखती रही, पर किसी ने कुछ नहीं कहा।
इसके बाद प्रोफेसर ने सवाल किया कानून क्यों बनाया गया है? छात्रों ने जवाब दिए न्याय, अधिकारों की रक्षा, सोशल ऑर्डर��
प्रोफेसर बोले जब मेरी तरफ़ से अन्याय हुआ, तब तुम सब चुप क्यों रहे? जब तुमने देखा कि तुम्हारी क्लासमेट के साथ गलत हुआ, तब किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई?
यही सबसे बड़ी गलती है हमें लगता है कि जब तक हमारे साथ कुछ नहीं हो रहा, तब तक चुप रहना सही है। पर याद रखो, आज अगर तुम चुप रहे, तो कल जब तुम्हारे साथ अन्याय होगा, तब भी कोई नहीं बोलेगा।
अन्याय के खिलाफ खड़ा होना सिर्फ हिम्मत नहीं, जिम्मेदारी है।
जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है
आपके पीछे तेज़ हवा है आगे मुकद्दर आपका है,
उस के क़त्ल पे मैं भी चुप था मेरा नम्बर अब आया
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है अगला नम्बर आपका है !
#SanatanDharma
एक बड़े धनवान सेठ रहते थे। वह विष्णु भगवान् के परम भक्त थे और हमेशा सच बोला करते थे।
एक बार जब भगवान् सेठ जी की प्रशंशा कर रहे थे तभी माँ लक्ष्मी ने कहा - “ स्वामी! आप इस सेठ की इतनी प्रशंशा किया करते हैं , क्यों न आज उसकी परीक्षा ली जाए और जाना जाए कि क्या वह सचमुच इसके लायक है या न��ीं ? ”
@TheOfficialSBI
I had the impression of the lackluster culture in SBI and in view of some issues today I met Akriti Singhji, the Branch Manager, Ahinsa Khand, Indirapuram.
I really appreciate the kind of knowledge and patience she has.
Hats off to her leadership quality.
श्रद्धेय श्री #रामधारीसिंह जी #दिनकर की एक बेहद #भावपूर्ण#रचना..
“नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अंतर्मन, तब सुख के मिले समंदर का रह जाता कोई अर्थ नहीं।” ❤️🌹
Never forget 3 types of people in our life.
- Who helped us in our difficult times
- Who left us in our difficult times
- Who put us into difficult times