The only political party in the history of Indian politics that releases Pakistani terrorists and detains Indian students 🤦🤦
Release Dipke, Ranka, Rathee !!
@DelhiPolice That Delhi policeman who just stood there watching those RSS and BJP goons beat a woman needs to be suspended immediately. Absolute fucking shame on you, Delhi Police.
#DalliPolice
काश सुप्रीम कोर्ट को नज़र आता।अदालत पूछती कि जहाँ हज़ारों सुरक्षाबल तैनात थे वहाँ ये बल कहाँ से आए? कैसे आ गए? ये कहाँ हैं? इनकी सेवा किसने ली? सरकार प्रदर्शन को अराजक बना रही है मगर ये भाजक कौन हैं जो बच्चों को बुरी तरह मार रहा है। इनके दम पर SIR के फ्रॉड का जवाब दिया जा रहा है? तो इन्हीं को बना दो चुनाव आयुक्त ।
@RahulGandhi Must needed now… court and CJI can’t remain silent and will not allow them to remain silent.
At the end of this video, Delhi Police man said something in the ears of the goon wearing brown shirt and then he shut down the camera off. Shameful
@RahulGandhi Must needed now… court and CJI can’t remain silent and will not allow them to remain silent.
At the end of this video, Delhi Police man said something in the ears of the goon wearing brown shirt and then he shut down the camera off. Shameful
दिल्ली पुलिस के सामने BJP-RSS के गुंडे प्रोटेस्टर्स को मार रहे हैं।
मोदी-शाह ने पूरे देश में गुंडाराज कायम कर दिया है।
वीडियो में दिख रहा है कि गुंडे एक लड़की को जमीन पर गिराकर मार रहे हैं और पुलिस तमाशा देख रही है।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई - RSS-BJP के असली गुंडों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है।
जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा।
@AmitShah, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए।
हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!
सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते।
संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!