@MrinalPande1 Factually incorrect Claim.
Akbar holds the record with a reign of 49.5 Years, while Aurangzeb ruled for 48.7 Y.
Just like your Hindi, your grasp of history seems equally poor.
Someone who spent decades being projected as a "buddhijivi" can't get such a basic historical fact right
इनका नाम अतुल सुभाष था।
34 साल। बेंगलुरु में प्राइवेट कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर। एक बेटे के पिता व्योम।
उन्होंने सिस्टम से उम्मीद नहीं की कि कोई उनकी बात सुनेगा।
उन्होंने हर चीज़ खुद रिकॉर्ड की।
उन पर एक साथ 9 केस दर्ज हुए 498A, घरेलू हिंसा, मेंटेनेंस, कस्टडी।
हर सुनवाई के लिए उन्हें बेंगलुरु से जौनपुर तक 1700 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था।
4 साल में 40 बार वही सफर।
120 कोर्ट हियरिंग्स।
उन्होंने आरोप लगाया कि केस वापस लेने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगे गए।
अपने ही बेटे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये अलग से।
अपने वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक फैमिली कोर्ट जज ने अनुकूल आदेश के लिए 5 लाख रुपये मांगे।
9 दिसंबर 2024 को उन्होंने बेंगलुरु के फ्लैट में आत्महत्या कर ली।
पीछे छोड़ा — 24 पन्नों का नोट और 81 मिनट का वीडियो।
हर तारीख। हर केस नंबर। हर यात्रा। हर रकम।
सब कुछ रिकॉर्ड किया हुआ।
मरने से पहले उन्होंने अपने परिवार से सिर्फ एक बात कही:
“मेरी अस्थियाँ गंगा में तब तक विसर्जित मत करना, जब तक न्याय न मिले।”
उनकी मां सुप्रीम कोर्ट गईं, अपने पोते से मिलने की अनुमति मांगने।
उन्हें कहा गया — “आप बच्चे के लिए stranger हैं।”
फिर सुनवाई आई।
जज छुट्टी पर थे।
एक साल की तारीख मिल गई।
इसी बीच, ट्विशा शर्मा केस में सिर्फ 11 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।
बार काउंसिल ने घंटों में कार्रवाई कर दी।
AIIMS की मेडिकल टीम चार्टर्ड प्लेन से भेजी गई।
11 दिन में पूरा सिस्टम दौड़ पड़ा।
अतुल सुभाष 81 मिनट का रिकॉर्डेड सबूत छोड़ गए थे।
उन्हें मिला एक साल का इंतज़ार।
उनकी अस्थियाँ आज भी गंगा का इंतज़ार कर रही हैं।
उनका बेटा व्योम अब 6 साल का है।
अतुल सुभाष को न्याय मिलना चाहिए।
अगर रिकॉर्डेड सबूत, दस्तावेज़ और एक इंसान की आखिरी पुकार भी सिस्टम को नहीं जगा सकती, तो फिर आम आदमी आखिर जाए कहाँ?
Can’t agree more.
This video exposes the harsh reality and is a tight slap on the 'money driven' mindset and 'pseudo feminism' seen in many marriages today.
UNO REVERSE !!!
Everything that this man says in the video which sounds so uncomfortable is asked so comfortably by women these days during groom hunting.
Watch till the end .....
🚨खुरपेंची ख़ुलासा:
7 अगस्त,2025 को विपक्ष के नेता माननीय राहुल गांधी जी द्वारा वोट चोरी पर एक प्रेस कॉन्फ्रेस की गई,
जो कि पूरे देश में चर्चा का विषय बनी, जिसमे देश के बड़े बड़े सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर्स ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
लेकिन जब खुरपेंच टीम ने इसकी तहक़ीक़ात की तो हमे Myanmar के ट्रेस मिले जो कि बहुत shocking है।
आइए नीचे टहल के आते हैं
@VarlinPanwar It is clear that u r not aware of HAL’s functioning. Most of the information shared is factually incorrect. Either you are misinformed or deliberately defaming the image of @HALHQBLR. Calling urself n ‘expert’ after spreading such baseless narratives is nothing short of shameful.
@Abadheshshakya1@ajitanjum घंटा इमानदार घंटा पत्रकार!
बस एक झंडे और एजेंडे का ठेकेदार है।
बचपन से जानता हूँ इसे।
इस धूर्त को सब पता है - बिहार की सच्चाई, पुरानी वोटर लिस्ट का फर्जीवाड़ा, खासकर मुस्लिम इलाकों में घुसे वोटर और अब जो कुछ चल रहा है वो भी जानता है।
मगर सच दिखाएगा तो उसकी दुकान कैसे चलेगी?
नमस्कार ! मैं बिहार हूं , मै देश की सबसे पुरानी विरासत संजो के बैठा हूं , मैं बुद्ध की धरती हूं , इतिहास में मै राजा था , मैं अखंड भारत पर एकछत्र राज करता था ,
आजादी की लड़ाई में मैने बढ़ चढकर हिस्सा लिया , लेकिन आजादी के बाद मुझे क्या मिला ?
लोग मुझे बिहारी कहकर चिढ़ाते हैं , जिस शब्द पर मुझे गर्व होने चाहिए वो शब्द आज मेरे लिए गाली बन चुका है ,
आज मेरे बच्चे ट्रेनों के बाथरूम में लटककर पंजाब , दिल्ली , गुजरात , तमिलनाडु और मुंबई कमाने जाते हैं और वहां तमाम तरह के आरोप और प्रत्यारोप झेलते हैं, अब तो भाषा के नाम पर हमारे ऊपर एक नए तरह का शोषण हो रहा है ,
हमारे गांव के गांव पलायन की वजह से वीरान हैं,हमारे प्राइमरी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति बद से बद्तर होती जा रही है , हमारी बहुएं त्यौहार का इंतजार करती हैं कि पति अब कमाकर लौटेंगे , लॉकडाउन में हम ट्रेनों से कुचल दिए जाते हैं,
लेकिन हमारे विधानसभाओं और लोकसभाओं से जीतने वाले प्रत्याशी ,पूर्व में मुख्यमंत्री बनने वाले और उनके बच्चे ऐशो आराम की जिंदगी जीते हैं , उनके अनपढ़ और गंवार बच्चे हमपर राज करते हैं,
क्योंकि जब लोकतंत्र का पर्व आता है तो हम शिक्षा , स्वास्थ्य और रोजगार भूलकर जाति और धर्म में बंटकर वोट डालते हैं और फिर भेड़ बकरियों की तरह ट्रेन में चढ़कर कमाने चले जाते हैं ,
मैं बिहार हूं , हर रोज पिछड़ रहा हूं , मुझे बचा लो , अपने नेताओं से सवाल पूछो , उनसे शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार और न्याय व्यवस्था दुरूस्त करने की बात करो ,मैं वेंटिलेटर पर हूं आखिरी सांसे गिन रहा हूं , मुझे बचा लो ।
@TinyDhillon Sir!
Victory isn’t just about force — it’s about clarity.
Until we truly understand both ourselves and the enemy, we are doomed to repeat the same battles, gaining little and losing much.
Jai Hind 🇮🇳
@Shahaanbaloch95 The silence around Balochistan is deafening.
Sending strength and solidarity to everyone in Balochistan.
Time to face the truth and amplify the voices being ignored.
#Balochistan
♥️ from 🇮🇳.
दुनिया के सरपंच हमारे थानेदार नहीं लगते,
भारत की प्रभुसत्ता के वो ठेकेदार नहीं लगते।
आँख मिलाओ दुनिया के दादाओं से,
क्या डरना अमरीका के आकाओं से।
- हरिओम पंवार