A great article for those students of Economics who want to expand perspective on GDP kind of measurement for well being of economies.
Thanks @Jayati1609 Ma'am for sharing.
India needs better architecture and aesthetics.
Our cities are all pathetic in planning, space, cleanliness, colors, beautiful plantations etc. Here's Barcelona compared to Delhi on the left. A complete overhaul is needed. 🧵 Thread...
Sir, What about your own state Manipur? You don’t have any sympathy for the people of Manipur but how your heart goes to Israel? Terrorists from Myanmar are attacking India for the last 5 months and killed over 200 innocent people and over 1,00,000 people displaced. Over 40,000 children are out of school since May. How long are you going to silent?
We want justice for Manipur!!!
' गली मोहल्ले का कोई कुत्ता- बिल्ली भी खड़ा हो जाए तो वोट दे देना लेकिन मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार को वोट मत देना '
ऐसे भी कोई टीचर भला बोलता है क्या ?
This is Mursalim Sheikh, A 12 year old boy from Malda, Bengal.
Last week, he did something that this whole nation should be proud of.
He noticed that the soil and pebbles on a railway track near the station in Malda had been washed away.
This 12 year old boy, defying his age, understood the situation, took off his red tshirt and started waving it, the loco pilot saw it and applied the emergency brakes which saved countless lives of the passengers in the Tripura-bound Kanchanjunga Express.
Indian railways first denied his bravery but after 48 hours acCepted it and gave him a 'massive' cash reward of INR 1500.
In any other country, this child would have become an overnight hero, but in India, nobody has even heard this story.
Proud of you Mursalim, you are a HERO!
लोकतंत्र का नया मंदिर बना
सरकार के एक 'अति संस्कारी' सांसद ने आज पूजा में पूर्णाहुति दे दी। जिसके लिए उन्हें संसदीय इतिहास में युगों तक याद किया जाएगा।
सुना है कि संस्कार, सभ्यता, मर्यादा, आदर्श सब नए मंदिर की न्यूली फर्निश्ड प्रीमियम कुर्सियों के नीचे मुंह छुपाते फिर रहे हैं।
न्यू UK गुलाब कोटी में नदी की हत्या की जा रही हैं
वही विश्व के चालाक लोग पर्यावरण बचाने की खोखली दुहाई दे रहे...क्या ऐसे नदियाँ बचेंगी?
THDC, HCC कंपनी सीधे नदी में विकास की टनल का मलबा बहाया जा रहा हैं. #NGT@PMOIndia कंपनी पर कार्यवाही होगी? #Uttrakhand
‘Not even allowed to go to our terraces, so G20 leaders don’t see us’ say the poor whose houses are covered by green sheets for G20.
‘Shouldn’t G20 know India’s reality?’ They ask, adding they’re beaten up if they step out of these sheets, which cover the houses of thousands.
बेटी को IFS बनना है..
ऐसे सपने का इन्सेप्शन, बीवी उसके दिमाग मे कर रही है। मुझसे भी योगदान करने की अपेक्षा की।
भोजन की मेज पर बात शुरू हुई।
●●
बेटी यूएन में रिप्रेजेंट करना कितना अच्छा लगेगा। फॉरेन में रहोगे, लैविश लाइफ स्टाइल, एम्बेसडर बन जाना.. ओपनिंग लाइन बीवी ने दी।
आगे मेरा मैदान था।
UPSC में टॉप के 10-12 सलेक्शन को विदेश सेवा मिल सकती है, यदि आपने वैसा प्रिफरेंस दिया है। इसके बाद ट्रेनिंग होती है। जैसे IAS मसूरी में और IPS हैदराबाद में होती है, IFS ट्रेनिंग दिल्ली में होती है।
आप भारतीय इतिहास, कल्चर, भारत की विदेश नीति के मुख्य टर्निंग पॉइंट, उसके स्टैंड और रेशनल को समझते है। फिर एक फॉरेन लैंग्वेज सीखनी होती है।
पसर्नलिटी महत्वपूर्ण है। बात, भाषा, वाइन पीना, ड्रेसिंग, कनवरेशन, जैसी चीजें होती है जो बकायदा सिखाई जाती हैं। उसके बाद प्रोबेशन पर साल भर के लिए विदेश भेजा जाता है।
लौटकर आप MEA में थर्ड सेक्रेटरी बनते है। प्रमोशन पर सेकेंड सेक्रेटरी, फर्स्ट सेक्रेटरी, काउंसलर, एम्बेसडर, फॉरेन सेक्रेट्री तक जा सकते हैं।
पोस्टिंग, कैरियर मे 60 प्रतिशत दिल्ली 40 प्रतिशत फॉरेन कैपीटल होती है।
●●
कैडर की तरह डिवीजन होते है।
जैसे EU, इंडो पैसिफिक एंड आसियान डिवीजन आदि आदि। आपने स्पेनिश सीखा तो साउथ अमेरिका के देश वाला डिवीजन मिलने की संभावना है। चीनी सीखा तो आसियान और ईस्ट एशिया...
अब आप अमूमन अपने करियर में वही डेस्क देखेंगे, वहीं पोस्टिंग मिलेगी। उसी डिवीजन में थर्ड, सेकेंड, फर्स्ट सेक्रेटरी बनेंगे।
अब सोचो बेटा- जाम्बिया के एम्बेसडर बन गए तो। फिजी में पटक दिया तो?? और न सोचो कि UPSC रैंकिंग से बात बनेगी। वैकेंसी किधर है, वो डिसाइड करेगा।
और वैकेंसी तो सड़ियल देशों में अधिक होगी।
आधी जिंदगी दिल्ली में जाम्बिया से आई रिपोर्ट को पढ़ते, चिट्ठी बनाते बीतेगी। जब किसी देश मे पोस्टिंग रहेगी, तो वहां टूरिस्ट की तरह, या आम जिंदगी नही बिता सकते। घेरे में रहना है, और घेरे से बताकर निकलना है।
आपके एक एक कदम पर इंटेलिजेंस की नजर हो सकती है।
नो प्राइवेसी...
ग्लोरिफाइड जेल..
●●●
- तुम तो केवल नेगेटिव बात करो। जबरन का ज्ञान- अरे, कभी कुछ पॉजिटीव भी बता दो।
- पॉजिटिव है- मैनें कहा..
जब आप किसी देश मे है, आप भारत के प्रतिनिधि है। दरअसल आप ही भारत हैं।
जब ओलंपिक मेडल कोई खिलाड़ी जीतता है, तो उसकी वजह से देश का झण्डा ऊंचा होता है। मजबूत से मजबूत शख्स को विव्हल होते देखा है। देश को रिप्रेजेंट करना, एक क्षण के लिए ही सही, इंसानी जीवन की इससे बड़ी उपलब्धि क्या हो सकती है ??
-तो ये बात पहले नही बोल सकते थे??
-बोल सकता था !! मगर तुम्हारी बात शुरू हुई थी लैविश लाइफस्टाइल और विदेश भ्रमण के मजे से।
ये पाने के तो हजार दूसरे तरीके हैं। एक गिलास दूध पीने के लिए भैस नही पाली जाती। तब ये जान लेना जरूरी है, कि उसके गोबर उठाने पड़ेंगे, चारा काटना पड़ेगा। उसके भोजन पानी, रहवास का भी इंतजाम सोचना पड़ेगा।
हां, सब जानकर भी आप भैस की सेवा करना चाहते है, तो दूध भी अवश्य मिलेगा।
●●
काम और कॅरियर, उससे जुड़े पैसे और लाइफस्टाइल के लिए चूज नही किये जाते। इसलिए चूज किये जायें की आप वो "काम" करना चाहते है।
शिक्षक बनकर बच्चे गढ़ना चाहते है, डॉक्टर बनकर लोगो की बीमारियों में राहत देना चाहते है। या IFS बनकर देश को डिप्लोमेटिक ऊंचाई देना चाहते है??
एक्सेल करने के लिए, उसे जिंदगी बनाने के लिए आपका पर्पज इंपोर्टेन्ट है।
अपने करियर का, योग्यता का, पद का आप अल्टीमेटली क्या उपयोग करेंगे, वह आपका पर्पज ही तय करेगा।
●●
मेरी बात खत्म हुई। बीवी अभी भी कन्विंस न थी, मगर शायद बेटी समझ गयी।
वो यह समझ हई, कि पिता ये नही चाहता कि वह किसी दिन प्रधानमंत्री बने..
तो विदेशी हेड ऑफ गवर्नमेंट से कहे- मेरे दोस्त को अपने यहां दो खदान, एक पोर्ट और 3 पावर प्लांट खुलवा दो।
अरे भई।
ये दलाली तो किसी और पद या प्रोफेशन में रहकर की जा सकती थी न..?
@Shunyaa00 जो आप कह रहे हैं वो कुछ हद तक सही है पर ये इसलिए है क्योंकि हमारे देश में कानून है भेदभाव के खिलाफ। यदि वो कानून आज हता दिया जाए तो हमारे समाज की भीतरी सच्चाई खुलकर सामने भी आ जाएगी।