जनता को गुमराह और बेख़बर रखना है। गोदी मीडिया से जो भी अलग होगा,छापा पड़ेगा। देखना उनके भाषणों में लोकतंत्र का ज़िक्र बढ़ने वाला है और लोकतंत्र उतना ही रौंदा जाने वाला है।भास्कर- भारत समाचार पर छापे नहीं पड़े हैं, जनता के घर में पड़े हैं।बोलो मत। चुपचाप 110 रु पेट्रोल ख़रीदो।