तू मेरा दोस्त मिरा यार है ..नहीं है क्या,
तिरे भी दिल में बहुत प्यार है ..नहीं है क्या !!
ज़रा सी बात पे मैं तुम से रूठ जाता हूँ,
ये मेरे इश्क़ का इज़हार है ..नहीं है क्या !!
यूँ अपने आप को बर्बाद करता है कोई,
ऐ मेरे दिल तू समझदार है ..नहीं है क्या !!
तरकश प्रदीप
तुम्हारा हिज्र मनाया तो मैं अकेला था
जुनूँ ने हश्र उठाया तो मैं अकेला था !!
दयार-ए-ख़्वाब था तुम थे तमाम दुनिया थी
किसी ने आ के जगाया तो मैं अकेला था !!
तुम्हारा हाथ नहीं था वो मौज-ए-गिर्या थी
मिरी समझ में जब आया तो मैं अकेला था !!
ख़ालिद नदीम शानी
कठिन तन्हाइयों से कौन खेला.. मैं अकेला
भरा अब भी मिरे गाँव का मेला …मैं अकेला !
ये बे-आवाज़ बंजर बन के बासी ये उदासी
ये दहशत का सफ़र जंगल ये बेला ..मैं अकेला !
मैं देखूँ कब तलक मंज़र सुहाने सब पुराने
वही दुनिया वही दिल का झमेला ..मैं अकेला !
मोहसिन नक़वी
चैन पड़े ना जिसमे तन को
आग लगे ऐसे सावन को
फिर से ग़लती कर लूं क्या मैं
पूछा मैंने अपने मन को
सबने मेरे ऐब गिनाए
किसने देखा मेरे फ़न को
मुझको ऐसे छोड़ा तुमने
जैसे छोड़े रूह बदन को
अम्मा पर क्या गुज़री होगी
बंटते देखा जब आंगन को
विजेंद्र
#Sawan2023
तुझ से इक हाथ क्या मिला लिया है,
शहर ने वाक़िआ बना लिया है !!
ऐसी नाव में क्या सफ़र करना,
जिस ने दरिया को दुख सुना लिया है !!
कूज़ा-गर ने हमारी मिट्टी से,
क्या बनाना था क्या बना लिया है
देखिए पहले कौन मरता है,
साँप ने आदमी को खा लिया है !!
इमरान आमी
जो दिख रहा है उसी के अंदर जो अन-दिखा है वो शाइरी है
जो कह सका था वो कह चुका हूँ जो रह गया है वो शाइरी है !!
तमाम दरिया जो एक समुंदर में गिर रहे हैं तो क्या अजब है
वो एक दरिया जो रास्ते में ही रह गया है वो शाइरी है !!
अहमद सलमान