अब एक समाचार 'सूत्रों' के नहीं, 'उच्च पदस्थ सूत्रों' के हिसाब से फैलाया जा रहा है कि सरकार UGC रोलबैक नवंबर के मध्य में करेगी। यह कोई समाचार नहीं है, यह वही धूर्तता है जो इनके प्रवक्ताओं के मुँह में माइक देने पर ये कहते हैं कि 'विषय कोर्ट में है'।
ध्यान रहे हमारी तीन माँगें हैं:
1. UGC रोलबैक
2. मोदी एक्ट में समुचित संशोधन
3. वर्तमान आरक्षण में समीक्षा
कोई एक माँग से कुछ नहीं होने वाला। संघर्ष चलता रहेगा। 5 महीना लगे, 2 साल लगे, 10 साल लगे।
🚨 AJEET BHARTI ISSUES OPEN CHALLENGE TO CJP
Ajeet Bharti challenges the CJP to come to the protest at Jantar Mantar, Delhi.
Come face to face. Let’s settle this in front of everyone.
Crypto is basically:
→ Ignore something
→ See it pump
→ “I knew about it”
→ Ape in at the top
→ Become exit liquidity 💀
Fomoater is here to break the cycle.
Spot the opportunity before the FOMO starts.
@fomoater
Bro is not backing down at all
Hum dikhaenge cockroach se kaise nipta jaata hai
Mujhe toh lagta hai Ajeet bhai bhi BJP ka masterstroke hai 🤣🤣
Bring it on MF’s
@ajeetbharti
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अंतर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए गए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।
आप इस हिसाब से देखें कि अगर आप मूल निवासी हैं, तो क्या आप अपने ही देश में आग लगा देंगे?
ऐसा नहीं है कि संविधान में आरक्षण की समीक्षा की बात करना ही मना है। हम कोई असंवैधानिक बात तो नहीं कर रहे हैं। यह भी Freedom of Speech and Expression में आता है। जब संविधान स्वयं amend किया जा सकता है, तो law या उसकी धाराएँ amend क्यों नहीं होंगी?
आपको ये वीडियो भेजते वक़्त बहुत बुरा लग रहा है.....
मैं इससे सहमत भी नहीं हूँ....
लेकिन मेरा मन कर रहा है देश का अंतिम संस्कार भी हो ही जाये.....
शायद नव निर्माण बेहतर हो.....
@narendramodi@PMOIndia
आप हताशा....
और नीचे गिरे मनोबल को अच्छे से जानते है....कयी बार आपने अपने भाषणों में इसका जिक्र भी किया है
No community has been more confused and taken for a ride in the last decade than Hindus!
Anand Ranganathan rips into the status quo. While the masses are kept busy with symbolic cultural narratives and 'Bhajan culture', core structural issues remain untouched.
Kept happy with symbolic victories while losing structural battles
Are majorities just a vote bank?
#AnandRanganathan
ChatGPT को आप जो Prompt देंगे, वह वही Data देगा जो Upper Caste को सुहाता है, क्योंकि इसे Train करने वाला Content पहले से मौजूद है और वह सवर्णों और सत्ताधारियों के पक्ष में है। अगर Dalit हैं तो मानो Nuclear Warhead लेकर घूम रहे हैं।