ये है पिछले 10 सालों का UPSC डेटा👇
मीणा जी 48% ST सीट को कब्ज़ा कर बैठे हैं! (मीणा आबादी कुल ST की 4.5% है)!
माने अपनी संख्या से 10 गुना ज्यादा सीट ली है!
ST में 744 जनजातियां हैं लेकिन सिर्फ एक 48% सीट ले रही है?
तो मीणा जी,
कितना भी ड्रामा करो, तुम्हारा आरक्षण छिनना तय है😂
Number of caste in SC category
> In 1950: 607
> In 2026: 1270
Number of castes in ST category
> In 1950: 241
> In 2026: 740
Interestingly reservation was brought to uplift oppressed class instead it has increased the number of oppressed class.. That's how the system works when you give everything for free and politicians can make a vote bank out of it..
Everyone want to become opressed because that's how they can get everything for free!!
A country of freeloaders!!
भाई वोट दोगे धर्म के नाम पर BJP को
और आरक्षण का समर्थन मांगोगे कांग्रेस से,
ये तो दोगलापन ही है.
कांग्रेस के टाइम में आरक्षण सिर्फ एक घाव था,
जिसको बीजेपी, आरएसएस ने बढ़ाकर कैंसर बना दिया
उल्टा UGC भी लेकर आई सवर्ण समाज के खिलाफ है!
पर सवाल विपक्ष से पूछोगे!
पटना में हाल ही में एक राष्ट्रवादी संगठन की शिक्षा से संबद्ध सारी संस्थाओं के लोगों के साथ एक बैठक संपन्न हुई। मोहन जी (भागवत नहीं) नामक व्यक्ति की उपस्थिति में। क्षेत्र का दायित्व है उन पर। वहाँ उनके विद्यार्थी संगठन को ले कर वहाँ एक टिप्पणी की गई:
"हमारे विद्यार्थी परिषद वाले हिजड़े हो गए हैं, कोई आंदोलन क्यों नहीं करते?"
एक कोई चौहान जी थे, उन्होंने समझाया कि अपनी ही सरकार के विरोध में आंदोलन कैसे करेंगे? और वैसे भी अपने लोगों को सरकार में ही तो सेट करना है। तब परिषद का एक छात्र उग्र हो गया और बोलने लगा कि यह क्या बकवास है, लोग उनसे पूछते हैं कि वो चुप क्यों हैं, क्या बोलें उन्हें?
उसको समझाया गया कि अब हमारा कार्य संगठन पर काम करने का है, विरोध आदि का नहीं। आंदोलन मत कीजिए। अपने लोग लंबे समय तक तरसते रहे हैं सत्ता में पहुँचने के लिए, अभी भी आंदोलन करोगे, तो कैसे काम चलेगा।
राम मंदिर पर कहा गया है कि चुप रहें, इस पर कोई भी चर्चा नहीं होनी चाहिए। संगठन की अंतिम पीढ़ी के लोग अपने सामने यह सब होता देख आँख बंद कर के मर जाना चाहते हैं और कह रहे हैं कि संगठन ने सत्ता के सामने पूर्ण समर्पण कर दिया है।
समाचार समाप्त हुए।
जंतर - मंतर पेपर लीक प्रोटेस्ट के बाद अब कुछ और छात्रों ने अपने मुद्दों को लेकर छाता खोल दिया है।
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन जिसके एक ही दिन में 3M followers हो गए है ,
सरकार को समझना होगा कि अब तुष्टिकरण, जातिवाद और बहकावे की राजनीति नहीं चलेगी ,
ये पीढ़ी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जानती है।
"अनुराधा, नेहा दास, तुम जाहिल हो. अजीत भारती है कौन, तुमलोग अपनी नौटंकी से बाहर निकलो, नहीं तो लात मारकर निकालेंगे.
दौड़ा-दौड़ा कर कुत्ते की तरह मारेंगे.
छोड़ेंगे थोड़ी, चाट जाएंगे, भच लेंगे, लील लेंगे, खा जाएंगे लेकिन डकार भी नहीं लेंगे!
जूता जूता मारेंगे!"
-ये हैं GC की आवाज़ उठाने वालों के लिए भाजपा और तथाकथित RSS के मेंबर्स के शब्द!
और इसमें दूसरे समर्थक ताली बजा रहे हैं!
ये किया था इनलोगों ने UGC विरोध के समय, जनरल केटेगरी की आवाज़ उठाने वालों के साथ!
In 1950:
SC list had 607 castes, today it has ~1200
ST list had 241 tribes, today it has 744
So where these castes are coming from?
If even after 70+ yrs, not a single caste has been uplifted via reservation, that itself shows "Reservation is a failed policy".
#EndReservation
माननीय @DrMohanYadav51 ज़ी आप जानते है क़ी महाविद्यालयीन अतिथि विद्वानों क़े स्थाइत्व/नियमितीकरण/समायोजन क़ी मांग सबसे ज्यादा पुरानी एवं बड़ा मुद्दा है ज़ो आज तक पूरी नहीं हुईं जबकि सरकारों द्वारा हमेशा से वादा किया गया😌 माननीय @Indersinghsjp ज़ी निवेदन है मांग पूरी करें 🙏
27% OBC #आरक्षण.... अब #ST भी विरोध में, कहा - मेधावियों के मौके घटेंगे... यह दलील ST पक्ष ने हाईकोर्ट में दी है। आरक्षण के नुकसान सबको देर सबेर समझ आएंगे.... इसका आधार केवल आर्थिक होना चाहिए...
MP गज़ब है: इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन चल रहा था। कुछ लोग मीडिया से बात कर रहे थे।
वहां मौज़ूद एक पुलिस अधिकारी बाधा डालने बीच में आ गया। उसके बाद जमकर विवाद हुआ।
भाजपा को लग रहा है कि इथेनॉल-राम मंदिर के डायवर्सन के लिए कॉकरोच को प्रोटेस्ट करने देना मास्टरस्ट्रोक था, और अब राहुल गाँधी को पीएम आवास पर जाने देना, फिर डिटेन करना, दूसरा मास्टरस्ट्रोक था जिससे लोग कॉकरोच पर बात नहीं करेंगे।
इनकी पार्टी और IT सेल अभी राहुल गाँधी पर फोकस्ड है यह जताने के लिए कि कॉकरोच तो कुछ है नहीं, उन पर बात नहीं करेंगे तो बात होगी ही नहीं। राहुल गाँधी को टारगेट करते रहो, नैरेटिव उधर ही चला जाएगा!
कैसे चूतिए बैठे हैं साले सोशल मीडिया हैंडल करने के लिए इधर! शुतुरमुर्ग है साले सब के सब!
कायरता से भरा हुआ अप्रोच! PM के पास अपना सोशल मीडिया हैंडल नहीं है? दुनिया भर की बातें और फोटो डाली जाती हैं हर दिन, पर इस विषय पर ‘किरिन रिजिजू ने कहा कि पीएम ने कहा है’ वाली लाइन?
यही नौटंकी नीट के भी समय हुई थी कि पीएम चिंतित हैं। अरे चिंतित हैं तो क्या उँगलियों में कोढ़ हो गया है? टाइप नहीं कर सकते? डायरेक्ट स्टेटमेंट नहीं दे सकते?
मोदी जी का ईगो इतना विशाल हो चुका है कि उनकी सारी बुद्धि उसी शेल में कैद हो गई है। इनके ईगो के चक्कर में बच्चे पिस रहे हैं। सत्य यह है कि कल के प्रदर्शन में केवल भीम आर्मी, आपाई और सपाई ही नहीं थे जो अराजकता और हिंसा फैला रहे थे, उनमें से एक हिस्सा किशोर वय के छात्र-छात्राओं का भी था।
इन्हें लगता है कि ये लोग क्या कर लेंगे, भूल जाएँगे। परंतु यह पाइल-अप हो रहा है। चुनावों की जीत ही समस्याओं की अनुपस्थिति का एक मात्र मापदंड नहीं है @narendramodi जी!
CJP, BJP, Cong, AAP लVड़ा-लहसुन गए भाड़ में। देश के छात्रों, अगली बार वोट देने से पहले बस दो बातें याद रखना:
>DD न्यूज़ के एक पत्रकार ने 25 मई 2026 को 12वीं क्लास के तुम्हारे एक भाई को पाकिस्तानी कहा था।
>एक पार्टी के IT सेलियों ने 20 जुलाई 2026 को तुम्हें आतंकवादी कहा था।