उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी दलित युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा जी का यह नवाचार वास्तव में अद्भुत, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण है। सुदूर पहाड़ में जन्मे रवि टम्टा जी ने साबित कर दिया कि उनके हौसले भी पहाड़ जैसे बुलंद हैं।
रवि टम्टा जी ने HAPIDA SKYNeX उड़ान वाहन (Flying Vehicle) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे सुरक्षित एवं विद्युत चालित व्यक्तिगत उड़ान वाहन विकसित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। वर्षों के शोध, नवाचार और अथक परिश्रम के बाद प्रोटोटाइप की यह सफल उड़ान उनके सपने को साकार करने की दिशा में पहला बड़ा मील का पत्थर है।
यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे स्वदेशी नवाचार भारत की वैज्ञानिक क्षमता, युवाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।
रवि टम्टा जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। हमें विश्वास है कि उनका यह प्रयास भारत को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हमें आप पर गर्व है!
मेरठ में ललिता गौतम को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना बेहद चिंताजनक है।
भारत के संविधान का अनुच्छेद 19 प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी बात रखने तथा विरोध दर्ज कराने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ बल प्रयोग किया गया तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच होनी चाहिए। तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जानी चाहिए।
मेरठ के SSP साहब का रसूख़ देखिए - आरोप पुलिस लगाएगी, हिरासत पुलिस लेगी, फैसला भी पुलिस करेगी और सज़ा भी SSP साहब अपने हाथों से देंगे!
बंदी वाहन में घुसकर प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारना कौन-सा क़ानून है? योगी सरकार में पुलिस अफ़सरों को क्या वर्दी के साथ अदालत बनने का अधिकार भी मिल गया है?
सवाल सत्ता से है - यूपी में क़ानून का शासन है या अफ़सरों के रसूख़ का?
15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।
मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।
मेरठ में ललिता गौतम को न्याय दिलाने हेतु शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा हाथा पाई की गयी लोगों को मारा पीटा गया.संविधान के आर्टिकल 19 के तहत शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन एक मौलिक अधिकार है.पुलिस द्वारा इस तरह की कार्यवाही करना कहीं ना कहीं अहंकार को प्रदर्शित करता है.जल्द ही यह अहंकार टूटने वाला है.
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ बंधक बनाकर 32 लोगों द्वारा किए गए सामूहिक दुष्कर्म की घटना अत्यंत भयावह और मानवता को शर्मसार करने वाली है।
पीड़िता के अनुसार, उसके साथ कभी तीन से चार और कभी इससे अधिक लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया।बार-बार होने वाले हमलों से जब भी उसे दर्द होता था, तो उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया जाता था। यह अपराध क्रूरता की सभी सीमाओं को पार करने वाला है।
इससे भी अधिक शर्मनाक और आक्रोशजनक बात यह है कि घटना के खुलासे के 15 दिन बाद भी इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, आखिर आधा महीना बीत जाने के बाद भी बाकी दरिंदे पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
हम @RajGovOfficial से मांग करते हैं कि 24 घंटे के भीतर फरार चल रहे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और सरकार मजबूत पैरवी करते हुए दोष सिद्ध होने पर सभी आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाना सुनिश्चित करे। पीड़ित दलित परिवार को तत्काल सुरक्षा, न्याय और उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
मेरठ में दलित बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है।
यदि पुलिस हिरासत में बैठे व्यक्ति के साथ भी कथित मारपीट होती है, तो यह कानून के शासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और SSP अविनाश पांडे ने जो कृत्य किया है उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
संविधान ने हमें न्याय मांगने, शांतिपूर्ण विरोध करने और अपनी बात रखने का अधिकार दिया है। इन अधिकारों की रक्षा होना ही लोकतंत्र की असली पहचान है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भिंड निवासी 15 वर्षीय दलित नाबालिग बेटी को बेचने, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने, हत्या करने तथा सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की घटना अत्यंत भयावह एवं दण्डनीय है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोर देने वाली है।
28 मई से लापता बच्ची का शव 1 जून को बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने समाज के लोगों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया।
परिजनों के अनुसार 28 मई को ही नामजद शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
मुख्यमंत्री @DrMohan Yadav51 जी, यह केवल अपराधियों की क्रूरता का ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों तथा लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @MP_MyGov से मांग करते हैं कि:-
1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।
3. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
4. पुलिस की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।
5. पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
6. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए।
@CMMadhyaPradesh
सभी साथी अनिवार्य रूप से पोस्ट को शेयर करके विवेक सर व Exampur के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करें 👇🏼
आज हमें एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है।शिक्षकों की आंख से निकला एक-एक आंसू विद्यार्थियों के लिए कर्ज के समान है...!!
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गोरखपुर जिले के गोला टाउन एरिया में जातिवादी मानसिकता के एक पुलिसकर्मी द्वारा देर रात सड़क किनारे लगे 14 अप्रैल अम्बेडकर जयंती के पोस्ट को फाड़कर जलाया जा रहा है
माननीय @myogiadityanath जी, एकतरफ तो आप बाबासाहेब अम्बेडकर के नाम पर करोड़ों रूपए खर्च करके प्रतिमायों पर लगाने का ढोंग कर रहे हैं और दूसरी तरफ आपके ही गृह जनपद में आपकी ही पुलिस बाबासाहेब का अपमान कर रही है, आखिर ऐसा क्यों?
मैं योगी आदित्यनाथ जी से निवेदन करता हूं कि इस पुलिसकर्मी को तुरंत सस्पेंड करके उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करके जेल भेजा जाए।।
@gorakhpurpolice@NCSC_GoI@BhimArmyChief@Uppolice
मेरठ में ‘हत्या-अपहरण’ के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा के वरिष्ठ सांसद को रोका जाना बेहद निंदनीय है। उप्र का भाजपा शासन-प्रशासन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। भाजपा अपराधी को बचा रही है। बुलडोज़र की कार्रवाई मूक दर्शक बन कर खड़ी है। एक माँ और घर की बहन-बेटी का महत्व और मान क्या होता है ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है कोई सियासतदार नहीं।
भाजपा भी इस हत्याकांड और बेटी के अपहरण में पूरी तरह भागीदार है।
ऐसे भ्रष्ट व पक्षपाती शासन से अच्छा तो शासन का न होना है। भाजपा के समर्थक तक इससे शर्मिंदा हैं, कल को इस आग की आँच उनके घरों तक भी पहुँचेगी। अपराधी किसी की नेमप्लेट देखकर नहीं घुसते हैं।
घोर निंदनीय!
मेरठ: दलित युवती अपहरण कांड-चंद्रशेखर को रोकने के लिए दिल्ली से मेरठ तक चार स्तर की नाकेबंदी, मेरठ जाने की कोशिश में रोके गए चंद्र शेखर आज़ाद ने सड़क पर लगा दी दौड़
#ChandraShekharAzad
चन्द्रशेखर आजाद के विरोधियों के लिए बुरी खबर 👇
आजाद समाज पार्टी 2026-27 के यूपी पंचायत व विधानसभा चुनावों का शंखनाद 30 नवंबर को मुजफ्फरनगर से करने जा रही है
ASP सुप्रीमो @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में एक विशाल महारैली का आधिकारिक अवाहन किया गया है जिसमें लगभग 2 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है....!!
मोदी सरकार:
1. रोहित वेमुला के हत्यारों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पाई !
2. पायल तड़वी के हत्यारों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पाई !
3.चीफ जस्टिस गवई के हमलावरों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पाई !
4.पुरन कुमार IPS के हत्यारों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पाई !
#JusticeForPuranKumarIPS
हां इस देश के सबसे बड़े नेता गांधी नहीं अंबेडकर हैं।
गांधी घोर महिला विरोधी, अंबेडकर उद्धारक हैं।
गांधी हरिजन के प्रचारक, वर्ण व्यवस्था के समर्थक, अंबेडकर जाति विनाशक, दलित उद्धारक हैं।
गांधी करोड़ों के खर्च पर संत,अंबेडकर संघर्षों से समृद्धि के नायक हैं।
अनिल किशोर MSc गोल्ड मेडलिस्ट मूर्ख है।
उनको कोई दो थप्पड़ मार कर उनका बुढ़ापा बिगाड़ दे, और थप्पड़ मारने वाला कहे कि उसने जो किया उससे परमात्मा ने ही करवाया है। फिर?
जयपुर में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और अन्यायपूर्ण गिरफ्तारियाँ लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा आघात है।
एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष श्री @VinodJakharIN सहित कई छात्र नेताओं को बेवजह गिरफ्तार करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि युवाओं की आवाज़ दबाने का प्रयास है।
पुलिस प्रशासन द्वारा संगीन धाराएँ लगाना पूर्णतः अनुचित है।
छात्रों की जायज़ माँगों को सुनने के बजाय उन पर दमन करना अलोकतांत्रिक है।
मैं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी से आग्रह करता हूँ कि तुरंत प्रभाव से सभी गिरफ्तार छात्र नेताओं व कार्यकर्ताओं को रिहा कर युवाओं की आवाज़ का सम्मान करें।
@RajCMO@jigneshmevani80
राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति एवं प्रशासन द्वारा 30 सितंबर 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा शस्त्र पूजन कार्यक्रम 5 बजे आयोजित किया जाना था, जिसके विरोध में प्रदेश @nsui ने 3 बजे कुलपति सचिवालय के बाहर धरना किया, भारी बारिश के बाद भी एनएसयूआई के कार्यकर्ता एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में डटे रहे, आरएसएस के लोग एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं पर हमला कर देते है, जिसमें एनएसयूआई के कुछ कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो जाते है, राजस्थान पुलिस मूकदर्शक बनकर देखती रहती है. पुलिस एनएसयूआई के कार्यकर्ताओ की गाड़ियों पर हमला करती है ओर शीशे तोड़ देती है. एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं को डीटेन कर लेती है। लगभग 48 घंटे तक अलग-अलग थानों में घुमाने के बाद विनोद जाखड़ और उनके साथियों को आखिरकार कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको जेल में भेज दिया गया है। उनके ऊपर संगीन धाराएं लगाई गई हैं, जिनका इस लोकतांत्रिक आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। आरएसएस के जिन लोगों ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर हमला किया उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। @INCIndia हर संभव तरीके के साथी विनोद के साथ खड़ी है! हम मांग करते है कि विनोद को रिहा करो!