Thank you for your support Mrinal ji. 😀
Aur maine aap ki tarah kisi mahila par koi teekhe tweet jaise ki - mandi mey bhaav aur muh pe gobar bhi nahi kiye 🙈
PNR 4856229451.
toilets have no water, it is blocked, and the wash basin is blocked. The compartment is not cleaned. Condition is unhygienic here. my family is traveling in 03255 train. @RailMinIndia@RailwaySeva@IRCTCofficial
How to cold email instead:
- a tacky but useful subject line: this application is gonna take you 30 seconds to read
- 3 bullet points crafted for the job you are asking for
- do not use ai
- get straight to the business, no bs no hope you are well
जब लद्दाख से चलकर आ रहे सोनम वांगचुक और उनके साथियों को दिल्ली बॉर्डर पर रोक दिया जाएगा और गुरमीत राम रहीम को फिर बीस दिन की पैरोल मिल जाएगी तो सवाल उठना चाहिए कि न्याय क्या इसको कहते हैं?
हरियाणा सरकार की इच्छा थी कि डेरा प्रमुख राम रहीम को उनके पिताजी की पुण्यतिथि के आयोजन के लिए इमरजेंसी परोल मिले। सरकार चुनाव आयोग के पास अनुमति लेने गई। क्योंकि राज्य में चुनाव है, 5 तारीख को वोटिंग है! नहीं तो ये काम सरकार खुद कर सकती थी। चुनाव आयोग ने कहा आपको जैसा उचित लगे! इमरजेंसी है तो आप देख लीजिए!
आप भी देख लीजिए!! सरकार और चुनाव आयोग कितना सहृदय हैं! #DeraSachaSauda #RamRahim #HaryanaElelction #ECI
Thousands of Hindus will spend a second night standing patiently in chest high waters of snake and gator infested creeks at the India Bangladesh border, pleading to be let in.
Turning them back would be akin to becoming an accomplice in their rape and murder. Save them. Save us.
जो भी इसे पढ़े, उनसे करुणा और दया की भीख 🙏🏽
🖋️ दिलीप मंडल
आज़ाद भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब हिंदू भारत में आना चाहते हैं और उनको रोक कर उन्हें मौत के मुँह में दोबारा जाने को कहा जा रहा है।
ये इन दिनों भारत-बांग्लादेश सीमा में अक्सर हो रहा है।
मारे जाने या बलात्कार के डर से हिंदू बांग्लादेश से भागकर भारत आना चाहते हैं पर कँटीले तारों के इस ओर के हथियारबंद जवान उन्हें आने नहीं देते। वापस धकेल दे रहे हैं।
इससे पहले 1947-48 और फिर 1968-71 के बात जब हिंदू भारत आना चाहते थे तो न सिर्फ़ उनको आने दिया गया, बल्कि उनको बसाया भी गया। तब क्रमशः नेहरू और इंदिरा गांधी की सरकार थी। वे हिंदुओं के प्रति उदार थीं। दिल्ली की तमाम पॉश कॉलोनियाँ इन्हीं शरणार्थी हिंदुओं की हैं। आज वे लोग राष्ट्र निर्माण में प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
अब पहली बार हिंदुओं को रोका जा रहा है।
यहाँ तक कि म्यांमार के मुस्लिम रोहंगिया को भी भारत में न सिर्फ आने दिया गया बल्कि दिल्ली समेत कई शहरों में उनके कैंप चलाए जा रहे हैं।
लेकिन अभागे हिंदुओं के लिए तो शरणार्थियों के लिए बने अंतरराष्ट्रीय नियम भी भारत सरकार लागू नहीं कर रही है।
ये अविभाजित भारत के अपने लोग हैं। इनकी भारत में रि़श्तेदारियां हैं। अगर ये हिंदू, भागकर भारत भी नहीं आ सकते तो ये कहाँ जाएँगे? CAA किस दिन के लिए बना है। उसमें 2014 की शर्त हटाई जाए।
क्या रोहंगिया हमारे लिए ज़्यादा अपने हो गए। इन अभागों का दुनिया में कौन है?
अंत में प्रार्थना 🙏🏽
पश्चिम बंगाल मे वीभत्स "बलात्कार"
मेडिकल रिपोर्ट:यह रेप नहीं गैंगरेप है !
कोलकत्ता में एक महिला डॉक्टर को हैवानों ने बिल्कुल गिद्धों की तरह नोच नोच कर मार डाले !
प्राइवेट पार्ट् छत विछत, सीने में घाव, आंखे नहीं, इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है बेहद शर्मनाक घटना !!