#CompulsoryMaithiliEducation
ई हमर मातृभाषा अछि। अपन माएक भाषा। ई प्रत्यक्ष, विविधता सँ पूर्ण आ बिम्ब विधान सँ भरल अछि। इएह ओ भाषा छल जे एखन जाहि रूप मे हम वस्तु केँ देखैत छी, विचार व्यक्त करैत छी आ जाहि सँ हमरा एहि दुनियाक बोध होइत अछि तकर निर्माण मे सहयोग कएलक।
- एमी टएन
#CompulsoryMaithiliEducation
हमर किछु मित्र हमराकहैत छथि जे ओ हमर माएक मात्र 50 प्रतिशत बात बुझैत छथि।किछु मित्र कहैत छथि जे ओ सभ 80-90 प्रतिशत बात बुझैत छथि।किछु कहैत छथि जे किछु नहि बुझैत छथि,जेना हमर माए चाइनीज बाजि रहल होथि।लेकिन हमरा लेल, म��यक भाषा सुस्पष्ट आ प्राकृतिक अछि।
#CompulsoryMaithiliEducation
विरोधक सङ्ग-सङ्ग व्यावहारिक रुप सँ मैथिलीक प्रयोग पर सेहो प्रयास होएबाक चाही। भाषा आ संस्कृति अपन समाजक लोक सँ बँचैत अछि। घर केँ मजबूत करबाक खगता सेहो अछि। मैथिली खाम्ह-खुट्टा सेहो मजगूत करी हम सभ। आरोग्य सेतु आ एहन किछु आओर ठाम तँ आवश्यकता अछिए।
#CompulsoryMaithiliEducation Children growing up in bilingual homes can, according to this definition, have more than one mother tongue or native language.