कल शिक्षक दिवस है। अगर शिक्षकों के प्रति आपके मन में सम्मान होगा तो हमारे योग्य, ऊर्जावान युवतियों-युवकों के प्रति जारी अन्याय, अपमान समाप्त होगा। @NitishKumar
शिक्षकों को हमेशा समर्थन।
#issue_bstet19_80k_certificate
काबर ताल के सभी स्टेकहोल्डर - ग्रामीण, मछुआरे, किसान, श्रद्धालु और पर्यावरण संरक्षक, से विमर्श करके ही कावर वेटलैंड व जयमंगलागढ़ धरोहर का संरक्षण-संवर्द्धन संभव है। झील, लोकल इकॉनॉमी व टूरिज़्म डेवलपमेंट के लिए हमारा एक ब्लूप्रिंट है और यह हमेशा प्लुरल्स के टॉप एजेंडे में रहेगा।
क्या पाखंड है! सीएम साहब हमेशा ‘लंच टाईम’ पर ही पहुँचते हैं! महोदय, हर शिविर में सीसीटीवी लगवा लें और हर दिन लंच-डिनर टाईम पर देखें कि क्या इतने ही आदर-सम्मान से भोजन मिल रहा या भाड़े के टेंट वाले थाली-बर्तन भी ले गए! ये सब दिखावा आपको सूट नहीं करता है इस उम्र में! @NitishKumar
आप पटना में गंगा-विहार छोड़िये सीएम साहब, भागलपुर आकर अपने पापों के लिए गंगाजी से माफ़ी माँगिए, और लोगों से भी। और हाँ, बड़े भाई लालूजी को भी साथ बुला लीजिएगा प्रायश्चित के लिए! @NitishKumar@laluprasadrjd
बामी लड़कियों के कुछ लक्षण-
शराब पीकर सड़क पर लेट जाना।
चौराहे, बाज़ार जैसे सार्वजनिक जगहों पर किसी पुरुष को पीटकर महिला सशक्तिकरण की दुहाई देना।
कम से कम पोशाक, अर्धनग्न वस्त्र को धारण करना।
सिर के बाल का मुंडन/पुरुष कट या खुले केश रखना।
आदि...आदि।
निर्माण-यात्रा में सिवान से हमारे लोकप्रिय कैंडिडेट रहे डॉ. रामेश्वर जी का अभिनंदन। लोग उन्हें कहते थे कि डॉक्टर साहब आप कहाँ राजनीति की गंदगी में? मैंने कहा कि सोचिए, डॉ राजेंद्र बाबू और मजहरूल हक़ साहब के सिवान में यह प्रश्न बताता है कि राजनीति का स्तर सौ साल में कितना गिरा है।
@prateekshasri पालकी में होके सवार चली रे मैं तो अपने साजन के द्वार चली रे वही वाला गाना गाइए
प्रतीक्षा जी जब आप चाइल्ड आर्टिस्ट थी तब से आपको जानता हूं
भोंदू नेताओं की बहती ‘स्मार्ट’ क्लास: हमारी बदक़िस्मती यह नहीं कि हम बिहार में पैदा हुए, हमारी बदक़िस्मती यह है कि लालू-नीतीश जैसे नक़ली नेता यहाँ पैदा हुए। शिक्षा, शिक्षकों और शिक्षालयों का नाश कर दिया इन्होंने।
“तन की मलिनता
दूर करने के लिए प्रतिपल
पाप छाया दूर करने के लिए, दिन-रात
स्वच्छ करने--
ब्रह्मराक्षस
घिस रहा है देह
हाथ के पंजे बराबर,
बाँह-छाती-मुँह छपाछप
खूब करते साफ़,
फिर भी मैल
फिर भी मैल!!”