sport's person , social work ,
Member, Physical Education Foundation of India.( PEFI )
JOINT SECRETARY, BIHAR PHYSICAL EDUCATION AND HEALTH INSTRUCTOR
SANGH.
@News18Bihar#बिहार में ""बहार"" है
"डबल इंजन की सरकार है""
#सरकारी स्कूल के #शारीरिक शिक्षक अनुदेशक #अल्प वेतन ₹16000 मिलने से
#झाल मूढ़ी बेचने को लाचार है ??
क्या यही शिक्षा /सुशासन और विकास की भाजपा सरकार है ??
@Live_Cities अमित विक्रम जी गरीबो के बच्चे अब फिर से सरकार की गलत नीति के कारण शिक्षा से वंचित हो रहे है ।भर्ती नहीं पहले जो बीपीएससी tre 1, 2 भर्ती हुई है और बाद में ट्रान्सफर सबको रद्द करने की मांग रखिए ।
@Live_Cities अमित विक्रम जी उस समय कहा सोये थे जब बिहार के ग्रामीण स्कूलों में बीपीएससी TRE 1,2 के लाखों शिक्षक भर्ती से और शिक्षा सचिव के के पाठक जी के द्वारा सभी स्कूलों में वर्षों बाद शिक्षकों का पदस्थापना और पढ़ाई पटरी पे लौटा था फिर सिद्धार्थ जी ने मनमाने तरीके से सब स्कूल खाली कर दिए
भोजपुर जिला प्रशासन भी अत्याधिक गर्मी को देखते हुए भोजपुर जिला के सभी निजी/ सरकारी स्कूल / प्री- स्कूल, आँगनवाड़ी केंद्र के संचालन पे प्रतिबंध करें।
पटना जिला के अनुसार👇👇
@bhojpur_dm @officecmbihar@IPRDBihar आदरणीय #जिलाधिकारी महोदय
भोजपुर जिला के 1 से 12 वीं की सभी सरकारी स्कूल #भीषण गर्मी को देखते हुए बंद हो गए
केवल #भोजपुर जिला में जो 3 से 6 वर्ष के पढ़ने वाले #आंगनबाड़ी_केंद्र के बच्चे को भी #भीषण गर्मी और लू को देखते हुए तत्काल बंद करने का आदेश बच्चो के लिए जारी करें।
अपने क्षेत्र में 02.06.2026 (मंगलवार) को आयोजित सहयोग शिविर में भाग लेकर अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त करें एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
@officecmbihar@IPRDBihar
@firstbiharnews ये टीटी वाराणसी कैंट स्टेशन पर तैनात है
यात्रियों से अमर्यादित भाषा, गाली गलौज, बदतमीजी करते है
समय आभाव में वीडियो तो नहीं बना इनका pic जरूर अपने कैमरे में कैद कर लिए चलते चलते
देश भर में रेलवे के इन जैसे महापुरुषों के द्वारा नागरिकों से दुर्व्यवहार होता है
@ABPNews@aajtak
@Afsar__khan @neerajvibe ये स्वर्णिम काल चल रहा है देश और रेलवे का सरकार की नजरों में
80 करोड़ गरीब लोगों के लिए
😂
आगे 2047 तक विकसित भारत में क्या होगा
नीचे भी ..... रेल में बैठ पाएंगे कि नहीं??
@Live_Cities सरकार अरबो खरबो रुपया खर्चा की परंतु आज भी किसी ग्रामीण स्कूलों में छात्र /छात्राओं या महिला शिक्षकों के लिए शौचालय नहीं है
जबकि हर वित्तीय वर्ष में लाखों करोड़ों रुपया शौचालय बनाने के नाम से कागज पे ही बना के रुपया गबन हो जाता है।
सरकार को एक ऐप बनाकर इसकी निगरानी करनी चाहिए