मेरे जज़्बातों से इस कदर वाकिफ है मेरी कलम,
मैं इश्क भी लिखना चाहूँ,
तो इंकलाब लिखा जाता है -
भगत सिंह
शहीदे ए आजम भगत सिंह जी के 115वें जन्म दिवस पर श्रदांजलि🙏🏼
@vpsbadnore मेरे जज़्बातों से इस कदर वाकिफ है मेरी कलम,
मैं इश्क भी लिखना चाहूँ,
तो इंकलाब लिखा जाता है -
भगत सिंह
शहीदे ए आजम भगत सिंह जी के 115वें जन्म दिवस पर श्रदांजलि🙏🏼
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तां के सम्मान का है ..
#गणतंत्रदिवस की हार्दिक #शुभकामनाएं
🇮🇳 जय हिन्द 🇮🇳
In the Life Book the Page Yesterday is over, Future is blank and today is being written so write the best we can because whatever we write on this Book cannot be erased.
Good Day