कपिल देव साहब ने वो 💯 सच्चाई बोल दी जिससे पंजाब को दूर ले जाया जा रहा है-
“हिंदुओं ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने बड़े बेटो को सिख धर्म में भेजा था जिससे वो बना”
और आज कुछ ख़ाली स्थानियों का मक़सद ही सिर्फ़ हिंदू धर्म का विरोध रह गया है।
कॉकरोच पार्टी के मंच पर भाषण दे रहा ये व्यक्ति का नाम है “सैयद क़ासिम रसूल”-
कौन है? - दंगाई और देशद्रोही उमर ख़ालिद का बाप।
इसके अलावा भी कई उपलब्धि है- SIMI जो आतंकी गतिविधियों में पाया गया उसको बैन किया गया उसका राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहा है।
मतलब बेटे को भारत को तोड़ने के शिक्षा अपने ही घर से मिली है।
बाक़ी जिसको लगता है की CJP का प्रोटेस्ट छात्रो के लिए हो रहा है उनको “Get well soon”
भरत तिवारी को सरेंडर करने के बाद भी गोली मार देने को सही ठहराने वाले, आज एक अपराधी प्रवृत्ति के आदमी को 2 थप्पड़ लगाए जाने पर सुबह से रवीश रोना कर रहे हैं!
गजबे दोगलापन है!!
👏👏😂😂
मधुमेह यानी डायबिटीज के रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें सुबह-शाम इंसुलिन की सुई से छुटकारा मिलने वाला है क्योंकि दुनिया का पहला बेसल इंसुलिन इंजेक्शन अब भारत में भी लॉन्च हो चुका है। इसे हफ्ते में सिर्फ एक बार लिया जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (https://t.co/jHlY4ZLz8T) ने गुरुवार को भारत में अपना साप्ताहिक बेसल इंसुलिन इंजेक्शन, 'Awiqli' (अविकली) लॉन्च कर दिया।
हमारे पास जमीन दुनिया की मात्र 02% है, पानी दुनिया का मात्र 04% है और हमारी जनसंख्या दुनिया की 20% हो चुकी है।
‘हम दो-हमारे दो’ तत्काल लागू नहीं हुआ तो 2047 तक भारत बर्बाद हो जाएगा।
@narendramodi@AmitShah
ऑस्ट्रेलिया में चीटिंग, फ्रॉड, फोर्जरी और पर्जरी करने पर 7-14 वर्ष की सजा होती है और संपत्ति भी जब्त की जाती है।
ऑस्ट्रेलिया जैसा कानून भारत में कब बनेगा?
@PMOIndia@narendramodi
लोगों के दिमाग में बैठा दिया गया है कि ताजमहल शाहजहाँ ने बनवाया था, और यह प्यार की निशानी है। यह सब बेकार की बातें हैं। मेरा दावा है कि यह पहले "तेजोमहालय" नाम का हिंदू मंदिर था, जिसे 1156 ई. में राजा परमार देव ने बनवाया था। मेरे पास इस दावे के समर्थन में दस्तावेज़ी साक्ष्य हैं।
@priti134 भीड़तंत्र के सामने झुक कर ऐसे नियम कानून बनाने वाले लोग कौन थे? हम अपने ही पूर्वजों का बोया काट रहें है। उनकी अदूरदर्शिता का परिणाम है की आज उनकी पुश्ते डर डर के जी रही हैं।
ब्राह्मणों को जो लोग गालियाँ देते है वह मूर्ख है।
ईसाइयों की नीति थी बंटवारा करो राज करो वे हिंदुओं को ईसाइयत में कन्वर्ट करना चाहते थे इसलिए उन्होंने पेरियार जैसे लोगों को चुना और मनगढंत कहानियां गढ़ी की ब्राह्मणों ने दलितों पर बहुत अत्याचार किया जिससे दलित भ्रमित हो कर ईसाई बन जाये
पर भारत में अंग्रेजों का यह षडयंत्र चला नहीं। वामपंथी भी अंग्रेजों का यही जूठा प्रोपोगेंडा फैला कर दलितों को भ्रमित कर रहे है। इन मूर्खो को पता नहीं है कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और चंद्रशेखर आजाद ब्राह्मण थे।
ये बाबा ब्राह्मण हैं - 40 बीघे के जमींदार थे
जवानिया गांव बाढ़ में बह गया - लभभग सभी जातियों को जमीन मिला - इन्हें नहीं मिला क्योंकि ये ब्राह्मण समाज से थे - जब ये ब्राह्मण सुखी सम्पन्न थे तब इन्होंने कई जातियों के लोगों को बसाया था अपने जमीन पर और आज इनकी ऐसी हालत है - सामाजिक छोड़िए ब्राह्मणों के साथ सरकार के तरफ से भी भेद भाव किया जाता है
गोपालगंज में एक विधानसभा सीट है भोरे जहां लगभग 35-40% ब्राह्मण वोट है उसी तरह गोपालगंज का संसदीय सीट है जिसे आरक्षित कर दिया गया है मतलब हम बहुलता में हैं लेकिन हम सिर्फ वोट देंगे चुनाव नहीं लड़ सकते
ये भेद भाव नहीं है क्या - हम अपनी ही बहुलता वाली सीट पर चुनाव नहीं लड़ सकते तो जहां कम हैं वहां क्या होगा ?
तुम्हे आरक्षित करनी है तो उनकी बहुलता वाली सीट आरक्षित करो
देखिए ये सीधा हमें हर तरीके से पूछे धकेलने की साज़िश है - इन मूर्ख नेताओं के देश में लोगों को देने के लिए रोजगार नहीं है इसपर इनसे कोई सवाल न करे तो ये सवर्णों को टूल बना के इस्तमाल करते हैं इनसे कोई आगे नहीं लाया जाता तो बराबरी दिखाने के लिए ये सवर्णों को ही पीछे धकेलने का प्रयास करते हैं
जय सियाराम! 🚩🚩
आपकी प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा, समर्पण और दशकों की सेवा से देश का हर रामभक्त परिचित है। सत्य की राह पर चलने वालों की परीक्षा अवश्य होती है, किंतु अंततः सत्य ही विजयी होता है।
हम प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करते हैं कि वे आपको इस आरोप से शीघ्र मुक्त करें तथा सत्य को सबके सामने प्रकट करें।
जय श्रीराम! 🚩
ये कोई फिरोज है अमरोहा से ये खबर चला रहे हैं चीनी सेना भारत में घुस आई है कृपया UP Police संज्ञान ले ये फर्जी खबर अचानक कयी fecebook account से क्यूँ चल रही है
@myogiadityanath@bijnorpolice@amrohapolice@Uppolice
अगर ये खबर फेक है तो इसके
ऊपर तुरंत एक्शन लिया जाये 🙏
महाराष्ट्र पुलिस ने धर्मांतरण कराने वालों पर NSA, UAPA, MCOCA तथा BNS की धारा 111, 113, 147 और 152 क्यों नहीं लगाया?
महाराष्ट्र पुलिस ने धर्मांतरण कराने वालों का नार्को, पॉलीग्राफ और ब्रेनमैपिंग टेस्ट क्यों नहीं करवाया?
@Dev_Fadnavis@HMOIndia@DGPMaharashtra@PMOIndia
भरत तिवारी जी ने live में कहा था की,
मेरे ना रहने पर मेरा फ़ोन मेरे घर वालो के अलावा किसी और के हाँथ नहीं लगना चाहिए उसमें कई भ्रष्ट नेता, अधिकारीयों के खिलाफ सख्त सुबूत हैं....उन्होंने लाइव में 1400 करोंड रूपये के घो*टा*ले का भी ज़िक्र किया था....
परंतु लॉ प्रोसीज़र बताते हुए BiharPolice ने
वीर शहीद भरत तिवारी जी कि हत्*या करने के बाद
उनका फ़ोन अपनी कस्टडी में रख लिया है.....
अब कुछ प्रभावशाली व्यक्ति आरोप लगा रहे हैं भरत तिवारी अपना फोन 8 बार लाइव हुए थे बिहार पुलिस ने
उन आठ लाइव वीडियो में से
दो लाइव विडिओ को,, फेसबुक से डिलीट कर दिया
है,जिसमें भरत जी ने 1400 करोड़ के घोटाले पर बात करते हुए दिख रहे हैं...
बिहार पुलिस के द्वारा भरत तिवारी जी के छोटे भाई को धमकाया गया
कि सारी नौटंकी ख़त्म करो नहीं तो तुम्हरा और तुम्हरें पूरे परिवार का भी एनका*उंटर किया जायेगा ☺️🙂
दुःख कि बात यह है
कि अभी तक भरत तिवारी जी का स्मार्टफोन उनके
परिजनों को नहीं सौपा गया है....
हत्*या करने वाले ऑफिसर कि पोस्टिंग कर दी गई है
जबकी उसे ससपेंड करके 302 के तहत अंदर
कर देना चाहिए था......
अब इससे बड़ा जंगलराज़ और क्या हो सकता है...
आप स्वयं अकालन करें
और अपनी राय दें 🙏 ..... ✍️🚩
सबसे पहले यह स्पष्ट कर लेना चाहिए कि आपने जो राशि दी थी, वह चंदा थी या दान।
यदि वह चंदा था, तो उसका उद्देश्य एक निश्चित कार्य - राम मंदिर का निर्माण - था। मंदिर बन चुका है और आज सबके सामने खड़ा है। उस दृष्टि से उस उद्देश्य की पूर्ति हो चुकी है।
अब यदि आपने उसे दान माना है, तो यह भी सोचिए कि वह दान किसे दिया गया था और किस भावना से दिया गया था।
यदि किसी व्यक्ति या संस्था को दान दिया गया था, तो दान देने के बाद उस धन पर आपका अधिकार समाप्त हो जाता है। दान का यही मूल सिद्धांत है।
और यदि आपकी भावना यह थी कि आपने भगवान श्रीराम को अर्पण किया है, तो फिर उसका लेखा-जोखा भी उसी श्रद्धा के साथ भगवान पर छोड़ देना चाहिए। ऐसे में किसी अन्य से हिसाब मांगने का क्या औचित्य रह जाता है?
एक तीसरी स्थिति भी हो सकती है कि आपने इसे मंदिर में चढ़ावे के रूप में अर्पित किया हो। स्वाभाविक है कि ऐसी स्थिति में यह अपेक्षा रहती है कि उसका उपयोग मंदिर और उससे जुड़े धार्मिक कार्यों में हो।
लेकिन सच यह भी है कि आज तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनी जो यह बता सके कि भगवान के चरणों में अर्पित प्रत्येक रुपये का आगे क्या उपयोग हुआ।
यदि आप स्वयं को सनातन परंपरा में आस्था रखने वाला मानते हैं, तो केवल भगवान में ही नहीं, बल्कि उनकी व्यवस्था और अपने विश्वास में भी दृढ़ रहिए।
दान या अर्पण करके आपने किसी पर उपकार नहीं किया है। इसलिए बाद में उसी विषय को लेकर अपनी आस्था पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं कहा जा सकता।
जब हम श्रद्धा से कहते हैं - "तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा" - तो फिर अर्पण के बाद उसी धन की चिंता में उलझ जाना उस भावना के विपरीत प्रतीत होता है।
राजनीतिक बहसों और उकसावे के कारण अपनी धार्मिक आस्था को कमजोर न होने दें।
और यदि फिर भी किसी को अपने दिए हुए धन को लेकर गंभीर आपत्ति है, तो वह रसीद के साथ संबंधित ट्रस्ट के समक्ष अपनी बात रख सकता है। इससे कम से कम दुनिया को यह अवश्य पता चल जाएगा कि उसने किस उद्देश्य से धन दिया था और वह उसी विषय पर अपना पक्ष रख रहा है।