डियर दिल्ली पुलिस, 20 जुलाई को देश के युवा अपनी मांग के साथ संसद की तरफ जा रहे थे। 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लाठी, आंसू गैस और पत्थरों के साथ उनपर टूट पड़े। इस बीच कैमरों पर उनकी कुछ ऐसी हरकतें भी रिकॉर्ड हो गईं, जो गैरकानूनी होने के साथ किसी प्रोफेशनल पुलिस के लिए बेहद शर्मनाक भी हैं।
लड़कियों पर गलत तरीके से गलत जगह डंडा मारना, बिना नेमप्लेट की वर्दी, कई के पास तो वर्दी भी नहीं। कार्रवाई के चार तरह के वीडियोज का हमने कानून की कसौटी पर एनालिसिस किया है…
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#DelhiPolice #StudentsProtest #CJPProtest #JantarMantar #HindiNews #delhi
Meet Sanjeev Mukhiya, the mastermind of the 2025 NEET leak
He has not been convicted or sentenced by any court.
Legal proceedings remain at the trial stage, as the CBI has failed to file a chargesheet even after 420 days.
@ABPNews@chitraaum
काश २२ वर्ष के तथाकथित पत्रकारिता के करियर में सरकार के खिलाफ
पेपर लीक/ कोयला - बालू - पत्थर अवैध खनन माफिया/ करोड़ों की लागत से बनी सड़क जो पहली बरसात भी न झेल पाए/ स्वास्थ्य/ बेरोजगारी/ ट्रेन में जेनरल बोगी में सफ़र करते यात्रियों आदि के मुद्दे उठा पाते!
@RebelliousPari8 राजनैतिक दल और माफिया का चोली दामन का साथ है।
किस दल में हिम्मत है कि पेपर लीक रुकवा दे?
कोयला/ बालू/ पत्थर के अवैध खनन को रुकवा सके?
अंग्रेजों से लड़े आजादी मिली, लेकिन पुलिस वही रही।
कुछ नहीं बदला है और न बदलेगा?
जेपी ने भी कई बच्चों का भविष्य खराब किया लेकिन सिस्टम बदला?
@DelhiPolice@crpfindia
अपने ज़मीर को कितना गिराना पड़ता है, नौकरी के लिए? Crowd contril के लिए क्या ऐसी ट्रेनिंग दी जाती है?
@UNPeacekeeping Pl See the kind of crowd control methods of Indian police.
@zoo_bear@republic Political parties want to come in power to loot either through paper leak mafia or looting of national property coal/ sand/ cow etc by concerned mafias.
See the instance of Didi since 2016.
@RahulGandhi@INCIndia can you stop theft of national property when in power?Possible?
ये बिना वर्दी के गुंडे कौन हैं जो पुलिस के साथ मिलकर छात्रों को मार रहे हैं? अपंजीकृत RSS के गुंडे हैं या फिर दिल्ली पुलिस ने भी कोई अनौपचारिक ब्रांच खोलकर लेटरल एंट्री से भर्ती किए हुए हैं?
नरेन्द्र मोदी जवाब दें ये कौन भाड़े के गुंडे हमारे छात्रों पर छोड़े गए थे?
लोग बिना डरे मोदी सरकार का विरोध करना शुरू का दिए !
ऋषिकेश में सड़क चौडीकरण के लिए 3 हजार पेड़ काटे जाने के खिलाफ आम लोग भाजपा सरकार का विरोध कर रहे हैं !
देश की मरी हुई जनता को जगाने का काम आखिरकार सफल हुआ। जो इतने सालों से सो रहे थे वह एक पेड़ बचाने के लिए तो जागे कम से कम ।
वरना यह सिर्फ रील बनाने के लिए ही नचनिया बने पड़े थे अब तक। अभी तो यह सिर्फ पेड़ों के लिए जागे हैं आगे भ्रष्टाचार के लिए जागेंगे।
ये दिल्ली NCR की हर सोसाइटी की सच्चाई है-
इनके पालतू प्रेम ने तीन लड़कियों को पूरे जीवन का ट्रामा दे दिया है।
सोसाइटी वाले कुछ एक्शन ले ले , तो एक महिला सांसद का पूरा गैंग टूर पड़ेगा।
Dog Lover होने में कुछ बुराई नहीं, पर पहले उनको रखने लायक घर बनाओ।
कॉमन सर्विस जैसे लिफ्ट, हाई राइज में ये रखने मेरे हिसाब से तो एकदम उचित नहीं।
अगर दिल्ली पुलिस के सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले जाने पर 50 ट्वीट करने और खूब गुस्सा दिखाने के बाद थोड़ा सा आक्रोश बचा हो, तो इसपर भी दिखाइए। ऋषिकेश के सात मोड़ इलाके में जंगल की कटाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को उत्तराखंड पुलिस जिस तरह उठाकर ले जा रही है, उसपर भी आपका खून खौलना चाहिए।
कभी जंगल उजाड़ने वाली तो कभी छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करनी वाली यह एक निक्कमी, बेशर्म और तानाशाह सरकार है।
@uttarakhandcops
#RishikeshDeforestation
अपनी ज़िंदगी पहले की सरकारों द्वारा सृजित नौकरियों में गुज़ारकर, पेंशनभोगी सेवानिवृत्ति का सुख भोगते हुए, सुबह-सुबह अपने रिहायशी इलाकों के पार्कों में तोंद पिचकाने की कोशिश करने और अंत में ज़ोर-ज़ोर से ‘हा-हा-हा’ के ठहाके लगाने वाले इन मरी हुई सोच के बुज़ुर्गों को यूँ ही ‘व्हाट्सऐप अंकल’ नहीं कहा जाता!
ये उस उपाधि पर पूरी तरह खरे उतरते हैं. बल्कि यूँ कहिए कि ये क्रूरता, दंभ, असंवेदनशीलता और घटियापन के हर मापदंड पर भी पूरी तरह खरे उतरते हैं.
#whatsappia #WhatsApp_Uncles