#महान_परोपकारी_संतरामपालजी
8 सितंबर को पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी का अवतरण दिवस है। काल लोक में गलत साधना से सभी जीव दुःखी हैं। संत रामपाल जी महाराज जी ने सभी धर्मों के शास्त्रों से सही भक्ति विधि बताकर मानव समाज पर बहुत बड़ा उपकार का काम किया है।you tube channel पर visit
#महान_परोपकारी_संतरामपालजी
संत रामपाल जी महाराज जी के आध्यात्मिक ज्ञान का डंका सारे विश्व में बज रहा है। समाज सुधार और मानव कल्याण के अद्भुत काम करने वाले ऐसे महान संत की महिमा के चर्चे घर-घर में हो रहे हैं। उन्हीं परम संत रामपाल जी महाराज का 8 सितंबर को अवतरण दिवस है।
*#महान परोपकारी संत रामपालजी महाराजजी
नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा।
इस का किसी भी शास्त्र में उल्लेख नहीं कि नशा करें।
यह मानव समाज को बर्बाद कर रहा है।
देखें साधना चैनल 07:30 pm (IST
#Aim_Of_SantRampalJiMaharaj
संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य है कि दहेज के नाम पर किसी बेटी को प्रताड़ित न किया जाये। इसी के तहत संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में हजारों दहेज मुक्त विवाह संपन्न किये जा चुके हैं। जिससे समाज में दहेज प्रथा के समाप्त होने की आस जग चुकी है।
#GodMorningThursday
अपराध, अश्लीलता और भ्रष्टाचार, फिल्मी दुनिया इन सबकी जिम्मेदार।
अब होगा समाज सुधार, जब सारा जगत सुने संत रामपाल जी महाराज जी के सुविचार।
@SaintRampalJiM
#महान परोप कारि संत
🐚 अश्लील फ़िल्मों से समाज में बढ़ती अश्लीलता, छोटे कपड़ों का चलन आम हो गया है।
वहीं संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायी उनके बताए सतमार्ग पर चलकर फिल्में, सिरियल, अश्लील गाने आदि पूर्ण रूप से त्याग चुके हैं। जो कि समाज सुधार की
#Aim_Of_SantRampalJiMaharaj
संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य है कि पूरी दुनिया से भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी समाप्त हो। संत रामपाल जी महाराज के बताये तत्वज्ञान से उनके अनुयायी न तो रिश्वत लेते और न देते हैं।
@SaintRampalJiM
#8sept. 2022संत रामपालजी महाराजी 72वे अवतरण दिवस महान संत का उपकार
🐚समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज जी दहेज जैसी कुरीति को जड़ से खत्म करने के साथ-साथ कन्या भ्रूण हत्याएं, छुआ छूत, तेरहवीं, मृत्यु भोज व नशे जैसी अन्य बुराइयों को भी समाज से दूर कर रहे हैं।
*#ॐ_मंत्र_काल_का*
वास्तविक गायत्री मंत्र -
यजुर्वेद अध्याय 36 मंत्र 3 में कहीं भी ॐ नहीं लिखा है। ये अज्ञानी संतो की अपनी सोच से लगाया गया है। यह मंत्र पूर्ण परमात्मा के लिए है। जबकि ॐ काल ब्रह्म का है।
*#ॐ_मंत्र_काल_का*
ऊँ‘‘ नाम का जाप ब्रह्म का है। इसकी साधना से ब्रह्म लोक प्राप्त होता है जिसके विषय में गीता अध्याय 8 श्लोक 16 में कहा है कि ब्रह्म लोक में गए साधक भी पुनर्जन्म को प्राप्त होते हैं।
।*#TruthBehindTheClaims*
♦️क्या ब्रह्मा जी, विष्णु जी और शिव जी नाशवान हैं?
जानिये क्या है सच्चाई दावे की पड़ताल Part 2 वीडियो में।
इस वीडियो को SA News Channel YouTube पर देखें।
*#TruthBehindTheClaims*
♦️क्या तीनों देवताओं की माता देवी दुर्गा जी हैं?
जानिये क्या है सच्चाई दावे की पड़ताल Part 2 वीडियो में।
इस वीडियो को SA News Channel YouTube पर देखें।
*#TruthBehindTheClaims*
♦️क्या तीनों देवताओं की माता देवी दुर्गा जी हैं?
जानिये क्या है सच्चाई दावे की पड़ताल Part 2 वीडियो में।
इस वीडियो को SA News Channel YouTube पर देखें।
*#ॐ_मंत्र_काल_का*
गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में लिखा है।
ऊँ, तत्, सत्, इति, निर्देशः, ब्रह्मणः, त्रिविधः, स्मृतः
सचिदानन्द घन ब्रह्म की भक्ति का मन्त्र ‘‘ऊँ तत् सत्‘‘ है। “ऊँ‘‘ मन्त्र ब्रह्म का है। “तत्” यह सांकेतिक है जो अक्षर पुरूष का है। ‘‘सत्’’ मंत्र भी सांकेतिक मन्त्र