पूछा गया, कौनसा मोमिन अफ़ज़ल है ?
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया, जिसका अख़लाक़ ज़्यादा अच्छा हो,
उन्होंने पूछा, कौनसा मोमिन ज़्यादा अक़्लमंद है ?
आप ﷺ ने फ़रमाया, जो मौत को याद करते है और उसके बाद (के मराहिल) के लिए ज़्यादा अच्छी तैयारी करते है यही अक़्लमंद है
(इब्ने माज़ा 4259)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
“बेहतरीन माल यह की आदमी के पास अल्लाह को याद करने वाली ज़ुबान हो, शुक्रगुज़ार दिल हो और इसकी बीवी ऐसी मोमिना औरत हो जो इसके ईमान को पुख़्तातर बनाने में मददगार हो”
(तिर्मिजी 3094)
#HadithOfTheDay@_DailyHadith__
अल्लाह तआला का इर्शाद है उस दिन यानी क़ियामत के दिन कोई दोस्त किसी दोस्त को नहीं पूछेगा बावजूद इसके कि एक दूसरे को दिखा दिए जाएंगे, यानी एक दूसरे को देख रहे होंगे। उस रोज़ मुज़रिम इस बात की तमन्ना करेगा कि अज़ाब से छूटने के लिए अपने बेटों को, बीवी को, भाई को और ख़ानदान को जिन में वह रहता था और तमाम अले ज़मीन को अपने फ़िद्या में दे दे और यह फ़िद्या देकर अपने आपको छुड़ा ले। यह हरगिज़ नहीं होगा❗️
📘(मआरिज :10-15)
#अदल_तौहीद
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
“जब तुम में से कोई जूता पहने तो दाएँ पैर से शुरू करे और जब उतारे तो बाएँ से शुरू करे, पहनने में दाहिना पाँव पहले और उतारने में पीछे हो”
(तिर्मिजी 1779)
#HadithOfTheDay
नबी करीम (सल्ल०) ने फ़रमाया,
जो कोई लोगों का माल क़र्ज़ के तौर पर अदा करने की नीयत से लेता है
तो अल्लाह तआला भी उसकी तरफ़ से अदा करेगा और जो कोई न देने के लिये ले तो अल्लाह तआला भी उसको तबाह कर देगा।
Sahih Bukhari 2387
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
“जस चीज में भी बेहयाई आ जाती हैं इसे ऐबदार कर देती है और जिस चीज ने हया आ जाती है उसे जीनत बख्शती है”
(तिर्मिजी 1973)
#HadithOfTheDay@_DailyHadith__
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
जब तुम जनाज़ा (आता ) देखो तो खड़े हो जाओ यहाँ तक कि जनाज़ा तुम से आगे गुज़र जाए या (ज़मीन पर) रख दिया जाए❗️
📘(नसाई:1917)
#अदल_तौहीद
दो ऐसे गुनाह जो दुनियां में सज़ा मिल जाती है
रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
"दो ऐसे गुनाह है जिनकी सज़ा दुनियां में ही दी जाती है वो है ज़ुल्म और मां बाप की नाफरमानी।
📗(सिलसिला सहीहा 320)
@_DailyHadith__@muwahid_786
उस जात की कसम जिसके हाथ में मेरी जान है तुम दूसरों को नेकी का हुक्म देते रहो और बुराई से रोकते रहो वर्ना अल्लाह तुम पर अजाब नाज़िल कर देगा, फिर तुम उस से दुआ करोगे फिर वो तुम्हारी दुआ न कबूल करेगा ( तिरमिज़ी)
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
“बेहतरीन माल यह की आदमी के पास अल्लाह को याद करने वाली ज़ुबान हो, शुक्रगुज़ार दिल हो और इसकी बीवी ऐसी मोमिना औरत हो जो इसके ईमान को पुख़्तातर बनाने में मददगार हो”
(तिर्मिजी 3094)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
“जस चीज में भी बेहयाई आ जाती हैं इसे ऐबदार कर देती है और जिस चीज ने हया आ जाती है उसे जीनत बख्शती है”
(तिर्मिजी 1973)
#HadithOfTheDay
नबी करीम (सल्ल०) ने फ़रमाया,
''कोई शख़्स अपने किसी दीनी भाई की तरफ़ हथियार से इशारा न करे क्योंकि वो नहीं जानता। मुमकिन है
शैतान उसे उसके हाथ से छुड़वा दे और फिर वो किसी मुसलमान को मार कर उसकी वजह से जहन्नम के गढ़े में गिर पड़े।"
Sahih Bukhari 7072
#Hadith#HadithOfTheDay
नबी ﷺ ने फरमाया:
*❝किसी इंसान के झूठा होने के लिए इतना ही काफी है कि वह हर सुनी-सुनाई बात को (बिना तहकीक़ के) आगे बयान कर दे।* ❞ ...!!!
(सहीह मुस्लिम: 5)
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
“अल्लाह त’आला ने सौ रहमतें पैदा की, और एक रहमत अपनी मख़लूक़ के दरमियान दुनिया में रखी जिसकी बदोलत वह दुनिया में एक दूसरे के साथ रहमत व शफ़कत से पेश आते है, जबकि अल्लाह के पास निन्नानवे रहमतें है”
(तिर्मिज़ी 3541)
#HadithOfTheDay
हुज़ूर ﷺ ने फरमाया:-
“सुद के बहत्तर दर्ज़ा है, इसका सबसे कमतरीन दर्ज़ा आदमी का अपनी माँ से जिना करने के बराबर है और सबसे बड़ा दर्ज़ा किसी मुसलमान की इज़्ज़त ख़राब करना है”
(सिलसिला 1250)
#HadithOfTheDay