मोदी सरकार के राज में देश की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का सिलसिला लगातार जारी है! कभी देश की संपत्तियों को न बेचने का दावा करने वाली भाजपा सरकार आज उन्हीं संपत्तियों के निजीकरण में जुटी है। अब IDBI बैंक भी सरकार के निशाने पर है, जिसके विनिवेश के फैसले ने बैंक कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है।
सरकार के इस फैसले के विरोध में IDBI बैंक के कर्मचारी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि IDBI बैंक सिर्फ एक वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका, कर्मचारियों की पेशेवर पहचान और दशकों की समर्पित सेवा से निर्मित एक विरासत है।
बैंक कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण और वर्षों के योगदान से खड़ी हुई इस संस्था के भविष्य को केवल मुनाफे और निजीकरण के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और आम जनता के हितों की रक्षा करना भी है।
देश की संपत्तियों को बेचकर अपनी जिम्मेदारियों से बचना समाधान नहीं है! मोदी सरकार को कर्मचारियों की आवाज़ सुननी चाहिए और IDBI बैंक की सार्वजनिक पहचान, कर्मचारियों के हितों तथा देश की इस महत्वपूर्ण वित्तीय विरासत की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
#SaveIDBIBank
Behind every achievement are dedicated employees who serve customers and build trust. Their concerns about job security, career progression and service conditions must not be overlooked in decisions about the bank's future.
✊ Respect employees. Protect their interests. Hear their voices!
#IDBINorForSale #StopPrivatisation #SaveIDBI
#IDBINotForSale
Post no.226 #idbinotforsale
WE, THE EMPLOYEES OF IDBI BANK, OPPOSE PRIVATISATION!
IDBI Bank is not just a financial institution,it is our livelihood, our professional identity, and a legacy built through decades of dedicated service @Cockroachisback@dhruv_rathee
उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में हमारी आवाज़ न रुकेगी, न दबेगी! ✊
देहरादून में प्रदेश प्रभारी @Kumari_Selja जी के नेतृत्व में कैंडल मार्च में शामिल होकर अंकिता को न्याय और कथित VIP से जुड़े सवालों के निष्पक्ष जवाब की मांग उठाई।
जब तक न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा!
शामिल होकर अंकिता को न्याय और कथित VIP से जुड़े सवालों के निष्पक्ष जवाब की मांग उठाई।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर हर रोज़ कांग्रेस का कोई न कोई अभियान रहता है, आज फिर दिल्ली में जंतर मंतर रोड पर NSUI ने प्रदर्शन किया, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका।
🏦 BANKS SERVE PEOPLE, NOT JUST PROFIT!
The future of IDBI Bank matters to employees, customers, farmers, MSMEs and ordinary citizens. Public interest, financial inclusion and employment concerns deserve serious consideration.
📢 Raise your voice for IDBI Bank!
#idbinotforsell #IDBINotForSell #SaveIDBI #BankBachaoDeshBachao
#StopPrivatisation
🏦 BANKS SERVE PEOPLE, NOT JUST PROFIT!
The future of IDBI Bank matters to employees, customers, farmers, MSMEs and ordinary citizens. Public interest, financial inclusion and employment concerns deserve serious consideration.
📢 Raise your voice for IDBI Bank!
#idbinotforsell #IDBINotForSell #SaveIDBI #BankBachaoDeshBachao
#StopPrivatisation
उत्तराखंड में निवेश के नाम पर धामी सरकार का फ़र्ज़ीवाड़ा - और यह BJP ‘डबल इंजन' मॉडल का एक और नमूना है।
Global Investors Summit का ढिंढोरा पीटा गया: 1,779 MoU, ₹3.56 लाख करोड़। रोडशो पर जनता के लगभग ₹100 करोड़ ख़र्च हुए | फिर सरकार ने ₹1 लाख करोड़ को "ज़मीन पर उतरा निवेश" बताया।
Newslaundry ने जाँचा कि यह निवेश किसका है:
* आटा चक्कियाँ, खाद-बीज की दुकानें और छोटे क्लीनिक "निवेशक" गिन लिए गए। कुछ को पता तक नहीं था।
* ₹35,279 करोड़ - यानी 35% - सरकारी बिजली कंपनियों के हैं।
* CSR और दान से चलने वाले एक स्कूल को ₹24.49 करोड़ का "निवेशक" बताया गया। * ₹1,200 करोड़ के "निवेशक" की कमाई चार साल से शून्य है, और रिकॉर्ड में उसका एक भी कर्मचारी नहीं।
* दुबई-लंदन के रोडशो से ₹27,975 करोड़ का दावा हुआ, पर "ज़मीन पर उतरे" निवेशकों की सूची में इन दोनों शहरों की एक भी कंपनी नहीं।
और समिट से सिर्फ़ सात दिन पहले, 1 दिसंबर 2023 को, "निवेश" की परिभाषा ही ढीली कर दी गई। इसे कहते हैं: पहले नियम बदलो, फिर आँकड़े बताओ।
मुख्यमंत्री 3,300 "निवेशकों" की पूरी सूची सार्वजनिक करें। निवेश कागज़ पर। रोज़गार नारों में। और उत्तराखंड के युवाओं के हिस्से - पेपर लीक।
@newslaundry@Basantrajsonu
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बैंककर्मिओं के कामकाज की हालत,काम का दबाव टारगेट का "टॉर्चर"अब बहुत जानलेवा हो गया है!
सिर्फ चंडीगढ़ में पंजाब एंड सिंध बैंक में पिछले तीन दिन में दो बैंककर्मिओं ने सुसाइड कर लिया है!
इनकी कोई बात सुनने वाला नहीं है! लाखों बैंककर्मिओं की काम करने की दशा पर बात कीजिये!
खाताधारकों के लिए जरूरी सूचना!
यदि आपके खाते में पिछले 3 वर्षों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है और कोई शेष राशि नहीं है, तो 10 नवंबर 2026 तक अपनी होम ब्रांच में KYC दस्तावेज़ जमा करें।
अधिक जानकारी के लिए अपनी नज़दीकी शाखा से संपर्क करें या 1800 30 30 पर कॉल करें।
#CentralBankOfIndia #CentralToYouSince1911 #KYC