मैं @RahulGandhi जी लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हूं। बस अफसोस इस बात का है कि मेरे पास देने के लिए एक ही जीवन है। जीवन में घर परिवार को छोड़ के अगर किसी से मोहब्बत हुई है तो सिर्फ ये हैं। कोई महत्वाकांक्षा नहीं है, बस इस शख्स को एक बार देश की बागडोर मिल जाए ये चाहत है।
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
@AshokShrivasta6 तुम दलाल हो, ऐसा लग्नरह है कि आप की माता जी आशा राम की भक्त है इसलिए आप कांग्रेस पर गुस्साए हुए हैं कि कांग्रेस ने क्यों आशा राम को जेल भेजवाया।
NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
बिहार के छात्रों का सवाल बहुत सीधा है - भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी क्यों? पेपर लीक के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं? और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कब तक?
BPSC की परीक्षाओं का विवाद आज का नहीं है। छात्र लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, देरी और पारदर्शिता को लेकर सड़कों पर हैं।
पर सरकार जवाब देने के बजाय कर क्या रही है? लाठी और वॉटर कैनन चला रही है। छात्रों को हिरासत में ले रही है। सीवान में तो प्रदर्शनकारियों पर AK 47 द्वारा गोलीबारी तक सामने आई।
यह सिर्फ़ पुलिस की कार्रवाई का सवाल नहीं। यह उस BJP सरकार की मानसिकता का सवाल है, जिसके पास जवाब नहीं हैं - इसलिए वह पुलिस को जवाबदेही से बचने का हथियार बना रही है।
BJP सरकार यह समझ ले - लाठी से सवाल नहीं रुकते। डराकर किसी का भविष्य नहीं छीना जा सकता।
बिहार के छात्र सवाल पूछते रहेंगे। और अब सिर्फ़ जवाब नहीं - जवाबदेही चाहिए।
#ChhatronKiGoonj
महाराष्ट्र के छात्रों ने एक लड़ाई जीत ली है।
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा और पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द हुई - यह सरकार की मेहरबानी नहीं, उन छात्रों की जीत है जो मार्च में ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक के बाद से डटे रहे।
दबाव झेला, तानें सुने, महीनों इंतज़ार किया - पर आवाज़ उठाना नहीं छोड़ा। आप सब पर गर्व है।
पर याद रखिए - एक परीक्षा रद्द होना जीत है, न्याय नहीं। जब तक लीक कराने वालों को सज़ा नहीं मिलती, यह लड़ाई अधूरी है।
आगे और लड़ाइयां हैं। और हर एक में मैं आपके साथ हूं।
हमें इस पूरे system को ठीक करना है - ताकि हर बच्चे के लिए शिक्षा बेहतर हो, और मेहनत का दाम हर किसी को मिले।
#ChhatronKiGoonj
Deeply concerned by the devastating flash floods in Nepal, where hundreds of people, including Indian pilgrims have gone missing.
My heartfelt condolences to the bereaved families of those who have lost their lives. My thoughts are with the families anxiously waiting for news of their loved ones.
I urge the Government of India to make every possible effort, in close coordination with the Nepalese authorities, to locate the missing Indian citizens and ensure their safe return.
I stand in solidarity with the people of Nepal and everyone affected by this tragic disaster.
सड़क के बीच तालाब देख लो Fraands
मोदी जी ने नई टेक्नोलॉजी से सड़क बनवाई है। साल के 6 महीने सड़क, 6 महीने तालाब।
मछली पालन करो, डुबकी लगाओ, मज़े करो 😉
📍IFFCO चौक, गुरुग्राम
सावन की पावन बेला में महादेव का रुद्राभिषेक कर देशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। 🙏🔱
महादेव की कृपा हर घर पर बनी रहे और हमारा देश सदैव खुशहाल रहे।
हर हर महादेव! 🚩
साहिल की FIR दर्ज न होने देने का एक ही मतलब है -
नरेंद्र मोदी और अमित शाह के राज में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर खुलेआम पैलेट गन चलाई जा सकती है, मगर उन्हें इंसाफ नहीं मिल सकता।
जब तक FIR दर्ज नहीं होती, जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता - हम डटे रहेंगे।
लक्ष्य न्याय है और वो हर हाल में लेकर ही रहेंगे।
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।