पेपर लीक होने पर हैरान न हों। जब राम मंदिर में भर्ती घोटाला हो गया तो सरकार की भर्ती में घोटाला क्यों नहीं होगा? अमृत काल में घोटाले की मांग कीजिए । आपको प्रधान बनने का मौका मिलेगा और अगर इसका विरोध करेंगे तो यह फ़िल्म नहीं है कि धर्मेंद्र बनने का मौका मिल जाएगा। जेल ज़मानत के डर से भारत की जवानी दीवारों पर लिखने लगी है पवन को पुष्पा से प्यार है। भारत की जवानी की कोई कहानी नहीं है।
मंदिर में पुजारी की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकला, इंटरव्यू हुए और चढ़ाने की गिनती के लिए रिश्तेदारों को रख लिया गया। राम मंदिर के भीतर भर्ती घोटाला हो गया है। FIR में जिन आठ लोगों के नाम हैं, उनमें से पाँच चंपत राय और अनिल मिश्रा से जुड़े हैं।
सत्य और धर्म को स्थापित करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और उनके करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ जो चोरी और लूट का कपटपूर्ण कृत्य किया गया है, उसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।
भगवान राम करोड़ों मन का पवित्र भाव हैं। उसी पवित्र भाव से लोग मंदिर में माथा टेकते हैं और दान करते हैं। राम मंदिर में चोरी करने वालों ने धर्म और आस्था की मूल भावना को खंडित करने का महापाप किया है।
यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि क्या छोटे कर्मचारी अकेले CCTV बंद कर हजारों करोड़ के चढ़ावे में हेराफेरी कर सकते हैं, या इसके पीछे कुछ बड़े लोगों की मिलीभगत है?
इस मामले में जांच के नाम पर लीपापोती करने की जगह पारदर्शी तरीके से जांच हो और जो भी लोग इस चौर्य कर्म में संलिप्त हैं, उन्हें कड़ी सजा मिले।
वो क्या करेंगे दूध का दूध और पानी का पानी
लालच ने मार दिया है जिनकी आँख का पानी
गणित की पढ़ाई करने का क्या फ़ायदा जब गिनती में ही हेराफेरी हो गई, सोने-चाँदी में घटतोली हो गई, ज़ेवरातों की चोरी हो गई। उनके चिराग तले अंधेरा नहीं, भ्रष्टाचार का घोर अंधकार भरा पाताल निकाला।
लोग उनकी बात पर एतबार करके पछताए हैं
जिन्होंने ख़ुद के ही गुनाहों के मुक़दमे हटाए हैं
वैसे पता नहीं लोग ये क्यों पूछ रहे हैं : अयोध्या से गोरखपुर कितनी दूर है?
जनवरी 2024 की मीडिया रिपोर्ट में मंदिर की सुरक्षा को लेकर खूब सारी ख़बरें हैं। 10,000 CCTV कैमरे लगेंगे। AI से कैमरे चलेंगे। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी लगेगी। बीजेपी के नेता से जुड़ी एक प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी को भी सुरक्षा में काम मिला। उस समय की ख़बरें बताती हैं कि इस वजह से कंपनी के शयर उछल गए। इसके बाद भी वहाँ आठ लोग सोना-चाँदी और करोड़ों कैश लेकर आसानी से निकलते रहे? किसी की नज़र नहीं पड़ी कि भाई बोरे में इतना सारा नोट लेकर बाहर कहाँ जा रहे हो? कोई गेट पास होता होगा?
धूम में भी इतनी आसानी से इतना कैश और सोना-चाँदी चोरी नहीं होती है जबकि वह फिल्म है। एक मुट्ठी सोना चुराने के लिए तीन चार दोस्त और उनकी गर्लफ्रैंड बाइक से पूरे देश में चक्कर लगाते हैं। गाना गाते हैं। फिर बिल्डिंग के ऊपर चढ़ जाते हैं और लोहे का दरवाज़ा काट कर एक दोस्त सोने का बैग लेकर बाहर आता है। फिर भागने का सीन होता है और गाना चलता है। तीन घंटे में फिल्म यही बताती है कि सोना या हीरा चुराना आसान नहीं है। अमिताभ बच्चन, शाहरूख़ ख़ान और अभिषेक बच्चन जैसे कई अभिनेताओं ने तिजोरी से सोना और कैश चुराने की एक्टिंग की है। उनकी एक्टिंग में इतनी मेहनत दिखती थी कि कोई बदमाश भी चोरी डकैती छोड़ दे कि इतना स्टंट कौन करेगा।
राम मंदिर में जो डकैती हुई है, उसकी त्रासदी यह है कि धूम टाइप की फिल्म भी नहीं बन सकती। धुरधंर बन सकती है क्योंकि हज़ारों कैमरे और सुरक्षाकर्मियों के होते हुए कोई रोज़ बोरे में या झोले में नोट लेकर निकल रहा है, यह कहानी दर्शक को बोर कर देगी। बाकी जो ख़बर दबानी है, कीजिए, जो ख़बर जारी करनी है वह भी कीजिए। मूल बात है कि जो मन में आए कीजिए। चुनाव आप ही जीतेंगे। यही इस युग का ज्ञानेश है। ज्ञानेश उस अंतिम ज्ञान का नाम है जो सत्य के परे है। चुनाव आयोग से इसका कोई संबंध नहीं है।
@ravish_journo भाई साहब, आपकी 'कविता' और 'तर्क' सुनकर तो लगता है कि अब तथ्यों का कोई मूल्य ही नहीं बचा। सीएम मोहन यादव से जुड़ा कोई सवाल हो या कुछ और, बस एक ही ढाल बची है—'सनातन और हिंदुत्व पर हमला'। कमाल है!
खीरा की खेती लोग खेत से लेकर छपरी- टपरी और गमले में कहीं भी कर लेते हैं। मंत्री ने अपने फार्म के लिए एक करोड़ में एक लाख कम की सब्सिडी ली है तो कुछ सोचा ही होगा। अपनी सरकार है, मंत्री हैं, इतना तो करना ही चाहिए। कौन रोकने वाला है। यहाँ मंदिर में लूट हो गई उस पर कुछ नहीं हुआ। इस देश में लोग सौ सौ करोड़ का खीरा खा सकते हैं। मंत्री को खीरा रत्न का पुरस्कार मिलना चाहिए। रिपोर्ट पढ़ता हूँ । उम्मीद है खीरा फार्म की तस्वीर भी होगी और एनिमल फार्म की भी।
इंडियन एक्सप्रेस ने हिन्दुत्व पर हमला कर दिया ! क्या कह रहे हैं भाई साहब? इसकी जगह आप पांचवी क्लास की कविता पढ़ देते, हम वह भी स्वीकार कर लेते। आप जो कहेंगे वही मानेंगे।
👉Govt says your passport “not a document of citizenship”
▪️But 4 government documents.
▪️Two ministries - Home and MEA.
▪️All live on https://t.co/kvYgi94vwv portals right now contradict the government's statement.
• Home Ministry's OCI portal accepts the passport - ALONE - as “evidence of being a citizen of India.” The same portal says “Indian Passport is given only to an Indian citizen.”
• MEA's own passport application makes you swear under oath that you are a citizen of India before issuing the passport. Lying on it is a criminal offence.
• MEA's own Passport Manual calls the passport “evidence of the citizenship status of an individual.”
• And the Citizenship Rules, 2009 call a passport “conclusive proof of citizenship.
@theprobeindia@premasridevi delve deep to dismantle Modi govt’s claim on the passport not being proof of citizenship.
https://t.co/Q1VWuZ42l6
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
🚨 ब्रेकिंग न्यूज —
बागी सांसदों के संसदीय क्षेत्र में जा कर वोटरों से माफ़ी माँगेंगे।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे उन बागी सांसदों के क्षेत्र में जाएँगे जिन्होंने उद्धव ठाकरे को धोखा दिया है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि ,
“ मैं उन सभी इलाकों में जाकर वोटरों से मांगी मांगूंगा जहां हमने ऐसे लोगों को उम्मीदवार बनाया था , जिसने पार्टी को धोखा दिया
ये मेरी गलती है और मैं इस गलती को मानता हूं क्यूंकि आप सबने मेरे कहने पर ही ऐसे सांसदों को वोट दिया था ,,
बागी सांसदों के क्षेत्र में हालाँकि विरोध की शुरुआत पहले ही हो चुकी है , यूबीटी के समर्थकों ने पहले से विरोध करना शुरू कर दिया था।