@AgriGoI@PMOIndia@ChouhanShivraj महोदय एग्रोमेट एडवाइजरी बुलेटिन कृषि मौसम वैज्ञानिक देते है उनको तो IMD और ICAR ने बंद कर दिया है तो अब सब्जी वैज्ञानिक से ये एग्रोमेट एडवाइजरी दिलवाना चाहते है क्या?
हम सरकार से निवेदन करते है वे DAMUs की सेवाओं को बिना किसी विघ्न के जारी रखें, क्योंकि यह कदम किसानों की भलाई, कृषि क्षेत्र के विकास,देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। इन इकाइयों का संचालन न केवल किसानों के लिए बल्कि समग्र कृषि विकास के लिए भी फायदेमंद है।
हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि 199 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) में स्थापित जिला कृषि-मौसम इकाइयों (DAMUs) की सेवाओं को बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और इन्हें जारी रखा जाए। कृषि क्षेत्र में मौसम आधारित कृषि सलाहकार सेवाओं का महत्व दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है, विशेष रूप से जब हम वर्तमान में जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं। DAMUs ने किसानों को सूक्ष्म/ब्लॉक स्तर पर मौसम पूर्वानुमान आधारित सलाह प्रदान करके उनके कृषि कार्यों में बेहद मदद की है। इन इकाइयों द्वारा प्रदान की जाने वाली सलाह किसानों को उपयुक्त किस्म का चयन करने, सही समय पर बुआई करने, सिंचाई की आवश्यकता, रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का सही उपयोग, और फसल की कटाई के समय के बारे में मार्गदर्शन करती है। इस प्रकार, ये इकाइयाँ किसानों को जलवायु परिवर्तन और मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण उपकरण प्रदान करती हैं, जिससे न केवल उनकी कृषि उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि उनकी लागत भी कम होती है।
इसके अतिरिक्त, जिला कृषि-मौसम इकाइयाँ प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना (PMFBY) के तहत फसल बीमा लागत को भी कम करने में मदद करती हैं, क्योंकि ये इकाइयाँ किसानों को सही समय पर मौसम के बारे में जानकारी देती हैं, जिससे वे अपनी फसल के लिए बेहतर तैयारी कर पाते हैं और बीमा के लिए उचित दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उनके जीवनस्तर में सुधार करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर DAMUs को बंद कर दिया जाता है, तो इसके सीधे-सीधे नकारात्मक प्रभावों का सामना कृषि क्षेत्र को करना पड़ेगा, जिसमें कृषि उत्पादन में कमी, किसानों की आय में गिरावट और खाद्य सुरक्षा पर खतरा शामिल होगा।
हम सरकार से निवेदन करते हैं कि वे DAMUs की सेवाओं को बिना किसी विघ्न के जारी रखें, क्योंकि यह कदम किसानों की भलाई, कृषि क्षेत्र के विकास और देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। इन इकाइयों का संचालन न केवल किसानों के लिए बल्कि समग्र कृषि विकास के लिए भी फायदेमंद है।
@narendramodi@DrJitendraSingh@PMOIndia@ChouhanShivraj@NITIAayog
किसानों की आत्महत्या और उनकी मुश्किलें कम करने का नया तरीका खोज लिया - उनकी मदद करने वाले DAMUs ही बंद कर दो। कह दो कि हम अमृतकाल में हैं, किसान खुद को अमृत पिलाकर जिंदा रखें।
किसानों की आय दुगुनी करने वाले थे, अब सीधा उनकी सुविधाएं आधी करने पर उतर आए हो। खेती में जलवायु परिवर्तन और मौसम की मार से लड़ने का एकमात्र वैज्ञानिक साधन खत्म करने की सोच, मतलब किसानों को बाढ़-सूखा के भरोसे छोड़ दिया। #NewIndia की नई क्रांति: बिना किसान, बिना खेती, बिना फसल।
PMFBY का ढोल पीटने वालों से पूछो, किसानों के नुकसान की भरपाई का सिस्टम ही अगर खतरे में डाल दोगे तो योजना का तमाशा किसे दिखाओगे? लेकिन अडानी के गोदामों में गेहूं-सब्जी जमा करने का विज्ञान जारी रहेगा, क्योंकि असली भलाई तो दोस्तों की करनी है।
किसान भला करे सरकार का, जो इतने विजनरी कदम उठा रही है। सिर्फ सड़कों पर किसान आंदोलन बढ़ाने का नया मौका दे रहे हो।
@HansrajMeena किसान हितकारी जिला कृषि मौसम योजना को पुनः शुरू करना चाहिए जिससे किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि परामर्श मिल सके और उनकी कृषि आय में वृद्धि हो सके।
Govt discontinued 200 DAMUs having 400 scientific staff who provided free of cost agromet advisories to millions of farmer now govt privatise this with AWS installation, observation, dissemination of information now reliability, trust, accuracy is major concern now @rishpardikar
Why IMD has shut down 199 district agro-meteoreological units (DAMU) in Jan 2024?
These units provided all farmers at the block-level free-of-cost weather advisory services, crucial info related to sowing, use of fertilisers, harvesting & storing crops @PMOIndia@ChouhanShivraj
देश भर के किसानों को सेवा प्रदान करने वाली इस सेवा का डंका बजाया था मंत्रीजी ने कुछ साल पहले। आज वोही सेवा चुपचाप से बंद कर दी गई है। किसान और वैज्ञानिक दोनों इंतजार में हैं की सेवा फिर से शुरू हो और किसानों का कुछ फायदा हो। उनकी आय दोगुनी करने की बात तो आई गई हो गई है अब।
देश की प्रतिष्ठित @PTI_News के हवाले से निकली खबर सत्यता की पुष्टी करती है? इन्होंने अधिकारी के हवाले से जो खबर प्रदर्शित किया है इसमे 199 #DAMU के 398 कर्मियो की सांसें टंगी है। कृपया इसकी सत्यता की जाँच करें
@PTI_NewsAlerts @PTIofficial@PTI@ptifactcheck@DrFauziaKhanNCP@ANI