इस ध्वनि को हमारे ऋषियों ने ऊँ का नाम दिया है। ब्रह्माण्ड का आदि और अंत सब ॐ है। इसके नाद में प्रलय को आमंत्रित करने की क्षमता है एवं ब्रह्माण्ड की किसी भी अन्य वस्तु, प्राणी, ग्रह, आदि से अधिक प्रभावशाली है। हम कहें तो अंधविश्वास, @NASA कहे तो विज्ञान।
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