नौकरी माफिया के चेले जेन्युइन का ढोल पीटकर नाच रहे हैं। इन्हें न्याय चाहिए, लेकिन जैसे ही #CBI_FOR_JSSCCGL की बात होती है, नौकरी माफिया और उसके चेलों की बोलती बंद हो जाती है। आखिर CBI जाँच से इतना डर क्यों?
#CBI_FOR_JSSCCGL
BDM, AIGETOA और BTEU की स्पष्ट मांग — BSNL में 3rd PRC को तत्काल लागू किया जाए और Affordability Clause को बिना किसी देरी के समाप्त किया जाए।
यह कैसी विडंबना है कि BSNL की नीतियां बनाने वाले अधिकारियों को 7वें वेतन आयोग (7th CPC) का लाभ मिल रहा है, जबकि कंपनी के नियमित कर्मचारी आज भी 3rd PRC से वंचित हैं। यह भेदभाव अब और स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हम प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों और नियमित कर्मचारियों के बीच वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं में पूर्ण समानता की मांग करते हैं।
BSNL के कर्मचारियों ने कंपनी के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब समय आ गया है कि उनके साथ न्याय किया जाए।
3rd PRC लागू करो। Affordability Clause हटाओ। वेतन असमानता समाप्त करो।
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#BDM #AIGETOA #BTEU #3rdPRC
@PMOIndia@JM_Scindia@DoT_India@PemmasaniOnX@DrJitendraSingh@mansukhmandviya@CMDBSNL@BSNLCorporate@ETTelecom@BDM_BSNL@BMSkendra@BmsBojji@GSAIGETOA@gsbteubsnl
🚨BSNL: भारत की सरकारी कंपनी नहीं, सरकार की सबसे बड़ी नाकामी😡
BSNL कभी भारत की रीढ़ थी। देश के सबसे दूर-दराज़ इलाकों में
जहाँ कोई प्राइवेट कंपनी जाना नहीं चाहती थी, वहाँ BSNL का टावर खड़ा था।
• पहाड़
• जंगल
• सीमावर्ती गांव
• नक्सल प्रभावित इलाके
👉🏻BSNL ने मुनाफ़ा नहीं, सेवा चुनी।
❗ फिर सवाल उठता है:- अगर BSNL इतनी जरूरी थी,तो आज ये पीछे क्यों है?
क्योंकि इसे पीछे रखा गया, खुद से पीछे नहीं हुई।
🔴 सरकार ने BSNL के साथ क्या किया?
1️⃣ जानबूझकर 4G/5G में देरी-
जब निजी कंपनियां 2016–17 में 4G रोलआउट कर रही थीं,
BSNL को सालों तक 4G की अनुमति ही नहीं दी गई।
फाइलें घूमती रहीं, कमेटियां बनती रहीं, निर्णय टलते रहे।
📌 नतीजा: ग्राहक मजबूरी में प्राइवेट नेटवर्क पर शिफ्ट हुआ।
2️⃣ बजट काटो, फिर कहो “परफॉर्म नहीं कर रही”-
BSNL को
• समय पर फंड नहीं
• अपग्रेड के लिए पैसा नहीं
• मार्केटिंग की इजाज़त नहीं
और फिर कहा गया — “देखो BSNL घाटे में है।”
📉 ये घाटा नहीं, नीतिगत हत्या थी।
3️⃣ टावर तो BSNL के, फायदा प्राइवेट का-
BSNL के टावर आज भी देश के सबसे ज्यादा हैं।
लेकिन:
• शेयरिंग पॉलिसी में BSNL को नुकसान
• प्राइवेट कंपनियों को सस्ती पहुंच
• रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा बाहर
BSNL ढांचा बनाती रही, मुनाफ़ा कोई और ले गया।
4️⃣ कर्मचारियों को विलेन बना दिया गया-
जब घाटा दिखाने की जरूरत पड़ी, उंगली कर्मचारियों पर उठा दी गई।
VRS थोप दी गई। हजारों अनुभवी कर्मचारी बाहर।
📌 लेकिन न टेक्नोलॉजी दी, न मैनेजमेंट आज़ाद किया।
5️⃣ सरकार खुद नहीं चाहती थी कि BSNL मजबूत हो-
क्योंकि अगर BSNL मजबूत होती तो:
• टैरिफ नहीं बढ़ पाते
• मोनोपोली नहीं बनती
• जनता के पास सस्ता विकल्प रहता
📡 BSNL मजबूत = Jio–Airtel–Vodafone का खेल खत्म।
इसलिए BSNL को ज़िंदा रखा गया, मजबूत नहीं बनने दिया गया।
🔥 आज की सच्चाई
आज जब तीनों प्राइवेट कंपनियां एक साथ टैरिफ बढ़ाती हैं, तो साफ दिखता है —
❌ कॉम्पिटिशन खत्म
❌ विकल्प खत्म
❌ रेगुलेटर चुप
❌ सरकार मूकदर्शक
और जनता मजबूर।
📌 कड़वा सच
BSNL घाटे में नहीं है। BSNL को घाटे में रखा गया है।
क्योंकि BSNL एक कंपनी नहीं, मोनोपोली के खिलाफ आख़िरी दीवार है।
📢 अगर सरकार सच में “जनहित” चाहती है तो:
• BSNL को पूरा 4G/5G स्पेक्ट्रम दे
• फंड और फैसले समय पर दे
• इसे राजनीतिक बंधन से मुक्त करे
• और प्राइवेट कंपनियों जैसा मैदान दे
वरना हर टैरिफ बढ़ोतरी पर सरकार की चुप्पी भी इस लूट में साझेदारी मानी जाएगी।
📡 BSNL बचेगी तो जनता बचेगी। नहीं तो “डिजिटल इंडिया”
सिर्फ महंगे बिलों का नाम रह जाएगा।
@DoT_India@Officejmscindia@PMOIndia
Sir,BSNL's direct recruiter JEs/JTO is being treated unfairly in 3rd PRC wage negotiation.The pay agreement doesn't provide a standard scale,as most of its leaders are retirees,whose issues are pensions and scale stagnation.
#Juctice4BSNLJE