सही बात है। विपक्ष की राजनीति पचास के दशक में बड़ी आसान थी जब एस पी मुखर्जी को जेल में मार दिया गया। साठ के दशक में और आसान तब हुई जब दीनदयाल जी को मार दिया गया। सत्तर के दशक में तो हलुआ थी जब विपक्ष को जेल में ठूँस कर संविधान तक में संशोधन संसद से पास करवा लिए गए। दो हज़ार चार से चौदह तक तो विपक्ष की राजनीति रबड़ी थी!
बस पिछले दस वर्षों से आसान नहीं है क्योंकि विपक्ष डेढ़ दर्जन बार कोशिश करने के बावजूद लोकतंत्र को बचाने के नाम पर देश में आग नहीं लगा पा रहा है। बिल्कुल आसान नहीं है विपक्ष की राजनीति क्योंकि देश की जनता हर बार विपक्ष के आगे खड़ी होकर उसे हरा देती है, पोलिंग बूथ में भी और उसके बाहर भी।
Rahul Gandhi is protesting at Akashvani Bhavan and has ordered lunch from Khan Chacha in the middle of the afternoon.
The food package has a red mark on it, which is used as a non vegetarian sign. Even the roll packaging has the FSSAI’s red mark for non vegetarian food.
So, during Pitru Paksha, on a Tuesday, did Rahul Gandhi also sit down to eat a chicken roll? 🤔
I honestly have no idea. Someone please check and let me know.
Instagram is suddenly full of reels brutally mocking CJP and its leaders.
CJP is also losing followers on Instagram.
Most likely, the reports of CJP protesters attacking Delhi Police and CISF personnel with a knife have made people distance themselves from CJP.
इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी ECI वाली रिपोर्ट वापस ले ली है, क्या इन पर मनगढ़ंत, बिना तथ्यों के रिपोर्ट छापने पर कोई कार्यवाही नहीं होगी, इस रिपोर्ट के कारण जो अराजकता मचाई गई उसकी भरपाई कौन करेगा 🙄😐😑
‼️INDIAN EXPRESS HAS RETRACTED THE ECI ARTICLE.
Indian Express withdrew its ECI report, now questions are being raised over payments linked to Congress.
Advocate Jethmalani published an expose how ₹81 Lakhs was paid to IE from Congress.
IE Fake report has started the fire 🔥
1960-61 में नेहरू जी भारत के प्रधानमंत्री थे
उस वक्त सोवियत संघ के मदद से भारत में तमाम फैक्ट्रियां लगनी शुरू हुई तो साइकिल की सेल बढ़ गई हालांकि उसे जमाने में भी मोटर कर और बाइक थी एचडी जावा जैसी बाइक थी लेकिन वह उच्च वर्ग के लोग ले सकते थे मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग साइकिल ही खरीद सकता था
उस वक्त ज्यादातर साइकिल विदेश से आई थी जिसमें BSA रेले नंबर वन थी जो ब्रिटेन से आती थी तब नेहरू जी साइकिल की कीमत का 10% आयात कर वसूलते थे और प्रतिवर्ष एक रुपया 10 पैसा साइकिल टैक्स लेते थे लाइसेंस फीस
जबकि उस वक्त के लेबर फोर्स को लोगों को साइकिल की बहुत जरूरत थी
हमारे नेहरू जी कितना दूरदर्शी थे
और कांग्रेसी कहते हैं कि भारत में कभी कोई टैक्स था ही नहीं टैक्स तो 2014 के बाद नरेंद्र मोदी जी ने वसूलना शुरू किया
Meet Mrinal Pande
Chairperson Prasar Bharati during UPA era
I wrote something about Captain Smit Machchar saving hundreds of lives on the Flydubai plane
She quotes it and goes on rant about Hindu divorces and adoptions or something
These people are considered real journalists
यह क्या हो रहा है पंजाब में, पर मेन स्ट्रीम मीडिया वहाँ की क़ानून व्यवस्था पर न कुछ बोलती है न दिखाती है, क्या विज्ञापन के लिए पत्रकारिता को बिल्कुल बेच दोगे 🙄😐😑