Swatantra Bhardwaj का साथ दे रही है दिल्ली पुलिस? एक दलित का सिर फोड़ने के बाद भी ये खुलेआम धमकी दे रहा है और दावा कर रहा है कि दिल्ली पुलिस और बीजेपी के बड़े नेता उसके साथ हैं...
@vinay_sultan
ये मुसलमान है। ये महिला है। ये पत्रकार है। ये Gen-Z है।
जुर्म इतना है कि देशभक्त महिला पत्रकार ने दिल्���ी के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल पूछ लिया। फिर अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से इस बहन की पिटाई कर दी।
मोदी जी के अमृतकाल वाले कथित न्यू इंडिया में अब मुसलमान होना, महिला होना और निष्पक्ष पत्रकार होना, सबसे बड़ा गुनाह है।
भाजपा ने पूरे देश में सत्ताई निरंकुशता की हर सीमा को लाँघ दिया है। निरंकुश भाजपा सरकारों से अब सवाल पूछना उनकी आलोचना करना ही सबसे बड़ा अपराध है।
दिल्ली हो या बिहार, हर जगह कायर भाजपाई अब पुलिस से पत्रकारों को पिटवा रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा के शासनकाल में संवैधानिक संस्थाएं और पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक बन गई है।
23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।
वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।"
तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?
“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”
आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
ये वीडियो आपको ज़रूर ज़रूर देखना चाहिए। आपका खून खौल उठेगा।
क्या भगत सिंह जैसे वीरों ने इसलिए कुर्बानी दी थी कि एक दिन देश को ऐसा प्रधान मंत्री मि��ेगा जो सरे आम ऐसे गुंडों को बचाएगा?
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
यह बेहद शर्मनाक और पत्रकारिता की आज़ादी पर हमला है। इस पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
क्या इस देश में अब एक मुसलमान को पत्रकारिता करने की भी इजाज़त नहीं है? क्या एक मुस्लिम महिला पत्रकार रिपोर्टिंग नहीं कर सकती, मुख्यमंत्री से सवाल नहीं पूछ सकती?
We stand with Shaheen Khan and @4pmnews_network
ये कोई स्वतंत्र भारद्वाज है, मुस्लिम महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहा है। साथ ही एक छात्रा का नाम लेकर कह रहा है कि उसके पिता को सर में चोट लगी, 307 का मामला दर्ज हुआ, लेकिन वो गिरफ्तार नहीं हुआ क्यूंकि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान उसके बड़े भाई हैं। यही नहीं वो मोदी जी को भी बड़ा भाई बता रहा.
ये है भाजपा सरकार द्वारा पोषित अपराधियों का हाल, ख़ुद कैमरे पर बता ��हा है कि जिस अपराध में इसे 307 में जेल में होना चाहिये था उसमें ये बाहर घूम रहा है।
@DelhiPolice आप सुन रहे हैं ??
यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट ���ें प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
निशु आजाद के बाप का हमने सर फाड़ा 7 टांके आए
आपको पता है इसमें कौन सी धारा लगता है हाफ मर्डर 307
बंदा ���ंबुलेंस पर मरने की स्थिति में जा रहा था
उसकी बेटी थाने के सामने खड़ी होकर रो रही थी
लेकिन हमारे ऊपर हनुमान जी की कृपा है कपिल मिश्रा का हाथ है चिराग पासवान हमारे भाई है मोदी जी हमारा भाई है
बड़े अफसोस की बात है मोदी जी
आप की इन गंडी लोगों से यारी है 😡
गौर से देखो इस युवक को , ये वही है जिसने जंतर मंतर पर एक मासूम नाबालिग लड़की के पिता के सिर को फाड़ दिया था , लेकिन पुलिस ने इसको छुआ तक नहीं ,
क्योंकि कपिल मिश्रा , चिराग पासवान और मोदी जी इसके भाई है , @SauravDassss , @AshutoshRanka
यह रामपुरा का वही स्कूल है जो भैंसों के तबेले में चल रहा था। वहाँ अब काम शुरू हो गया है।
निरीक्षण के दौरान हम पर पत्थर फेंके गए, महिलाओं से मारपीट हुई, गाड़ियों के कांच तोड़े गए। लेकिन जब हमारे बच्चों के लिए एक अच्छा स्कूल बन जाएगा, तो सब worth it होगा!
📍रेवाड़ी, हरियाणा
बस से टक्कर के बाद कार में सवार मुस्लिम परिवार को कथित तौर पर भीड़ ने घेर लिया। परिवार के लोगों को कार से खींचकर बेरहमी से पीटा गया और “मुल्ला-पाकिस्तान भगाओ” जैसे नारे लगाए गए।
आरोप है कि सामान के साथ नकदी भी लूट ली गई और कार में तोड़फोड़ की गई। पीड़ित का कहना है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन मदद नहीं की।
सूरत रेलवे स्टेशन पर स्थित 'दिनेश एसोसिएट्स टी स्टॉल' (Dinesh Associates Tea Stall) के खाने को गर्म रखने वाले वॉर्मर (मशीन) में एक चूहा पफ (Puff) खाते ��ुए नजर आया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने उस फूड स्टॉल को तुरंत सील कर दिया.
देखिए वीडियो -