@priyanka2bharti जनता धर्म, जात और अच्छे दिन की बकचोदी के नाम पर वोट दे कर अपनी खुद ही मरवा रही है, BJP में सारे शेर या बब्बर शेर है वह घास खाएगा नहीं और भूखा कोई मरना नहीं चाहता इसलिए मजबूरी है उनकी तुमको और तुम्हारे बच्चों को खा कर ही तुम्हारे लिए राजा बने रह पाएंगे और चुनो शेर को जंगल का राजा
@maxchandan16@nehafolksinger सही है ... नाले और पुलिया में प्लास्टिक का सरिया, बाइक और कार में गन्ने का रस, जनता की पेलाई में 1000 साल का विजन, मुद्दों की बातों में धर्म की लड़ाई । सही जा रहे हो ।
@RubikaLiyaquat दलाली अब पढ़ने लिखने की बात करती है, पढ़ने लिखने लायक छोड़ा है तेरे अब्बा ने किसी को, शिक्षा चौपट कर के शिक्षित होने की उम्मीद दिमाग घुटना में है तुम्हारे ।
HDFC खाताधारियों से निवेदन है अपने पैसे की सुरक्षा स्वयं करे ,ज़्यादा सवाल करने पर बैंक खाता से नाम काटने & आपको आर्थिक रूप से चौपट करने पूर्व इलेक्शन कमिश्नर राजीव जी को HDFC का चेयरमैन बनाया गया है । आप चाहे तो बैंक बदल सकते हैं जल्द से जल्द ।
प्रिय HDFC बैंक,
आपको बधाई।
बैंकिंग की दुनिया में अब एक नया उत्पाद जुड़ गया है—"सेविंग अकाउंट के साथ साहित्यिक सेवा"। ग्राहक पैसा जमा करने आएगा, तो संभव है कि ब्याज दरों से पहले शायरी की दो पंक्तियाँ भी सुन ले। यह सुविधा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध रहेगी।
वैसे भी हमारे यहाँ योग्यता का मूल्यांकन अब नियुक्ति से कम और निकटता से अधिक होता है। जिस देश में सिफ़ारिश योग्यता की बड़ी बहन बन जाए, वहाँ बैंक भी केवल बैंक नहीं रहते; वे ‘सांस्कृतिक संस्थान’ बनने लगते हैं।
अब ग्राहक यह न पूछे कि उसकी एफडी पर कितना रिटर्न मिलेगा। वह यह पूछे कि अगली ग़ज़ल कब सुनाई जाएगी। लोकतंत्र में सबको अवसर मिलना चाहिए। किसी को नौकरी का, किसी को शायरी का, और जनता को—दोनों का बिल चुकाने का।
जय हिन्द।
@aajtak@anjanaomkashyap अंजना तुम यहां भी गलत हो ,नीचा वही दिखाने की कोशिश करते हैं जो तुमसे ज्यादा ऊंचाई पर होते हैं ताकि तुम्हे इस बात का अंदाजा हो सके कि तुम कितनी नीच या नीचे हो और वह तुमसे कितने उच्य या ऊंचाई पर हैं ।